Tuesday, January 20, 2026
Homeहरियाणाईडीसी से आम आदमी के घर का सपना और दूर हुआ: कुमारी...

ईडीसी से आम आदमी के घर का सपना और दूर हुआ: कुमारी सैलजा

ईडीसी से आम आदमी के घर का सपना और दूर हुआ: कुमारी सैलजा

-पिछले कुछ वर्षों में पहले कलेक्टर दर, फिर बिजली दरें, स्टाम्प शुल्क और अब ईडीसी में वृद्धि कर दी गई है
-वर्ष 2013 में कांग्रेस की केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए बनाई गई आवास योजना पर नहीं हुआ काम
चंडीगढ़, 17 जनवरी।
सिरसा से सांसद, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार द्वारा बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) में 10 प्रतिशत वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस निर्णय से प्रदेश में मकान और प्लॉट खरीदना आम आदमी, गरीब तथा मध्यम वर्ग के लिए और अधिक कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक सभी को पक्का मकान देने का जो वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, मौजूदा नीतियाँ उस लक्ष्य के बिल्कुल विपरीत दिशा में जाती दिखाई दे रही हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पहले कलेक्टर दर, फिर बिजली दरें, स्टाम्प शुल्क और अब ईडीसी में वृद्धि कर दी गई है। सरकार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि ईडीसी बिल्डर देता है, क्योंकि व्यवहार में इसका पूरा भार फ्लैट और प्लॉट खरीदने वाले उपभोक्ता पर ही डाला जाता है। इसका सीधा असर मकानों की कीमतों पर पड़ता है और मध्यम वर्ग का घर लेने का सपना लगातार दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल योजना सहित गरीबों के लिए शुरू की गई कई आवासीय योजनाएँ या तो बंद कर दी गई हैं या उन्हें प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा। नो प्रॉफिट-नो लॉस (बिना लाभ-बिना हानि) के आधार पर गरीबों को प्लॉट और मकान उपलब्ध कराने की जो व्यवस्था पहले थी, वह अब लगभग समाप्त हो चुकी है और निजी बिल्डरों पर निर्भरता बढ़ा दी गई है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा सहित हरियाणा के अनेक नगरों में वर्ष 2013 में कांग्रेस की केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए आवास निर्माण की जो परियोजनाएँ स्वीकृत कर धनराशि भेजी गई थी, उन्हें या तो रद्द कर दिया गया या वर्षों से लंबित रखा गया है। सिरसा संसदीय क्षेत्र में गरीबों के लिए प्रस्तावित मकान आज तक ज़मीन पर नहीं उतर पाए, जो यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार ने गरीबों के आवास को कभी प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा कि सरकार को विकास शुल्क बढ़ाने से पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि सडक़ों, पानी, सीवर और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में वास्तव में कितना सुधार हुआ है। केवल शुल्क बढ़ाकर विकास का दावा करना उचित नहीं है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि ईडीसी वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और गरीब व मध्यम वर्ग के लिए सस्ती आवास योजनाओं को दोबारा प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments