दोपहिया वाहनों के प्रदूषण चालान को तर्कसंगत बनाया जाए: सैलजा
-जुर्माने की राशि वाहन की क्षमता (सीसी) के अनुसार निर्धारित करे।
-10,000 रुपये तक का चालान दोपहिया वाहनों के लिए अत्यधिक और असंगत है
चंडीगढ़, 20 फरवरी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, सिरसा की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा में दोपहिया वाहनों पर प्रदूषण (पीयूसी) के लिए लगाए जा रहे 10,000 रुपयों तक के चालान को तर्कसंगत बनाने की जोरदार मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
कुमारी सैलजा ने अपने पत्र में कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने पर 10,000 रुपये तक का चालान निर्धारित है, जो दोपहिया वाहनों के लिए अत्यधिक और असंगत प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह राशि चार पहिया अथवा भारी वाहनों के लिए तो उचित मानी जा सकती है, लेकिन छोटी स्कूटी और मोटरसाइकिल पर समान जुर्माना लगाना आम एवं मध्यम वर्ग के लोगों के लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने जवाब में अवगत कराया कि 10,000 रुपये जुर्माने की अधिकतम सीमा अधिनियम में निर्धारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें मोटर वाहन अधिनियम की धारा 200 के तहत इस अपराध को कंपाउंड कर अपनी अधिसूचना के अनुसार जुर्माने की राशि तय कर सकती हैं।
गडकरी के जवाब के बाद कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि वह इस प्रावधान को तर्कसंगत बनाते हुए जुर्माने की राशि वाहन की क्षमता (सीसी) के अनुसार निर्धारित करे। उन्होंने सुझाव दिया कि 100-150 सीसी तक की स्कूटी एवं मोटरसाइकिल के लिए जुर्माना 500 से 1000 के बीच सीमित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जनहित होना चाहिए, न कि आम नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक दंड का बोझ डालना। कुमारी सैलजा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आम लोगों के हित में इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।


