बुज़ुर्गों के सम्मान और सुरक्षा के लिए मान सरकार का बड़ा कदम
*“हमारे बुज़ुर्ग, हमारा मान” राज्य-स्तरीय अभियान 16 जनवरी से शुरू — डॉ. बलजीत कौर*
*बुज़ुर्गों की भलाई, स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए पंजाब सरकार द्वारा लगभग 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे*
*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में बुज़ुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की व्यापक श्रृंखला*
*मोहाली से अभियान की शुरुआत, शिविरों में निःशुल्क मेडिकल, कानूनी एवं जागरूकता सुविधाएँ*
*बुज़ुर्गों की भलाई हेतु 786.83 लाख रुपये की राज्य कार्य योजना लागू*
*ओल्ड एज होम्स के लिए 6.82 करोड़ रुपये की ग्रांट, डे-केयर सेंटरों को वित्तीय मजबूती*
*बुज़ुर्ग हमारे समाज की धरोहर, हर स्तर पर सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध — डॉ. बलजीत कौर*
चंडीगढ़, 1 जनवरी:
मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बुज़ुर्गों की भलाई, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय है। इसी क्रम में पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब भवन, चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि बुज़ुर्गों के लिए राज्य-स्तरीय अभियान “हमारे बुज़ुर्ग, हमारा मान” की शुरुआत 16 जनवरी से ज़िला एस.ए.एस. नगर (मोहाली) से की जाएगी।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि हर वर्ष 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बुज़ुर्ग दिवस मनाया जाता है और इसी संदर्भ में पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2023 से “हमारे बुज़ुर्ग, हमारा मान” अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2023 के दौरान लगाए गए शिविरों में 20,110 पंजीकरण किए गए, जिनके अंतर्गत आँखों की जांच, कान-नाक-गला (ईएनटी) जांच, मोतियाबिंद सर्जरी की जांच, चश्मों का वितरण, पेंशन फार्म, सीनियर सिटीजन कार्ड और आयुष्मान कार्ड आदि सुविधाएँ प्रदान की गईं।
उन्होंने कहा कि इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में भी यह अभियान पूरे राज्य में ज़िला-स्तरीय शिविरों के माध्यम से चलाया जाएगा। इन शिविरों में बुज़ुर्गों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएँ, मोतियाबिंद सर्जरी, जेरियाट्रिक जांच, कान-नाक-गला जांच, योग सत्र, कानूनी जागरूकता तथा अन्य आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।
डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि बुज़ुर्गों के लिए राज्य सरकार की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 786.83 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत निःशुल्क मेडिकल कैंप, एनसीडी एवं डिमेंशिया स्क्रीनिंग, जेरियाट्रिक केयरगिवर्स का प्रशिक्षण तथा राज्य-स्तरीय मीडिया और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बुज़ुर्गों की समस्याओं के समाधान हेतु निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 14567 भी संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बुज़ुर्गों की भलाई, स्वास्थ्य सेवाओं, ओल्ड एज होम्स, डे-केयर सेंटरों, जागरूकता अभियानों और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए पंजाब सरकार द्वारा कुल मिलाकर लगभग 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो बुज़ुर्गों के प्रति मान सरकार की सशक्त प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत बुज़ुर्गों के अधिकारों की रक्षा हेतु कानूनी प्रावधान किए गए हैं तथा मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल और अपीलेट ट्रिब्यूनल के माध्यम से अब तक हजारों मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के 14 ज़िलों में स्थित ओल्ड एज होम्स के लिए 6.82 करोड़ रुपये की ग्रांट प्रदान की जाएगी, जबकि बरनाला और मानसा में संचालित डे-केयर सेंटरों को 2.5 लाख रुपये प्रति केंद्र की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस अवसर पर उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ज़िला मानसा में 72 बिस्तरों की क्षमता वाले सरकारी वृद्धाश्रम का उद्घाटन 10 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह मान के कुशल नेतृत्व में किया जाएगा।
अंत में डॉ. बलजीत कौर ने बुज़ुर्गों और उनके परिवारों से अपील की कि वे ज़िला-स्तरीय शिविरों में भाग लेकर पंजाब सरकार द्वारा प्रदान की जा रही निःशुल्क सुविधाओं का पूर्ण लाभ उठाएँ।


