प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा से किया एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान का शुभारंभ
हरियाणा में तीन माह में सभी पात्र बालिकाओं को कवर करने का लक्ष्य
40 बालिकाओं को एच.पी.वी. वैक्सीन की खुराक देकर की गई अभियान की शुरुआत
चंडीगढ़, 28 फरवरी- आत्म निर्भर भारत, स्वस्थ भारत के लक्ष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एच.पी.वी. ) वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की, तो मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री का सीधा प्रसारण देखने के बाद की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा।
इसके उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह पहल वर्ष 2015 में पानीपत से दिए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ राष्ट्रव्यापी अभियान के ही संकल्प की अगली कड़ी है, जो बेटियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण को समर्पित है।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर 40 बालिकाओं को एच.पी.वी. वैक्सीन की खुराक दी गई। राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि आगामी तीन महीनों में प्रदेश की प्रत्येक पात्र बालिका तक यह वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। यह टीका 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को एकल खुराक के रूप में लगाया जाएगा। वैक्सीन पूरी तरह वैज्ञानिक शोध पर आधारित एवं सुरक्षित है तथा विश्व के 160 से अधिक देशों में इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। एच.पी.वी. वैक्सीन इस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करती है। इसे बेटियों के स्वास्थ्य का “सुरक्षा कवच” बताया गया।
साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपनी बेटियों को निःसंकोच यह टीका लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक चिकित्सा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि निजी क्षेत्र में हजारों रुपये में उपलब्ध यह टीका हर पात्र बालिका को पूर्णतः निःशुल्क लगाया जाएगा। यह सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत टीकाकरण का पंजीकरण यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा तथा प्रत्येक बालिका को डिजिटल एच.पी.वी. टीकाकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित होगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की भी जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई है तथा 3 अन्य निर्माणाधीन हैं। सभी नागरिक जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में किडनी रोगियों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हीमोफीलिया एवं थैलेसीमिया रोगियों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन तथा दिव्यांगजनों को 3,200 रुपये मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक स्वस्थ बेटी ही सशक्त महिला बनती है और सशक्त महिला ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करती है। सरकार ने प्रदेश की प्रत्येक बेटी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन केवल योजनाएं बनाना नहीं है बल्कि समाज में साकारात्मक परिवर्तन लाना है।एचपीवी टीकाकरण अभियान भी इसी का हिस्सा है। प्राइवेट अस्पतालों में यह टीका हजारों रुपये में मिलता है जबकि सरकार इसे मुफ्त उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बेहतर कार्य कर रही है।
इस मौके पर संबोधित करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों के कल्याण के प्रति समर्पित है। महिलाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।प्रदेश सरकार का उदेश्य है कि हर नारी सशक्त और समृद्ध बने। उन्होंने कहा कि आज का यह टीकाकरण अभियान हमारी बेटियों को बीमारियों से बचाने में कारगर साबित होगा। इस कार्यक्रम के तहत टीकाकरण का ऑनलाइन पंजीकरण यूविन पोर्टल पर किया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य एवं एनएचएम के एमडी डॉ. आरएस ढिल्लो, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
क्रमांक-2026
लाडवा विधानसभा का तेज गति के साथ करवाया जा रहा है विकास : नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने बाबैन में बनाए गए सरस्वती चौक के सौंदर्यीकरण का किया उद्घाटन
