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मुख्यमंत्री ने धर्मपत्नी सहित पहले नवरात्र पर किए माता मनसा देवी के दर्शन, लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री ने धर्मपत्नी सहित पहले नवरात्र पर किए माता मनसा देवी के दर्शन, लिया आशीर्वाद

 

प्रदेशवासियों के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की

 

माता मनसा देवी मंदिर की भव्यता बढ़ाने के लिए नए कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी: मुख्यमंत्री

 

चंडीगढ़, 19 मार्च:  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी के साथ चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन पंचकूला पहुंचकर माता मनसा देवी मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की और महामाई का आशीर्वाद लिया। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में पहुंचकर मंत्रोच्चारण के बीच हवन-यज्ञ में भाग लिया और आहुति अर्पित की। इससे पूर्व उन्होंने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त एवं श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री सतपाल शर्मा ने मुख्यमंत्री को माता मनसा देवी का चित्र एवं हिंदू नववर्ष का कैलेंडर सम्मान स्वरूप भेंट किया।

मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज उन्होंने माता मनसा देवी के चरणों में प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। उन्होंने माता से प्रार्थना की कि हरियाणा प्रदेश खुशहाल रहे और निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र हमारी समृद्ध संस्कृति और संस्कारों का प्रतीक हैं। माता मनसा देवी में श्रद्धालुओं की असीम आस्था है और नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं, जिन्हें माता पूर्ण करती हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड द्वारा माता मनसा देवी मंदिर, काली माता मंदिर, कालका और चंडी माता मंदिर में अनेक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता मनसा देवी मंदिर परिसर में संचालित संस्कृत महाविद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त मंदिर को भव्य रूप देने के लिए एक नए कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है, जिसमें लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही काली माता मंदिर कालका और चंडी माता मंदिर, चंडीमंदिर का भी जीर्णोद्धार  किया जा रहा है।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पंचकूला एवं श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट पंचकूला द्वारा आयोजित रक्तदान जागरूकता शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं को बैज लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती निशा यादव, पुलिस उपायुक्त श्रीमती सृष्टि गुप्ता, हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेनू भाटिया, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश देवीनगर, पूर्व मेयर श्री कुलभूषण गोयल, श्री श्यामलाल बंसल, माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सचिव श्रीमती शारदा प्रजापति, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण अत्रे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

क्रमांक-2026

हरियाणा सरकार ने गैर-संचारी रोगों के खिलाफ तेज किए कदम: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

 

कहा ,प्रदेश को गैर-संचारी रोगों से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध

 

चंडीगढ़ , 19 मार्च – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार गैर-संचारी रोगों (एनसीडी), जिनके हृदय संबंधी बीमारियां भी शामिल हैं, की रोकथाम और नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को राज्य के सभी 22 जिलों में लागू किया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के तहत सभी 22 जिलों में एनसीडी क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, 170 उप-मंडल जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 292 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी एनसीडी क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की गैर-संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग की जा रही है। इस स्क्रीनिंग में मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं, जिससे समय रहते पहचान और उपचार संभव हो सके।

राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल पर 31 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 1,01,24,147 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 8,62,764 उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों का उपचार शुरू किया गया है, जो सरकार के सक्रिय प्रयासों को दर्शाता है।

आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य आवश्यक औषधि सूची के अनुसार उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी दवाएं जिलों में उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला के जिला नागरिक अस्पतालों में कैथ लैब और कार्डियक सेंटर जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं स्थापित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए इनकी रोकथाम पर विशेष ध्यान दे रहा है। लोगों को प्रमुख जोखिम कारकों से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गैर-संचारी रोग जागरूकता दिवस भी मनाए जाते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि सरकार प्रारंभिक जांच, बेहतर उपचार और व्यापक जागरूकता के माध्यम से प्रदेश को गैर-संचारी रोगों से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्रमांक -2026

पीएम-आरकेवीवाई: हरियाणा के लिए 1122 करोड़ की कृषि कार्ययोजना स्वीकृत

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एसएलएससी की बैठक

मशीनीकरण, फसल विविधीकरण और सतत कृषि पर विशेष जोर

 

चंडीगढ़, 19 मार्च-प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के अंतर्गत हरियाणा राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1122 करोड़ रुपये की व्यापक वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी है।

यह निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता हुई बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान वर्तमान में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष 2026-27 के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस कार्ययोजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, सिंचाई दक्षता में सुधार करना तथा राज्य में कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है।

श्री अनुराग रस्तोगी ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निधियों के समयबद्ध उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया ताकि इन योजनाओं का लाभ किसानों तक जमीनी स्तर पर पहुंच सके।

बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषोन्नति योजना तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान केन्द्र सरकार ने पीएम-आरकेवीवाई के विभिन्न घटकों के तहत हरियाणा के लिए 318.17 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी, जिसमें से 240.46 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किया जा चुका है। यह उपयोग दर 75 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए केन्द्र सरकार ने हरियाणा के लिए पीएम-आरकेवीवाई के तहत 545.53 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी निर्धारित की है, जबकि राज्य सरकार 363.69 करोड़ रुपये का योगदान देगी। इस प्रकार कुल आवंटन 909.22 करोड़ रुपये होगा।

राज्य में कृषि मशीनीकरण और फसल अवशेष प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए बजट का बड़ा हिस्सा इन क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया गया है। कृषि मशीनीकरण उप-मिशन के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया है। इसके अतिरिक्त फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनका उपयोग मशीनों की खरीद और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से खेत में ही अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए किया जाएगा।

फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के मकसद से भी समिति द्वारा कई पहलों को मंजूरी दी गई। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बागवानी गतिविधियों का विस्तार, फसल कटाई के बाद की अवसंरचना का विकास तथा विपणन सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। कृषि में पानी के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ कार्यक्रम के तहत 160 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

खाद्य सुरक्षा से जुड़ी पहलों के तहत राष्ट्रीय तिलहन मिशन, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन जैसे कार्यक्रमों के लिए भी आवंटन को स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं का मकसद प्रदेश में तिलहन, दलहन और अनाज के उत्पादन को बढ़ाना तथा आयात पर निर्भरता को कम करना है। इसके अतिरिक्त बैठक में राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, जिससे मधुमक्खी पालन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

समिति ने कृषि अवसंरचना विकास से संबंधित कई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें अनुसंधान सुविधाओं को सुदृढ़ करना, सिंचाई संसाधनों में सुधार करना तथा एकीकृत कृषि प्रणाली को प्रोत्साहित करना शामिल है।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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