महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान के लिए मान सरकार का मजबूत कदम—₹127.95 करोड़ सीधे खातों में जारी: डॉ. बलजीत कौर
*2.89 लाख से अधिक माताओं को मिली आर्थिक सहायता, डॉ. बलजीत कौर ने कहा; घर-घर तक पहुंची मदद*
*हर पात्र महिला तक लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास—पंजीकरण अभियान तेज, डॉ. बलजीत कौर का दावा*
चंडीगढ़, 22 मार्च:
“महिलाओं की भलाई और सशक्तिकरण हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है,” यह बात सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की स्वास्थ्य और भलाई सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक 127.95 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी. बी. टी. ) के माध्यम से सीधे महिलाओं के बैंक खातों में जारी की गई है, जिससे महिलाओं को बिना किसी परेशानी के सहायता प्राप्त हुई है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस अवधि के दौरान 2.89 लाख से अधिक महिलाओं को इस वित्तीय सहायता पहल का लाभ मिला है। “यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि माताओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है,” उन्होंने कहा। उन्होंने आगे कहा कि इस पहल से हजारों घरों में खुशी, विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
इस वित्तीय सहायता पहल के तहत पहले बच्चे के लिए महिलाओं को दो किश्तों (3000+2000 रुपये) के माध्यम से कुल 5000 रुपये की राशि डी.बी.टी.के जरिए सीधे उनके खातों में दी जाती है। इसके अलावा, यदि दूसरा बच्चा लड़की हो, तो महिला लाभार्थी को एकमुश्त 6000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
साल-दर-साल विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 38.11 करोड़ रुपये की राशि 76,478 महिलाओं को दी गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान यह राशि बढ़कर 63.78 करोड़ रुपये हो गई, जिससे 1,43,418 महिलाओं को लाभ मिला। इसी तरह, वित्तीय वर्ष 2025-26 में (31 जनवरी 2026 तक) 26.06 करोड़ रुपये की राशि 69,110 महिलाओं के खातों में जारी की जा चुकी है।
मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा अधिक से अधिक महिलाओं को इस पहल से जोड़ने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 1.32 लाख से अधिक महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया था। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 1.14 लाख से अधिक महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया। इसी तरह 2025-26 के दौरान कम से कम 1.14 लाख महिलाओं को रजिस्टर करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके तहत 11 फरवरी 2026 तक 1.05 लाख महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है और लक्ष्य के अनुसार शेष रजिस्ट्रेशन के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ पात्र महिलाओं को नियमों के अनुसार किश्तों में भुगतान लगातार किया जा रहा है और बाकी मामलों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि जारी की जाती है।
“हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि कोई भी पात्र महिला इस सहायता से वंचित न रहे,” डॉ. बलजीत कौर ने कहा। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी जनकल्याणकारी पहलों को और मजबूत करती रहेगी।