किसान हित हमारी नीतियों के केंद्र में- मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 28 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाडवा विधानसभा के विकास को तेज गति के साथ करवाया जा रहा है। विधानसभा के गांव व शहरी क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जब इन सभी कार्यों का निर्माण पूरा होगा तो हलके की जनता को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को बाबैन, कुरुक्षेत्र में सरस्वती चौक के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन करने उपरांत लोगों को संबोधित कर रहे थे। बाबैन पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबैन के नागरिकों की समस्याओं को सुना और उन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उमरी में करीब 5 एकड़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। राक्षी नदी को पक्का करने और लाडवा शहर में रास्ता निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह राजकीय पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक बिहोली में स्थापित किया गया है। गांव धनौरा जाटान में खिलाडिय़ों के लिए खेल स्टेडियम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि लाडवा के रामकुंडी के अग्रसेन चौक के सौंदर्यीकरण को किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम के रूप में अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी गई है। फसली नुकसान की भरपाई के लिए 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ 15 लाख 57 हजार रुपये की मुआवजा राशि जारी कर दी है। इसमें बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि शामिल है।
किसान हित हमारी नीतियों के केंद्र में
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान हित हमारी नीतियों के केन्द्र में है। हमने अपने संकल्प पत्र 2024 में सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने का संकल्प लिया था। जब 17 अक्तूबर, 2024 को विधिवत रूप से हमारी सरकार बनी तो हमने 19 दिसम्बर को ही किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इन्होने बताया कि पिछले 12 सीजन में अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हमने पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 457 करोड़ रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 7 हजार 233 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाले गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया है। हमने किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने व बनाने वालों से बचाने के लिए नया कानून बनाया है। इसके तहत ऐसे लोगों को 5 साल की सजा देने का प्रावधान किया है।
इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, जयभगवान शर्मा डीडी, मार्केट कमेटी चेयरमैन जसविंदर जस्सी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
क्रमांक-2026
ई-नीलामी मामले में आयोग की सख्ती, एचएसवीपी को ब्याज और मुआवज़ा अदा करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 28 फरवरी- हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए एचएसवीपी को आवंटी को देय ब्याज का भुगतान करने तथा 5,000 रुपये मुआवज़ा देने करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला हिसार निवासी श्रीमती रेखा सोनी से संबंधित है, जिन्होंने वर्ष 2022–23 की ई-नीलामी में भाग लेकर भूखंड खरीदा था। उन्हें 16 जून, 2023 को आवंटन-सह-कब्जा प्रमाणपत्र (Allotment-cum-Possession Certificate) जारी किया गया था, किंतु दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें वास्तविक कब्जा प्राप्त नहीं हुआ। पूर्ण भुगतान करने के बावजूद आवंटी को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वर्ष 2022–23 में जिन भूखंडों की ई-नीलामी की गई, उनमें से कुछ स्थलों पर आवश्यक विकास कार्य पूर्ण नहीं थे तथा विधिवत सीमांकन भी नहीं किया गया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उस अवधि में लिए गए निर्णयों के लिए वर्तमान नेतृत्व को सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता, फिर भी ऐसे मामलों का समाधान प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता से किया जाना आवश्यक है। आयोग ने अपनी अधिकार-सीमा स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिसूचित सेवा “कब्जा प्रमाणपत्र जारी करना” है, जिसकी समय-सीमा तीन दिन निर्धारित है। वर्तमान मामले में प्रशासनिक एवं तकनीकी जटिलताओं के कारण निर्धारित समयावधि में कब्जा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। अतः आयोग ने सीए, एचएसवीपी को निर्देशित किया है कि वे इस प्रकरण की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
आयोग ने यह भी पाया कि आवंटन पत्र की शर्त संख्या 5 के अनुसार यदि 30 दिनों के भीतर कब्जा प्रदान नहीं किया जाता, तो 5.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होता है। इसके बावजूद संबंधित आवंटी को अब तक ब्याज का भुगतान नहीं किया गया। इस पर आयोग ने ईओ, हिसार को निर्देश दिए हैं कि देय ब्याज का भुगतान कर 06 मार्च, 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
साथ ही, आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 के अंतर्गत अधिकतम अनुमेय 5,000 रुपये का मुआवज़ा आवंटी को उत्पीड़न के लिए प्रदान करने का आदेश दिया है। यह राशि एचएसवीपी द्वारा प्रारंभ में अपने कोष से अदा की जाएगी, जिसे बाद में जांच उपरांत संबंधित दोषी अधिकारियों से वसूल किया जा सकेगा।
आयोग ने आशा व्यक्त की है कि एचएसवीपी प्रशासनिक एवं स्थल संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित आवंटियों को राहत प्रदान करेगा तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति नहीं होने देगा।


