Sunday, August 31, 2025
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से की शिष्टाचार भेंट

 

हरियाणा के विकास, जनकल्याण और भावी योजनाओं पर हुई सकारात्मक चर्चा

Priyanka Thakur

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान हरियाणा के वर्तमान विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और भावी परियोजनाओं को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य की विकास यात्रा की प्रगति से अवगत करवाया कि केंद्र सरकार की नीतियों एवं सहयोग से हरियाणा अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की सरकार के रूप में हरियाणा निरंतर आगे बढ़ रहा है और राज्य के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, कृषि, उद्योग और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में लाभ प्राप्त हो रहा है।

श्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री को राज्य में चल रही कुछ प्रमुख योजनाओं व कार्यक्रमों के संदर्भ में जानकारी साझा की तथा राज्य सरकार की भावी प्राथमिकताओं से भी अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को केंद्र में रखते हुए राज्य के हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य हित के विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा इन क्षेत्रों में केंद्र सरकार के सहयोग को लेकर धन्यवाद भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप जनसेवा व सुशासन के लिए सतत प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में हरियाणा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा की ओर तीव्र गति से प्रगति की दिशा में अग्रसर होगा।

हरियाणा सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से ‘डबल इंजन सरकार’ की भावना से राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

 

बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण: दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया जारी

चंडीगढ़,6 अगस्त – हरियाणा निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रारूप निर्वाचक नामावली 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है।

श्री ए श्रीनिवास ने बताया कि आयोग ने सभी राजनीतिक दलों, संगठनों और आम नागरिकों से यह आग्रह किया है कि यदि प्रारूप मतदाता सूची में किसी प्रकार की गलती या विसंगति पाई जाती है, तो वे अपने दावे और आपत्तियाँ निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करें, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल द्वारा प्रारूप सूची को लेकर कोई दावा या आपत्ति दर्ज नहीं की गई है । दूसरी ओर, आम नागरिकों से अब तक 2,864 दावे एवं आपत्तियाँ प्राप्त हुई हैं, और 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं से कुल 14,914 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

नियमों के अनुसार, सभी प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) द्वारा 7 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा।

इसके साथ ही, एसओईआर आदेशों के अनुसार, प्रारूप सूची में शामिल किसी भी नाम को हटाने से पहले संबंधित मतदाता को उचित अवसर देना और जांच-पड़ताल कर स्पष्ट व कारणयुक्त आदेश पारित करना अनिवार्य है। बिना सुनवाई और जांच के कोई नाम हटाया नहीं जा सकता।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों, नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और एक त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समावेशी मतदाता सूची तैयार करने में सहयोग दें।

हरियाणा में ग्रुप-सी पदों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2

 

सरकार ने विभागों को दी सेवा नियमों में संशोधन की हिदायत

चंडीगढ़, 6 अगस्त- हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रुप-सी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 करने संबंधी 21 जुलाई, 2023 के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों-निगमों के मुख्य प्रशासकों व प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, उप-मंडल अधिकारियों (नागरिक) और विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को एक पत्र जारी किया गया है।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 21 अप्रैल, 2023 और 21 जुलाई 2023 को जारी निर्देशों के तहत ग्रुप-सी पदों के लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक से बढ़ाकर 10+2  की गई थी। इसके लिए विभागों को संबंधित प्रशासनिक सचिव की स्वीकृति और एलआर से पुनरीक्षण के बाद अपने सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन कर गजट अधिसूचना जारी करनी थी। पत्र में यह भी कहा गया है कि इसके लिए मानव संसाधन विभाग, वित्त विभाग या मुख्यमंत्री कार्यालय से किसी अतिरिक्त स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।

सरकार ने समीक्षा के बाद पाया कि कई विभागों ने अब तक इन निर्देशों का पालन नहीं किया है और अपने सेवा नियमों में संशोधन नहीं किया है। ऐसे में सभी विभागों को पुनः हिदायत दी गई है कि वे जल्द से जल्द नियमों में संशोधन कर 21 जुलाई, 2023 के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में कोई अड़चन या असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।

