Saturday, March 28, 2026
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में क्रांति लाने हेतु एनएचएम पंजाब और जेएचपीआईईजीओ के बीच साझेदारी

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में क्रांति लाने हेतु एनएचएम पंजाब और जेएचपीआईईजीओ के बीच साझेदारी

— राज्यभर में आरएमएनसीएचए+एन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए समझौता हस्ताक्षरित

— उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग हेतु डिजिटल स्वास्थ्य और एआई का एकीकरण: डॉ. बलबीर सिंह

चंडीगढ़, 28 मार्च:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच के अनुरूप पंजाब में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को और ऊंचा उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) पंजाब ने अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्था जेएचपीआईईजीओ के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी के तहत एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगा।

यह समझौता पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की उपस्थिति में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कुमार राहुल तथा जेएचपीआईईजीओ के कंट्री डायरेक्टर डॉ. अमित अरुण शाह द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

इस समझौते बाबत जानकारी देते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह साझेदारी प्रजनन, मातृ, नवजात, शिशु और किशोर स्वास्थ्य तथा पोषण (आरएमएनसीएचए+एन) सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार नवाचार-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और राज्य को डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में तकनीकी सहायता को सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत डिजिटल और डेटा-आधारित तकनीकों के माध्यम से उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान कर उनका प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा। इससे गर्भावस्था के दौरान (एंटीनैटल), प्रसव के समय (इंट्रानेटल) तथा प्रसव के बाद (पोस्टनैटल) देखभाल को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने तकनीकी पहलुओं को उजागर करते हुए कहा कि इस पहल के तहत लाभार्थी ट्रैकिंग प्रणालियों, आईओटी सक्षम उपकरणों तथा लेबर रूम मॉनिटरिंग सिस्टम का एकीकरण किया जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की रियल-टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे उच्च जोखिम वाले मामलों की प्रारंभिक चरण में ही पहचान कर समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि इस सहयोग के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता निर्माण, सघन निगरानी, सहायक पर्यवेक्षण तथा नीति स्तर पर तकनीकी सहयोग को भी प्राथमिकता दी जाएगी। ये सभी प्रयास मिलकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने में सहायक सिद्ध होंगे और सतत विकास लक्ष्यों  की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एनएचएम पंजाब की टीम तथा अन्य राज्य स्तरीय भागीदार भी उपस्थित रहे।

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