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आशीर्वाद योजना के तहत 2694 लाभार्थियों के लिए 13.74 करोड़ रुपये जारी किए गए: डॉ. बलजीत कौर

 आशीर्वाद योजना के तहत 2694 लाभार्थियों के लिए 13.74 करोड़ रुपये जारी किए गए: डॉ. बलजीत कौर

*18 जिलों के गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी*

*लड़कियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता*

चंडीगढ़, 3 अप्रैल:

सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आशीर्वाद योजना के तहत 2694 लाभार्थियों को 13.74 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, जिसका उद्देश्य समाज के पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की लड़कियों के विवाह के समय परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि यह सहायता बेटी की शादी के समय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित हो रही है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे।

इस संबंध में और अधिक जानकारी देते हुए मंत्री जी ने बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा, मोगा, पटियाला, पठानकोट, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर, संगरूर, मलेरकोटला और तरनतारन जिलों के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि बरनाला के 70, बठिंडा के 253, फरीदकोट के 13, फिरोजपुर के 38, श्री फतेहगढ़ साहिब के 72, गुरदासपुर के 211, होशियारपुर के 267, लुधियाना के 134 और मानसा के 275 लाभार्थियों को इस राशि का लाभ मिला है। इसी प्रकार, मोगा के 43, पटियाला के 129, पठानकोट के 212, रूपनगर के 336, एस.ए.एस. नगर के 163, एस.बी.एस. नगर के 29, संगरूर के 79, मलेरकोटला के 171 और तरनतारन के 199 लाभार्थियों को भी इस राशि का लाभ मिला है।

मंत्री ने कहा कि आशीर्वाद योजना के तहत कम आय वाले परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे परिवारों को काफी आर्थिक मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, उसका परिवार गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए और वह अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि यदि परिवार की वार्षिक आय 32,790 रुपये से कम है, तो ऐसे परिवारों की दो बेटियां इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में वितरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता और समय पर सहायता सुनिश्चित होती है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और विशेष रूप से अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

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