बाल सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्ले-वे स्कूलों हेतु अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च: डॉ. बलजीत कौर
*छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आंगनवाड़ियों, प्ले-वे एवं प्राथमिक स्कूलों में एक समान खेल-आधारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा: डॉ. बलजीत कौर*
*पंजाब सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है क्योंकि 90 प्रतिशत मस्तिष्क विकास छह वर्ष की आयु से पहले होता है: डॉ. बलजीत कौर*
*मिशन आरंभ के तहत बच्चों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया से अभिभावकों को सीधे जोड़ा गया: डॉ. बलजीत कौर*
*1,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों में से 700 पूर्ण; शेष शीघ्र होंगे तैयार, ₹100 करोड़ की लागत से: डॉ. बलजीत कौर*
चंडीगढ़, 21 जनवरी 2026:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा बच्चों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बुधवार को पंजाब भवन में आयोजित एक मीडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान प्ले-वे स्कूलों के लिए एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल की शुरुआत की घोषणा की।
मीडिया को संबोधित करते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब में संचालित सभी प्ले-वे स्कूलों तथा छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने वाले निजी स्कूलों के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।”
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने जानकारी दी कि छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक समान पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसे आंगनवाड़ी केंद्रों, प्ले-वे स्कूलों और प्राथमिक स्कूलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण फरवरी के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। बच्चों पर पुस्तकों का बोझ डालने के बजाय, शिक्षा खेल-आधारित और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से दी जाएगी।”
प्रारंभिक बाल देखभाल के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “किसी बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत विकास शून्य से छह वर्ष की आयु के बीच होता है। इसलिए इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित पोषण प्रदान करना पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने आगे बताया कि मिशन आरंभ के तहत अभिभावकों को बच्चों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा, “डिजिटल सामग्री साझा कर बच्चों को घर पर भी अपने अभिभावकों के साथ सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक इस मिशन के अंतर्गत 2,941 अभिभावक समूह बनाए जा चुके हैं ताकि बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में अभिभावकों की भागीदारी को सुदृढ़ किया जा सके। अभिभावकों को उनके मोबाइल फोन पर प्रतिदिन गतिविधियाँ भी भेजी जा रही हैं, जिससे वे घर पर अपने बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकें।”
बुनियादी ढांचा विकास के बारे में बोलते हुए मंत्री ने कहा, “1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के लक्ष्य के तहत ₹100 करोड़ की लागत से 1,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक केंद्र पर लगभग ₹10 लाख खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से 700 केंद्र पहले ही पूरे हो चुके हैं, जिनमें हवादार कमरे, उचित रसोई, शिशु शौचालय, बाला पेंटिंग्स और आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। शेष 300 केंद्र भी शीघ्र ही पूरे कर लिए जाएंगे।”
अंत में मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब सरकार शिक्षा, पोषण और सुरक्षा के क्षेत्रों में ऐतिहासिक कदम उठा रही है ताकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाया जा सके।”


