भगवंत मान सरकार ने तकनीकी शिक्षा में अनाथ और नेत्रहीन युवाओं के लिए वित्तीय बाधाओं को किया दूर*
*भगवंत मान सरकार ने ‘कोपा’ ट्रेड में अनाथ और नेत्रहीन विद्यार्थियों की आई.टी.आई. फीस की माफ: हरपाल सिंह चीमा*
*पंजाब सरकार ने 9 सरकारी आई.टी.आई. में ‘कोपा’ कोर्स के लिए 100 फीसदी फीस माफी को दी मंजूरी: हरपाल सिंह चीमा*
चंडीगढ़, 5 फरवरी 2026
समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा जन-हितैषी निर्णय लेते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई.टी.आई.) में कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा-वी.आई.) ट्रेड में दाखिला लेने वाले अनाथ एवं नेत्रहीन विद्यार्थियों की प्रशिक्षण फीस माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस संबंध में फाइल को मंजूरी दिए जाने के बाद इस निर्णय की पुष्टि करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह कदम भगवंत मान सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि आर्थिक तंगी कभी भी जरूरतमंद विद्यार्थियों की व्यावसायिक प्रगति में बाधा नहीं बननी चाहिए। वित्त मंत्री ने बताया कि अनाथ आश्रमों और नेत्रहीन बच्चों के लिए स्थापित स्कूलों से आने वाले विद्यार्थी अब ‘कोपा-वी.आई.’ ट्रेड के लिए 100 फीसदी फीस माफी के पात्र होंगे। यह लाभ वर्तमान समय में यह कोर्स चला रहे 9 सरकारी संस्थानों में लागू किया जाएगा।
इस निर्णय के पीछे के तर्क की व्याख्या करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हालांकि फीस माफी से राजस्व पर प्रभाव पड़ेगा, लेकिन सरकार इसे वित्तीय बोझ के बजाय मानव पूंजी में एक महत्वपूर्ण निवेश के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर 29 जनवरी 2026 को हुई बजट बैठकों के दौरान विस्तार से चर्चा की गई थी, जहां संबंधित प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की जांच-पड़ताल के बाद यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मंजूरी दी गई कि तकनीकी शिक्षा समाज के हर वर्ग तक सुलभ बनी रहे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि उनकी सरकार पंजाब को कौशल विकास और जीवी डिजिटल साक्षरता में अग्रणी हो बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘कोपा-वी.आई.’ ट्रेड में हमारे विशेष जरूरतों वाले और अनाथ युवाओं के लिए वित्तीय बोझ हटाकर पंजाब सरकार उन्हें तकनीकी दक्षता प्राप्त करने तथा तेजी से बढ़ रहे आई.टी. क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने के लिए समान अवसर प्रदान कर रही है।