पंचकूला के बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं की सुनवाई 8 अगस्त को 

चंडीगढ़, 06 अगस्त– उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ताओं की समस्याएं 08 अगस्त को सुबह 11:00 से 4:00 बजे तक कॉरपोरेट उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के कार्यालय, पंचकूला में सुनी जाएंगी। इस दौरान केवल पंचकूला जिला के उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।

बिजली निगम के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मंच के सदस्य, पंचकूला जिले के उपभोक्ताओं की सभी प्रकार की समस्याओं की  सुनवाई करेंगे जिनमें मुख्यतः बिलिंग, वोल्टेज, मीटरिंग से सम्बंधित शिकायतें, कनैक्शन काटने और जोड़ने बिजली आपूर्ति में बाधाएं, कार्यकुशलता, सुरक्षा, विश्वसनीयता में कमी और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग  के आदेशों की अवहेलना आदि शामिल हैं। बहरहाल, मंच द्वारा बिजली अधिनियम की धारा 126 तथा धारा 135 से 139 के अन्तर्गत बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत उपयोग के  मामलों में दंड तथा जुर्माना और धारा 161 के अन्तर्गत जांच एवं दुर्घटनाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई नहीं  की जाएगी।

क्रमांक -2025

 

 

होम साइंस के दूसरे व चौथे सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम जारी 

चंडीगढ़ , 6 अगस्त – महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक ने मई 2025 में आयोजित बीएससी होम साइंस के दूसरे सेमेस्टर की री-अपीयर तथा चौथे सेमेस्टर की रेगुलर व री-अपीयर की परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।

 

 

सेमग्रस्त क्षेत्र को सेममुक्त करने के लिए विभाग परस्पर समन्वय स्थापित करें: श्याम सिंह राणा 

चंडीगढ़, 6 अगस्त — हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण एवं मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सेमग्रस्त क्षेत्र को सेममुक्त करने के लिए विभाग परस्पर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने चरखी दादरी जिला में एक खास पायलट प्रोजेक्ट शुरू करके यथाशीघ्र लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

श्री राणा आज यहां विभागीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, निदेशक श्री राजनारायण कौशिक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में वर्ष 2025 -26 हेतु करीब एक लाख एकड़ लवणीय भूमि को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कृषि विभाग तथा मत्स्य विभाग मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि राज्य में काफी भूमि सेमग्रस्त तथा लवणीय है जिसमें फसल पैदा नहीं होती है। उन्होंने अधिकारियों को सेमग्रस्त भूमि में तालाब बनाकर झींगा मछली के पालन की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल से जमीन का लवणीय पानी निकलने पर जहां भूजल स्तर नीचे जाने से क्षेत्र सेममुक्त हो जाएगा, वहीं झींगा के पालन से किसानों को अच्छी खासी आमदनी भी होगी। उन्होंने बरसात के मौसम को देखते हुए ड्रेन के माध्यम से पानी की निकासी करने के लिए आपदा एवं प्रबंधन विभाग तथा सिंचाई विभाग के साथ तालमेल करने के निर्देश दिए।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तरफ प्रोत्साहित करने के लिए काम करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बजट में की गई घोषणाओं पर प्राथमिकताओं के आधार पर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

हरियाणा करेगा 18वें शहरी गतिशीलता भारत सम्मेलन एवं प्रदर्शनी की मेजबानी

 

7 से 9 नवंबर तक गुरुग्राम में होगा सम्मेलन

चंडीगढ़, 6 अगस्त- हरियाणा प्रतिष्ठित 18वें शहरी गतिशीलता भारत (यूएमआई) सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी की मेजबानी करेगा। यह सम्मेलन 7 से 9 नवंबर, 2025 तक गुरुग्राम में आयोजित किया जाएगा।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की गई।

यूएमआई काॅन्फ्रेंस केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय के तत्वावधान में होने वाला एक प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम है। यह सम्मेलन शहरी परिवहन एवं गतिशीलता के क्षेत्र में उभरते मुद्दों, रुझानों, नवाचारों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए हितधारकों के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच के रूप में कार्य करता है।

मुख्य सचिव श्री रस्तोगी ने कहा कि इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी हरियाणा के लिए गर्व की बात है। यह सम्मेलन सतत शहरी विकास, स्मार्ट परिवहन समाधानों और बुनियादी ढाँचे के नवाचार में राज्य की प्रगति को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

इस वर्ष के सम्मेलन का विषय ‘शहरी विकास और गतिशीलता सम्पर्क’ है, जो नियोजित शहरी विकास और कुशल परिवहन प्रणालियों के बीच महत्वपूर्ण इंटरलिंकेज पर केंद्रित है। सम्मेलन में पूर्ण सत्र, तकनीकी सत्र, पैनल चर्चाएँ और इंटरैक्टिव प्रदर्शनियाँ शामिल होंगी, जिनमें भारत समेत विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग जगत से विशेषज्ञ, शोधकर्ता और प्रतिनिधि भाग लेंगे।

मुख्य सत्रों के अलावा, इस कार्यक्रम में तकनीकी भ्रमण और धरोहर स्थल भी शामिल होंगे, जिनमें प्रतिनिधियों को क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और शहरी परिवहन पहलों की झलक देखने को मिलेगी।

 

हरियाणा सरकार ने अधिसूचित किए अनुबंधित कर्मचारियों के नियम

 

हजारों कर्मचारियों को मिली सेवा सुरक्षा

चंडीगढ़, 6 अगस्त-हरियाणा सरकार ने हरियाणा अनुबंधित कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025 अधिसूचित कर दिए हैं। ये नियम हरियाणा अनुबंधित कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 (2024 का 17) की धारा 10 की उप-धारा (1) के तहत अधिसूचित कर दिए हैं। इसके साथ ही, प्रदेश के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और प्राधिकरणों में कार्यरत में हजारों कर्मचारियों की सेवाएं सुरक्षित हो गई हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार, किसी भी अनुबंधित कर्मचारी को ‘सुरक्षित कर्मचारी’ का दर्जा प्राप्त करने के लिए 15 अगस्त, 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी, जिसमें से प्रत्येक वर्ष में उसने न्यूनतम 240 कार्यदिवसों का वेतन प्राप्त किया हो। यदि कोई कर्मचारी एक ही वर्ष में उच्च और निम्न, दोनों पदों पर कार्यरत रहा है, तो भी सेवा गणना की जाएगी, बशर्ते कि उसने 240 दिन का वेतन प्राप्त किया हो।

विशेष रूप से, जो कर्मचारी पहले नियमित पदों पर नियुक्त हुए थे लेकिन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा मेरिट सूची रद्द करने या संशोधित करने के कारण उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, नियमित और अनुबंधित सेवा के बीच ब्रेक अवधि को छोड़कर, उनकी नियमित आधार पर पूर्व सेवा को भी 5 वर्ष की पात्रता में शामिल किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न विभागों या राज्य सरकार के नियंत्रण वाले निकायों में की गई सेवा को एकीकृत रूप से जोड़ा जाएगा।

यदि किसी व्यक्ति ने किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह किया है, जिसका जीवनसाथी जीवित है या जिसने जीवित जीवनसाथी के होते हुए भी किसी व्यक्ति से विवाह किया है, तो वह अधिनियम के अंतर्गत सेवा सुरक्षा के लाभ के लिए पात्र नहीं होगा। हालांकि, यदि सरकार संतुष्ट हो किऐसे व्यक्ति और विवाह के दूसरे पक्ष पर लागू व्यक्तिगत कानून के अंतर्गत ऐसे विवाह की अनुमति है और ऐसा करने के अन्य आधार भी हैं, तो वह किसी भी व्यक्ति को इस नियम के प्रभाव से छूट दे सकती है।

