Thursday, January 22, 2026
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चंडीगढ़ में मुठभेड़: सेवक फार्मेसी फायरिंग के दोनों शूटर गिरफ्तार, भागने के दौरान पुलिस पर की फायरिंग

चंडीगढ़ में मुठभेड़: सेवक फार्मेसी फायरिंग के दोनों शूटर गिरफ्तार, भागने के दौरान पुलिस पर की फायरिंग

चंडीगढ़ के सेक्टर-32 ई स्थित सेवक फार्मेसी पर हुई सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। भागने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए। फिलहाल दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह मुठभेड़ सेक्टर-39 की मंडी के पास जंगल क्षेत्र में हुई, जहां क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों को घेर लिया था। पुलिस के अनुसार, जैसे ही आरोपियों ने खुद को घिरा देखा, उन्होंने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। एक गोली पुलिस कर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, लेकिन किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए।

इस एनकाउंटर को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविंदर दूहन के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर रविंदर बूरा, नीरज गुज्जर, संदीप सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। आरोपियों की पहचान राहुल और रिक्की के रूप में हुई है, जबकि मंदीप नामक आरोपी स्कॉर्पियो गाड़ी चला रहा था। मुठभेड़ के दौरान रविंदर बूरा द्वारा फायरिंग किए जाने की पुष्टि भी की गई है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि सेवक फार्मेसी पर फायरिंग करने के बाद आरोपी लगातार अपराधों को अंजाम देते हुए फरार हो रहे थे। फायरिंग के बाद उन्होंने डेराबस्सी में एक फॉर्च्यूनर गाड़ी लूटने की कोशिश की थी। इसके अलावा जालंधर में एक प्रॉपर्टी डीलर की फॉर्च्यूनर कार पर भी फायरिंग की गई थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वरिष्ठ सिपाही मंदीप कुमार ने आरोपियों की कार का लगातार पीछा किया और उन्हें एक पोल से टकराने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर फिर से फायरिंग कर दी, जिसके चलते मुठभेड़ हुई और दोनों आरोपी दबोच लिए गए।

पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी एक्टिवा छोड़कर फरार हो गए थे और एक टैक्सी चालक के साथ भाग निकले थे। सिपाही अशोक खटकड़ ने सतर्कता दिखाते हुए टैक्सी ड्राइवर को पीछा कर काबू किया, जिससे आरोपियों की गतिविधियों का पूरा खुलासा हो सका। इसके बाद आरोपियों ने डेराबस्सी में एक स्कॉर्पियो गाड़ी लूटने की कोशिश की और जालंधर में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।

गौरतलब है कि 16 जनवरी की देर रात सेक्टर-32 ई के छोटे चौक के सामने स्थित सेवक फार्मेसी पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी। बदमाशों ने काउंटर पर बैठे व्यक्ति को निशाना बनाते हुए दो से तीन राउंड फायर किए थे, जो सीधे काउंटर पर जा लगे। फायरिंग के दौरान काउंटर पर बैठे फार्मेसी मालिक के बेटे ने भागकर अपनी जान बचाई थी। एक गोली चैंबर में फंस गई थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

इस मामले में पुलिस पहले ही मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर चुकी है। क्राइम ब्रांच ने वारदात स्थल के पास ही लैब संचालित करने वाले राहुल उर्फ डॉक्टर को काबू किया था। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी से एक पिस्टल भी बरामद की थी। दिलचस्प बात यह रही कि वारदात के बाद राहुल खुद ही पुलिस और कई अन्य लोगों को लगातार फोन कर शूटरों की जानकारी देता रहा और खुद को जांच में सहयोगी बताता रहा। हालांकि, जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वही इस पूरी साजिश का सूत्रधार निकला।

पुलिस का कहना है कि यह मामला आपराधिक साजिश और सुनियोजित वारदात का है। आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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