प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरदास मान ने पंजाब के राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट, नशा-विरोधी अभियान के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता की व्यक्त
चंडीगढ़, 08 जनवरीः मशहूर पंजाबी गायक एवं सांस्कृतिक प्रतीक श्री गुरदास मान ने पंजाब के राज्यपाल तथा चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया से लोक भवन, पंजाब में शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर दोनों गणमान्यों के बीच पंजाब में नशा-सेवन की बढ़ती समस्या पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जो पंजाब के युवाओं पर गंभीर और विनाशकारी प्रभाव डाल रही है।
राज्यपाल ने इस चुनौती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि इस अभिशाप को पंजाब की धरती से जड़ से समाप्त किया जा सके।
श्री गुलाब चंद कटारिया ने गायक गुरदास मान को अवगत कराया कि वह पिछले एक वर्ष से नशे के विरुद्ध निरंतर जन-जागरूकता अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं, खिलाड़ियों, राजनीतिक संगठनों तथा अन्य हितधारकों का सक्रिय सहयोग शामिल है।
राज्यपाल ने बताया कि जमीनी स्तर पर आमजन से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से उन्होंने व्यापक पदयात्राएँ भी की हैं। इनमें गुरदासपुर और अमृतसर जिलों को कवर करने वाली छह दिवसीय पदयात्रा तथा जालंधर जिले में की गई दो दिवसीय पदयात्रा शामिल है। इन पदयात्राओं का उद्देश्य जनसमर्थन जुटाना और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना रहा है।
नशा-विरोधी जनमत निर्माण में कला, संस्कृति और प्रभावशाली व्यक्तित्वों की सशक्त भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने गुरदास मान से आग्रह किया कि वे इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ें और अपनी अपार लोकप्रियता का उपयोग कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
इस पुनीत उद्देश्य के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता को दोहराते हुए गुरदास मान ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि वे नशा-विरोधी अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ेंगे तथा जागरूकता पदयात्राओं में भी सहभागिता करेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है और स्वस्थ एवं नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण और संपूर्ण प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान देंगे।
बैठक सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई और इस संदेश को और अधिक सुदृढ़ किया गया कि नशा जैसी गंभीर समस्या से प्रभावी रूप से निपटने तथा राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास और व्यापक सामाजिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक हैं।


