Monday, March 9, 2026
Homepunjabपूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य और सम्मान पर सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना...

पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य और सम्मान पर सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए: सैलजा

पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य और सम्मान पर सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए: सैलजा

 

-ईसीएचएस बजट वृद्धि और दिव्यांगता पेंशन पर कर प्रस्ताव की पुनः समीक्षा जरूरी

 

-कुमारी सैलजा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे गए पत्र का समर्थन किया

 

सिरसा/नई दिल्ली, 28 फरवरी।

 

सिरसा से कांग्रेस सांसद, कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) से लाखों पूर्व सैनिक और उनके परिवार जुड़े हैं। यदि चिकित्सा बिलों का भुगतान लंबित रहता है और बजट आवंटन आवश्यकता से कम है, तो अस्पतालों की भागीदारी प्रभावित होती है तथा पूर्व सैनिकों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से ईसीएचएस के लिए पर्याप्त बजट सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि किसी भी पूर्व सैनिक को उपचार के लिए आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

 

मीडिया को आज जारी एक बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने दिव्यांगता पेंशन पर आयकर लगाने के प्रस्ताव पर भी गंभीर पुनर्विचार की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता पेंशन आय नहीं, बल्कि सेवा के दौरान लगी चोट या अक्षमता का प्रतिकर है। देश की सेवा करते हुए घायल हुए सैनिकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के सम्मान और कल्याण की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है और केंद्र सरकार को इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

 

बॉक्स

 

धान खरीद घोटाले पर हाईकोर्ट जज से जांच की मांग

 

सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में सामने आए कथित धान खरीद घोटाले को गंभीर मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि 2025-26 में फसल खराब होने के बावजूद धान खरीद के बढ़े आंकड़े संदेह पैदा करते हैं। किसानों के नाम पर किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सैलजा ने पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करवाने, दोषी नेताओं व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा घोटाले की राशि की वसूली की मांग की। उन्होंने कहा कि एमएसपी से कम रेट पर खरीद किसानों के साथ अन्याय है और प्रदेश सरकार को विधानसभा में विस्तृत श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments