Sunday, March 15, 2026
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा

बोले, निर्धारित राशि व तय अवधि में पूरे होने चाहिएं सभी काम

चंडीगढ़, 13 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिंचाई विभाग के कार्यों में बिना उचित कारण के निर्धारित कार्यों के खर्च में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी भी उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री ने हमीदा हेड से पिचोलिया हेड तक संवर्धन नहर के पुनर्निर्माण कार्य की समीक्षा की और निर्धारित अवधि में कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, वेस्टर्न यमुना कैनाल पर रेलवे ब्रिज के निर्माण कार्य को लेकर भी निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य निर्धारित राशि में निर्धारित अवधि में पूरा हो जाना चाहिए। अगर किसी कार्य में ठेकेदार की गलती से कार्य की कीमत में एनहांसमेंट आती है तो उसको ब्लैक लिस्ट करें। अगर किसी अधिकारी की गलती से प्रोजेक्ट की कीमत में वृद्धि होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की बर्बादी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, इंजीनियर-इन-चीफ डॉ. सतबीर कादियान समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

क्रमांक – 2026

जंगबीर गोयत

हरियाणा में हर महीने 10 तारीख को जारी होंगी सब्सिडी और पेंशन

 

मुख्य सचिव ने पात्र लाभार्थियों तक समय पर लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश

चंडीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली सब्सिडी, पेंशन तथा अन्य वित्तीय सहायता के वितरण को सुचारू बनाने के मकसद से बड़ा निर्णय लिया है।

अब ये सभी लाभ हर महीने की 10 तारीख को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जारी किए जाएंगे। इसके लिए हर महीने हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में एक औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान सक्षम प्राधिकारी द्वारा एक ही कमांड या बटन दबाकर लाभार्थियों के खातों में राशि जारी की जाएगी।

इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों व मुख्य प्रशासकों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

पत्र में कहा गया है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली सभी सब्सिडी, पेंशन और वित्तीय सहायता, जिनमें बोर्ड और निगमों द्वारा संचालित योजनाएं भी शामिल हैं, अब हर महीने एक निर्धारित तिथि को सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य कल्याणकारी लाभों का समयबद्ध और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है।

संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक डेटा समय पर उपलब्ध कराएं और सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय में पूरी करें, ताकि धनराशि के हस्तांतरण में किसी प्रकार की देरी न हो। साथ ही सरकार ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों और अधिकारियों से इन निर्देशों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर इनका सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

सरकार के इस निर्णय से पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान में होने वाली देरी कम होगी और यह सुनिश्चित होगा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक नियमित और प्रभावी रूप से पहुंच सके।

क्रमांक-2026

 

21 मार्च को दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी में आयोजित होगा युवा सम्मेलन

 

विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने की तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

चंडीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण की अध्यक्षता में शुक्रवार को दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मुरथल (सोनीपत) में 21 मार्च को आयोजित होने वाले युवा सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग, सोनीपत प्रशासन, विश्वविद्यालय के अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया और कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान श्री हरविंद्र कल्याण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवा सम्मेलन से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं ताकि कार्यक्रम का आयोजन व्यवस्थित, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है।

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विशेष रूप से युवाओं को संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों, कार्यों व कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जाएगा। ताकि युवा उनमे शिक्षा प्राप्त कर समाज के प्रति अपना योगदान दे सकें। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

बैठक में जानकारी दी गई कि इस युवा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों से लगभग 1400 विद्यार्थी भाग लेंगे। श्री कल्याण ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए सुचारु और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक सुविधाओं जैसे बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को भी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि समारोह को गरिमापूर्ण और भव्य बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रूपरेखा तथा अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जाए।

इसके अतिरिक्त उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाएं ताकि सम्मेलन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन आपसी सहयोग से सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री एस. नारायणन, कुलपति प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह, सोनीपत के उपायुक्त श्री सुशील सारवान, सूचना जन  संपर्क एवं भाषा  विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

क्रमांक-2026

– ग्रामीण विकास अवसरों और पहलों को बढ़ावा देने में युवाओं को जोड़ने के लिए राष्ट्रव्यापी VB-G RAM G डिजिटल अभियान शुरू

 

– युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार हुआ है VB-G RAM G एक्ट

 

– प्रतिभागी किसी भी भारतीय भाषा में 30 से 60 सेकंड का वीडियो बनाकर, MY Bharat पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन जमा कर सकेंगे

चंडीगढ़, 13 मार्च – भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘MY Bharat’ के सहयोग से, ‘VB-G RAM G यूथ डिजिटल अभियान’ नामक एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मकसद “विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण): VB-G RAM G (विकसित भारत-G Ram G) एक्ट, 2025” के बारे में लोगों में बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाना है। इस अभियान का नाम ‘विकसित भारत-G Ram G – युवा शक्ति, पंचायतों की प्रगति’ रखा गया है।

इस पहल का मकसद युवाओं को अभियान के केंद्र में रखना और उन्हें क्विज़, वीडियो चैलेंज और क्रिएटिव प्रतियोगिताओं जैसी भागीदारी वाली गतिविधियों के ज़रिए जोड़ना है। इन गतिविधियों के ज़रिए, यह अभियान इस पहल को युवाओं की मजबूत भागीदारी के साथ एक देशव्यापी डिजिटल जन आंदोलन में बदलने का सशक्त प्रयास करेगा।

अभियान के ही भाग के तौर पर, 6 मार्च, 2026 को ‘मेरे गाँव के लिए 60 सेकंड’ नाम से एक राष्ट्रीय स्तर की शॉर्ट वीडियो, रील या एनिमेटेड वीडियो प्रतियोगिता शुरू की गई। यह प्रतियोगिता 15 से 29 साल के युवाओं के लिए है। प्रतिभागी किसी भी भारतीय भाषा में 30 से 60 सेकंड का वीडियो बनाकर उसे MY Bharat पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। हर प्रतिभागी को सिर्फ़ एक एंट्री जमा करने की अनुमति होगी। वीडियो मोबाइल फ़ोन, कैमरे या एनिमेशन टूल्स का इस्तेमाल करके बनाए जा सकते हैं।

युवा प्रतिभागी इस अधिनियम से जुड़े विषयों पर सृजनात्मक विचारों की अभिव्यक्ति कर सकेंगे। इन विचारों के अंतर्गत इस अधिनियम के लक्ष्य और मुख्य-मुख्य विशेषताएँ, ग्रामीण रोज़गार और आजीविका के अवसर उत्पन्न करने में इसके लाभ और गाँव के विकास एवं बदलाव में इसकी भूमिका जैसे विषय शामिल हैं। प्रतिभागी युवाओं और महिलाओं के लिए इसमें रोज़गार के अवसर और विकसित भारत @2047 का लक्ष्य पाने में इस अधिनियम के योगदान के साथ-साथ ‘मेरा गाँव, मेरा भविष्य’ यानी ‘आत्मनिर्भर और विकसित गांवों की आकांक्षा’ के विज़न को भी उजागर कर सकेंगे।

प्रतियोगिता में सभी योग्य प्रतिभागियों को भागीदारी का एक डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। जो प्रतिभागी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट और अन्य सम्मान दिए जाएँगे, साथ ही उन्हें केंद्रीय मंत्री – ग्रामीण विकास और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करने का अवसर मिलेगा।

युवा प्रतिभागी https://bit.ly/4r3Gxhn लिंक पर क्लिक करके, या mybharat.gov.in पोर्टल पर जाकर इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।

क्रमांक: 2026

हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों पर कोई सरकारी बकाया नहीं: रिटर्निंग ऑफिसर

चंडीगढ़, 13 मार्च -हरियाणा से राज्यसभा के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर श्री पंकज अग्रवाल ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की है। इस सूचना में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों द्वारा अपने शपथ-पत्रों में दी गई सरकारी बकाया राशि से संबंधित जानकारी सभी निर्वाचकों की जानकारी के लिए प्रकाशित की गई है।

जारी नोटिस के अनुसार उम्मीदवारों द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों के प्रति देय बकाया राशि की जानकारी दी गई है। इसमें सरकारी आवास से संबंधित किराया, बिजली, पानी और टेलीफोन शुल्क, सरकारी परिवहन (जिसमें विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हैं), आयकर बकाया, जीएसटी बकाया, नगर निगम या संपत्ति कर तथा अन्य किसी भी प्रकार के सरकारी बकाया को शामिल किया गया है।

सार्वजनिक सूचना में तीन उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इनमें श्री कर्मवीर सिंह बौद्ध (इंडियन नेशनल कांग्रेस), श्री संजय भाटिया (भारतीय जनता पार्टी) तथा निर्दलीय उम्मीदवार श्री सतीश नांदल शामिल हैं। उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथ-पत्रों के अनुसार सभी श्रेणियों में इनके ऊपर किसी भी प्रकार का सरकारी बकाया ‘शून्य (NIL)’ दर्शाया गया है।

रिटर्निंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल ने कहा कि उम्मीदवारों के सरकारी बकाया से संबंधित जानकारी का सार्वजनिक प्रकाशन चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया जाता है। इससे निर्वाचकों को उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलती है और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है।

यह सार्वजनिक सूचना हरियाणा से वर्ष 2026 में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए जारी की गई है, जिससे सभी संबंधित पक्षों को उम्मीदवारों द्वारा घोषित जानकारी उपलब्ध हो सके।

क्रमांक -2026

जंगबीर सिंह

सरकार की प्रदेश की जनता को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना है, प्राथमिकता, संसाधनों के बेहतर उपयोग पर है जोर- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री ने बिजली के पोलों की सड़क से उचित दूरी सुनिश्चित करने और खराब पोल हटाने के दिए निर्देश

 

सड़क सुरक्षा को पुख्ता करना सरकार का ध्येय

 

मुख्यमंत्री  ने विभागों को आपसी तालमेल से योजनाएं शीघ्र लागू करने के दिए दिशा-निर्देश

