Saturday, August 30, 2025
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गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय समारोह

गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय समारोह

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की कई घोषणाएं, गोसाईं समाज को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए हरियाणा सरकार पत्र लिखकर करेगी अनुशंसा

 

प्रदेश में किसी एक चौक तथा हिसार में स्थापित किए जाने वाले पुस्तकालय का नाम गोस्वामी तुलसीदास जी के नाम पर रखा जाएगा

 

गोस्वामी समाज सभा की कुरुक्षेत्र में निर्माणाधीन धर्मशाला के लिए मुख्यमंत्री ने की 31 लाख रुपये देने की घोषणा

 

हरियाणा सरकार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

PRIYANKA THAKUR

गोस्वामी तुलसीदास जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निवास संत कबीर कुटीर पर राज्य स्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से गोस्वामी समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों सहित प्रदेश के कौने-कौने से आए बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज द्वारा रखी गई मांग पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि गोसाईं समाज को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए हरियाणा सरकार ओबीसी आयोग को पत्र लिखकर सूची में नाम शामिल करवाने के लिए अनुशंसा करेगी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में किसी एक चौक का नाम तथा हिसार में स्थापित किए जाने वाले बड़े पुस्तकालय का नाम गोस्वामी तुलसीदास जी के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही, गोस्वामी समाज सभा की कुरुक्षेत्र में निर्माणाधीन धर्मशाला के लिए मुख्यमंत्री ने अपने ऐच्छिक कोष से 31 लाख रुपये देने की घोषणा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता की एक गौरवमयी अभिव्यक्ति है। गोस्वामी तुलसीदास जी का नाम लेते ही मन में भक्ति, ज्ञान का भाव आ जाता है। वे मात्र एक कवि या संत दृष्टा ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने ‘रामचरितमानस’ के माध्यम से भारतीय समाज को एक नई दिशा दी। जिस समय समाज में अनेक बुराइयां फैली हुई थीं, लोगों में निराशा का भाव था, तब तुलसीदास जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। उनका साहित्य केवल भारत ही नहीं, बल्कि सारी मानवता  के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हमें उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर आदर्श समाज निर्माण की दिशा में कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाया है। ओ.बी.सी. वर्ग को अब मेडिकल एजुकेशन, सैनिक स्कूलों, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों में दाखिले में आरक्षण का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए हरियाणा सरकार भी समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हरियाणा सरकार ने राज्य में पिछड़े वर्गों के उत्थान-कल्याण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमी लेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये वार्षिक किया है।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़ा वर्ग (ए) को 8 प्रतिशत व पिछड़ा वर्ग (बी) को 5 प्रतिशत आरक्षण और पंच पद के लिए उनकी जनसंख्या के 50 प्रतिशत के अनुपात में आरक्षण दिया है। शहरी स्थानीय निकायों में भी पिछड़ा वर्ग बी को मेयर/ प्रधान के पदों में 5 प्रतिशत तथा सदस्यों के लिए सम्बंधित पालिका में उनकी जनसंख्या के 50 प्रतिशत के अनुपात में आरक्षण दिया है। पिछडे वर्गों के 3 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों की देश में पढ़ाई के लिए 15 लाख रुपये तथा विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दिया जाता है। ‘डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना’ के तहत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 8 हजार रुपये वार्षिक तक की छात्रवृत्ति दी जाती है।

पहले के समय में एक ही परिवार को आगे बढ़ाने का होता था काम, देश के बाकी परिवारों का होता था शोषण

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पिछले 11 वर्षों से गोस्वामी तुलसीदास जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने की तरफ ले जाते हुए निरंतर काम कर रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार यदि ओबीसी समाज को किसी ने सम्मान दिया है तो वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हैं। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले के समय में तो एक ही परिवार को आगे बढ़ाने का काम किया जाता था, देश के बाकी परिवारों का तो शोषण होता था।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी से पहले अंग्रेज जिस प्रकार नागरिकों पर शोषण व अत्याचार करते थे, उससे भी बड़ा अत्याचार देश के लोगों पर पिछले 55 सालों में कांग्रेस ने किया है। इन 55 सालों में जिस गति से देश आगे बढ़ना चाहिए था, उस गति से नहीं बढ़ा।

उन्होंने कहा कि हमारे क्रांतिकारी वीरों ने भावी पीढ़ियों को खुली हवा में साँस लेने और विकसित भारत बनाने के सपने के लिए अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिया, आज उन वीरों के सपनों को पूरा करने का संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया है। जब पूरा देश आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, तब 2047 तक भारत देश उन क्रांतिकारी वीरों के सपनों का भारत होगा।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने दसवीं और बारहवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गोस्वामी समाज के विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने गोस्वामी समाज से आह्वान किया कि सभी एकजुट होकर समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। अपनी युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाएं और उन्हें देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनाएं।

समारोह में नगर पालिका पुंडरी की चेयरपर्सन श्रीमती बबली गोस्वामी, गोस्वामी तुलसीदास पुस्तकालय समिति हिसार के प्रधान डॉ. राम प्रसाद गोस्वामी, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुबोध गिरी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

जन शिकायतों के त्वरित निपटान को लेकर मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को दिए कड़े निर्देश

 

लंबित शिकायतों पर विशेष फोकस करें अधिकारी – नायब सिंह सैनी

 

शिकायतकर्ता को बार-बार न आना पड़े, सुनिश्चित करें अधिकारी

 

पुलिस अधिकारी प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करें सुनिश्चित

चंडीगढ़, 8 अगस्त — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविरों के तहत प्राप्त होने वाली प्रत्येक जन शिकायत, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, को पूरी गंभीरता से लें और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें ताकि आमजन को त्वरित राहत मिल सके और प्रशासन के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हो।

मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें समाधान शिविरों के अंतर्गत जन शिकायतों के निवारण की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में लंबित शिकायतों की संख्या पर कड़ा संज्ञान लिया और संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे विशेष रूप से पुराने लंबित मामलों पर प्राथमिकता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए ताकि लंबित मामलों की संख्या शून्य कर लोगों की शिकायतों का निवारण सुनिश्चित किया जा सके।

शिकायतों के दोहराव पर होगी सम्बंधित अधिकारी की जवाबदेही – मुख्यमंत्री

श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को एकल मंच पर बहुविभागीय समन्वय के माध्यम से हल करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को एक ही मुद्दे को लेकर बार-बार समाधान शिविर में आना पड़ता है तो संबंधित अधिकारी इसके लिए जवाबदेही होगा।  मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को यह भी निर्देश दिए कि वे सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दें कि वे प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समुचित कार्यवाही करें, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनका कार्य एक ही बार में हो सके।

पुलिस अधिकारी प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करें सुनिश्चित

पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस अधिकारी प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें ताकि आमजन को त्वरित न्याय मिल सके और उनकी पुलिस व्यवस्था पर विश्वास और सुदृढ़ हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि समाधान शिविरों के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें ताकि जन शिकायतों का मौके पर ही त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर जन शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

पंचकूला जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 11, 18 और 25 अगस्त को

चंडीगढ़, 8 अगस्त —  उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके। बिजली निगम के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में एक लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामतः कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 11, 18 और 25 अगस्त को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा। उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छः महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष लंबित नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाए

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