अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक के दूसरे सत्र में किया स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर दिए अपने सुझाव
प्रदेश के सभी नागरिक मेरा परिवार और परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 9 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के आम बजट को लेकर बजट पूर्व परामर्श बैठकों की श्रृंखला लगातार जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आगामी बजट को लेकर सार्थक संवाद किया। उन्होंने संवाद में शामिल प्रतिनिधियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य को दिशा देने का एक सशक्त अवसर है। उन्होंने सत्र के शुभारंभ में राजा नाहर सिंह को बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, पूर्व मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल के विधायक श्री धनेश अदलखा, एनआईटी के विधायक श्री सतीश फागना व मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विकसित भारत 2047 के संकल्प का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का प्रभार भी है, ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 में विकसित बनाने का संकल्प लिया है। उस संकल्प में हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। बीते माह केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में हरियाणा के विजन डॉक्यूमेंट 2047 को भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इस बार बजट में सभी वर्गों के सुझाव लिए गये है, जिससे यह बजट सरकार का न होकर प्रदेश के जनमानस का बजट होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा ध्येय
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट-पूर्व परामर्श की प्राथमिकता में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य आम नागरिक के जीवन का आधार है। हरियाणा का प्रत्येक नागरिक मेरा परिवार है और इस परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे।
हेल्थ इंफ्रा, मानव संसाधन और सेवाओं को बनाया जाएगा सशक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि वही नीति प्रभावी होती है, जो स्वास्थ्य को सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार के रूप में देखे। इसी दृष्टिकोण के तहत पिछले वर्ष स्वास्थ्य बजट में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लक्ष्य स्वास्थ्य बजट को दो अंकों की वृद्धि तक ले जाने का है, जिससे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और सेवाओं को और सशक्त किया जा सके।
मौजूदा वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र खर्च हुए 6 हजार 711 करोड़
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रावधानों पर अब तक 6 हजार 711 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। संकल्प पत्र के वायदे को पूरा करते हुए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइज़र और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में निजी कमरों की व्यवस्था की गई है, डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी ब्लड बैंकों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि आपात स्थितियों में सुरक्षित और त्वरित रक्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जिनके सुझाव होंगे बजट में शामिल, उन्हें बजट भाषण सुनने के लिए विधानसभा में किया जाएगा आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों से अगले 8–10 दिनों में और सुझाव देने तथा चैटबॉट के माध्यम से भेजने का आग्रह किया। बैठक में पहुंचे स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर अपने सुझाव दिए और विभिन्न प्रावधानों को लेकर अधिकारियों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डा. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण जोशी तथा मैक्स हेल्थकेयर, एसएसबी हार्ट एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रेम हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नीमा, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल इंडस्ट्री, इंद्रप्रस्थ अपोलो, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आदि संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मेहनतकश को आर्थिक व सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करेगा विकसित भारत जी राम जी कानून : डॉ. अरविंद शर्मा
देश में सबसे अधिक लाभ हरियाणा के श्रमिकों को, सालाना 10 हजार रुपये का फायदा
मनरेगा खामियों से भरा ढांचा, बिना सुधार ढोना श्रमिकों व राष्ट्र के लिए नुकसानदायक
भ्रष्टाचार के खात्मे और शोषण रोकने का सशक्त माध्यम बनेगा जी राम जी
चंडीगढ़, 9 जनवरी — हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत जी राम जी कानून के माध्यम से देश के प्रत्येक मेहनतकश को आर्थिक एवं सामाजिक संरक्षण देना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा का खामियों से भरा ढांचा देश और श्रमिकों दोनों के लिए अहितकारी था, जिसकी जगह जी राम जी कानून भ्रष्टाचार के खात्मे और श्रमिकों के शोषण को रोकने का प्रभावी माध्यम बनेगा।
शुक्रवार को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा जींद के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेन्द्र ढुल एवं विधायक देवेन्द्र चतुर्भुज अत्रि भी उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहकारिता, ग्रामीण विकास, उद्योग, विज्ञान एवं खेल सहित सभी क्षेत्रों में देश निरंतर प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हर गरीब को रोजगार उपलब्ध कराने और उसकी गरिमा बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास का एक नया ढांचा तैयार किया गया है, जो महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप तथा राम राज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए लाया गया है। विकसित भारत जी राम जी कानून को लेकर कांग्रेस भ्रम फैलाकर मनरेगा की उन खामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है, जिनसे श्रमिकों के साथ-साथ देश को भी नुकसान हो रहा था।
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मनरेगा के तहत श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार मिलता था, जबकि जी राम जी कानून में 125 दिनों के गारंटी रोजगार का प्रावधान किया गया है, जिससे हरियाणा के श्रमिकों को सालाना लगभग 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। उन्होंने बताया कि तय समय में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान भी नए कानून में किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले की तरह ग्राम सभा और ग्राम पंचायतें विकास योजनाएं तैयार करेंगी, जिनमें जल संरक्षण, ढांचागत विकास, आजीविका आधारित कार्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल होंगे। ग्रामीण विकास को सुदृढ़ बनाने के लिए जी राम जी कानून के अंतर्गत तालाब, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क जैसे आवश्यक ढांचे का निर्माण किया जाएगा। साथ ही गरीब परिवारों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए स्किल सेंटर एवं हाट बाजार स्थापित किए जाएंगे।
डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में रबी और खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बुवाई एवं कटाई के समय श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ता था। इसे ध्यान में रखते हुए नए कानून में राज्य सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह खेती के मौसम में, जब श्रमिकों की अधिक आवश्यकता हो, तब अधिकतम 60 दिनों तक जी राम जी कानून के तहत चल रहे कार्यों को स्थगित कर सके। इससे खेतों में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और श्रमिकों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी के अतिरिक्त 60 दिनों तक काम करने का अवसर भी मिलेगा।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि जी राम जी कानून के तहत देश में प्रत्येक श्रमिक को औसतन 7,180 रुपये का लाभ होगा, जबकि हरियाणा में पात्र श्रमिकों को सालाना 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, क्योंकि हरियाणा देश में सर्वाधिक न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन प्रदान कर रहा है। नया कानून मनरेगा में मौजूद खामियों, फर्जी कर्मचारियों, डुप्लीकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतान जैसी समस्याओं से श्रमिकों एवं राष्ट्र को होने वाले नुकसान से बचाएगा।
उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी के माध्यम से केवल पात्र श्रमिकों को भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे फर्जी भुगतान और डुप्लीकेट जॉब कार्ड की समस्या का स्थायी समाधान होगा। विकसित भारत जी राम जी कानून उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करता है, जिन्हें पिछली सरकारों के दौरान वंचित किया गया था। प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग एवं सैटेलाइट इमेजरी से फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण संभव नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा में जहां मजदूरी का भुगतान 15 दिनों में किया जाता था, वहीं विकसित भारत जी राम जी कानून के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या कार्य पूर्ण होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य किया गया है।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि, लापरवाही बर्दाश्त नहीं – मुख्यमंत्री
क्राइम पर अंकुश न लगा पाने वाले अफसरों का होगा डिमोशन
चंडीगढ़, 9 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अपराध नियंत्रण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन थानों के अंतर्गत अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होगा, वहां के संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ डिमोशन जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को फरीदाबाद में बजट पूर्व परामर्श बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बात वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि हरियाणा पुलिस एक सशक्त और सक्षम बल है, लेकिन यदि कहीं अपराध या नशे का अवैध कारोबार बढ़ रहा है, तो इसके लिए संबंधित एसपी और थाना प्रभारियों को गंभीरता से आत्ममंथन करना होगा। समय-समय पर बैठकर स्थिति की समीक्षा करना, समस्याओं की जड़ तक पहुंचना और उनके ठोस समाधान निकालना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक, विशेषकर महिलाएं, किसी क्षेत्र में अपराध या अवैध गतिविधियों की शिकायत करती हैं, तो पुलिस और प्रशासन का कर्तव्य है कि तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध और नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक सख्ती से चलाया जाए, ताकि जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके और प्रदेश में सुशासन सुनिश्चित हो।
हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा हरियाणा का आम बजट – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
बजट पूर्व परामर्श बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की बैठक
मुख्यमंत्री का आह्वान- देश और हरियाणा को विकसित बनाने का लें संकल्प
चंडीगढ़, 9 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश का आगामी बजट हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। इस बजट निर्माण की प्रक्रिया को बंद कमरों तक सीमित न रखकर सरकार द्वारा सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि एक सर्व समाज के कल्याण में एक हितकारी बजट पेश किया जा सके।
बजट पूर्व परामर्श बैठकों के क्रम में मुख्यमंत्री शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राजा नाहर सिंह के बलिदान दिवस पर उनको शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा कि यह फरीदाबाद के लिए गौरव की बात है, जो इस धरती पर राजा नाहर सिंह का जन्म हुआ।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में तेज गति से उद्योगों का विकास हो रहा है। आए दिन बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाईयां हरियाणा में आ रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार एक बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने के लिए नई-नई नीतियां बना रही है। हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने आगामी बजट के लिए यह लक्ष्य रखा है कि यह बजट अधिक से अधिक उद्योगों के अनुकूल हो ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले व 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरा हो। उन्होंने कहा कि इस मंच पर एकत्र होने का उद्देश्य सहभागी लोकतंत्र और सहभागी शासन की भावना को साकार करना है ताकि प्रदेश के विकास को और गति से आगे बढ़ा सके।
बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठक के 71 सुझावों की बजट में की गई थी घोषणा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठकों का आयोजन किया था, जिसमें विस्तृत और सार्थक विचार-विमर्श हुआ था और 71 सुझावों को हमने सीधे बजट का हिस्सा बनाया था। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं श्रम विभाग हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए लगभग 1 हजार 951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। इसमें से अब तक 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिसमें अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की प्रक्रियाओं को सरल बनाना, नए इन्क्यूबेशन सेंटरों की स्थापना, टेक्सटाइल नीति का विस्तार, पद्मा नीति के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति तथा जीरो वेस्ट और जीरो वॉटर वेस्टेज की दिशा में औद्योगिक क्षेत्रों में ई.टी.पी. प्लांट्स की स्थापना जैसे निर्णय शामिल हैं। इन उपलब्धियों के पीछे आप सभी के बहुमूल्य सुझाव, आपकी समझ और विभागीय समन्वय की बड़ी भूमिका रही है।
औद्योगिक विकास के लिए बजट में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कि औद्योगिक विकास के लिए बजट में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हमारा पूरा प्रयास है कि आगामी बजट रोजगार, निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत करने वाला बजट हो। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि प्रदेश में औद्योगिक विकास, व्यापारिक सुगमता और निवेश प्रोत्साहन के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बजट से जुड़े सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे अपने बहुमूल्य सुझाव एआई चैटबॉट पर दें ताकि बेहतरीन सुझावों को इस बजट में शामिल किया जा सके।
देश और हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 में भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। हम सभी इस दिशा में सामूहिक प्रयास करे और देश व हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग दो रास्ते नहीं बल्कि दो पहिए हैं, जो विकसित भारत और विकसित हरियाणा बनाने का सपना पूरा करेंगे। आज भी फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र में विकास की भारी संभावना है, नया आईएमटी बनाने के लिए भूमि खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से सुलहेड़ा, बागपुर, हसनपुर, मोहना और छायंसा गांवों में प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं वर्किंग लेबर के कल्याण के लिए लेबर हाउसिंग की जगह फाइनल कर दी है। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सरकार डिफेंस कॉरिडोर पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगीकरण की शुरुआत फरीदाबाद से हुई, यहां मैन्युफैक्चरिंग का एक बेहतर इकोसिस्टम है।
इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल, राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, बल्लभगढ़ विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक श्री धनेश अदलखा, विधायक श्री सतीश फागना, नगर निगम मेयर प्रवीण जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाइन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, एमडी एचएसआईआईडीसी डॉ. आदित्य दहिया, महानिदेशक, हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान व ओएसडी राज नेहरू, महिला आयोग व लघु उद्योग भारती की महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती रेणु भाटिया मौजूद रहे।