यदि अनुरूप पद की पहचान आसानी से हो जाती है, तो सरकारी संगठन द्वारा सुरक्षित कर्मचारी के लिए 16 अगस्त, 2024 से प्रभावी ‘अतिरिक्त’ (सुपरन्यूमरेरी) पद सृजित करवाया जाएगा। यदि अनुरूप पद की पहचान नहीं हो पाती या पात्र अनुबंधित कर्मचारी के पद का नामकरण मौजूदा स्वीकृत नियमित पद से भिन्न है, तो संबंधित सरकारी संगठन द्वारा प्रस्तावित पदनाम, वेतनमान, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और कार्य विवरण के साथ 16 अगस्त, 2024 से ‘अतिरिक्त पद’ के सृजन का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। सरकार द्वारा वित्त विभाग के परामर्श से इस प्रस्ताव को 90 दिनों के भीतर अनुमोदित किया जाएगा और इसके बाद सेवा सुरक्षा का आदेश जारी किया जाएगा।

किसी विभाग में यदि सुरक्षित कर्मचारियों की संख्या अधिक है, तो उनकी सूची सरकार को भेजी जाएगी और आवश्यकता अनुसार उन्हें अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। नियुक्ति प्राधिकरण को जनहित में किसी भी सुरक्षित कर्मचारी को हरियाणा के भीतर या बाहर स्थानांतरित करने का अधिकार होगा।

पारिश्रमिक के निर्धारण के लिए, वित्त विभाग द्वारा सुपरन्यूमरेरी पद की स्वीकृति के समय स्वीकृत कार्यात्मक वेतन स्तर (फंक्शनल पे लेवल) के न्यूनतम में, 5 प्रतिशत या 10 प्रतिशत या 15 प्रतिशत, जैसा भी मामला हो, की दर से वृद्धि जोड़ने के बाद, प्राप्त आंकड़े को लगभग 100 तक पूर्णांकित किया जाएगा। इस प्रयोजन के लिए 50 से नीचे के अंश को नजरअंदाज कर दिया जाएगा जबकि 50 और उससे अधिक के अंश को अगले 100 तक पूर्णांकित किया जाएगा।

सुरक्षित कर्मचारियों को कार्यात्मक वेतन स्तर में वर्ष में एक बार वार्षिक वेतन वृद्धि मिलेगी। वेतन वृद्धि की तिथि हर साल पहली जनवरी या पहली जुलाई होगी, बशर्ते कर्मचारी ने उस तिथि से पहले न्यूनतम छह माह से अधिक की अर्हक सेवा पूरी कर ली हो। पहली वेतन वृद्धि पात्रता पूरी करने पर 1 जुलाई, 2025 को देय होगी। इन कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2025 से नियमित कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता भी देय होगा।

इन कर्मचारियों को पूर्व की भांति आकस्मिक अवकाश और चिकित्सा अवकाश मिलते रहेंगे। महिला सुरक्षित कर्मचारियों को हर महीने दो और वर्ष में अधिकतम 22 दिन तक आकस्मिक अवकाश मिलेंगे, जबकि पहले उन्हें केवल 10 आकस्मिक अवकाश मिलते थे।

इसके अलावा, संबंधित विभाग द्वारा प्रत्येक सुरक्षित कर्मचारी की सर्विस बुक भी तैयार की जाएगी। जब तक अलग से नियम नहीं बनाए जाते, तब तक सुरक्षित कर्मचारी हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 और हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के द्वारा शासित होंगे। हालांकि, सरकार को किसी विशेष श्रेणी या वर्ग के लिए, उपयुक्त कारण बताते हुए नियमों में शिथिलता प्रदान करने का अधिकार भी होगा।

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