चंडीगढ़, 13 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रमुख प्राथमिकता आमजन को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर व प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को तेजी से लागू करें।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को  सिविल सचिवालय में अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पीडब्यूडी व बिजली निगम में बिजली की तारों व पोलों से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे लगाए जाने वाले बिजली के पोलों की उचित दूरी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से बनी रहे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली निगम पक्की सड़कों से कम से कम तीन फीट की दूरी पर ही पोल लगाए, जिससे सड़क पर चलने वाले वाहनों को पर्याप्त जगह मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे लगे खराब, जर्जर या अनुपयोगी बिजली के पोलों को तुरंत हटाया जाए। इसके साथ ही ऐसे पोलों का पूरा स्टॉक रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि संसाधनों का सही प्रबंधन हो सके।

उन्होंने कहा कि जो पोल किसी कारणवश स्थानांतरित किए गए हैं, उन्हें बेकार न छोड़ते हुए दोबारा उपयोग में लाया जाए। इससे एक ओर जहां सरकारी संसाधनों की बचत होगी, वहीं कार्यों में भी तेजी आएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए अनेक योजनाएं और परियोजनाएं शुरू की जाती हैं, लेकिन उनका वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। इसलिए सभी विभागों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आमजन के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना है। इसलिए प्रत्येक विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही के साथ हो, जिससे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और राज्य के समग्र विकास को नई गति मिले।

बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

गलत बिजली बिलिंग पर हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन का कड़ा संज्ञान, उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के निर्देश

चंडीगढ़, 13 मार्च – हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने बिजली बिलिंग से जुड़े दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए बिजली वितरण निगमों की कार्यप्रणाली पर कड़ा संज्ञान लिया है और उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

अंबाला जिले से प्राप्त एक शिकायत की सुनवाई करते हुए आयोग ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) की बिलिंग प्रणाली में गंभीर खामी पाए जाने पर चिंता जताई। आयोग ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि बिलिंग सॉफ्टवेयर में मल्टीप्लाइंग फैक्टर 1 से कम होने के बावजूद 0.1 दर्ज कर लिया गया, जबकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह फैक्टर एक से कम नहीं हो सकता।

आयोग ने माना कि यदि सॉफ्टवेयर में मल्टीप्लाइंग फैक्टर की सीमा तय की गई होती तो सिस्टम 0.1 को स्वीकार ही नहीं करता। इस संबंध में आयोग ने चीफ इंजीनियर (आईटी), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को निर्देश दिए हैं कि वे यह स्पष्ट करें कि सिस्टम ने 1 के स्थान पर 0.1 को क्यों स्वीकार किया और इस त्रुटि को दूर करने के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं या प्रस्तावित हैं।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि पूरे सिस्टम में एक ही क्वेरी के माध्यम से उन सभी बिलों की पहचान की जाए जिनमें मल्टीप्लाइंग फैक्टर एक से कम दर्ज हुआ है और ऐसे सभी मामलों में उपभोक्ताओं से किसी आवेदन की प्रतीक्षा किए बिना स्वतः सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट 25 मार्च 2026 तक आयोग की ई-मेल rtsc-hry@gov.in पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले में राहत देते हुए आयोग ने कहा कि संबंधित उपभोक्ता आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से है। उपभोक्ता के परिवार का एक सदस्य गुजरात में प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत है और लगभग 14 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है, इसलिए पूरा बकाया एकमुश्त देना संभव नहीं है।

आयोग ने अपने पूर्व आदेशों का उल्लेख करते हुए गलत या औसत बिलिंग के मामलों में निर्धारित मुआवजा नीति के अनुसार निर्णय सुनाया। आयोग के अनुसार 6 माह तक की गलत बिलिंग के मामलों में आवश्यकता अनुसार मुआवजा दिया जाएगा, जबकि 6 माह से अधिक की अवधि के लिए मुआवजा इस प्रकार निर्धारित है। 1 वर्ष तक की अवधि के लिए प्रति गलत बिलिंग 200 रुपये, 2 वर्ष तक की अवधि के लिए प्रति गलत बिलिंग 300 रुपये तथा 2 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए प्रति गलत बिलिंग 500 रुपये मुआवजा दिया जाएगा।

इसी आधार पर आयोग ने सितंबर 2022 से जनवरी 2026 तक लगभग 20 बिलिंग चक्रों के लिए उपभोक्ता को प्रति बिलिंग चक्र 500 रुपये के हिसाब से मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह राशि उपभोक्ता के बिजली बिल में क्रेडिट की जाएगी। शेष बकाया राशि उपभोक्ता दो समान किस्तों में जमा कर सकेगा, जिसकी अनुमति संबंधित एसडीओ द्वारा दी जाएगी।

आयोग ने यह भी कहा कि गलत मल्टीप्लाइंग फैक्टर दर्ज करने के लिए संबंधित जूनियर इंजीनियर जिम्मेदार था, जिसका अब निधन हो चुका है। उपभोक्ता क्लर्क और कंज्यूमर असिस्टेंट द्वारा भी लंबे समय तक इस त्रुटि का पता नहीं लगाया जा सका। हालांकि कार्यभार को देखते हुए आयोग ने उन पर दंड लगाने से परहेज किया है और उपभोक्ता को मुआवजा दिए जाने के बाद मामले को समाप्त करने का निर्णय लिया है।

इसी प्रकार हिसार जिले से जुड़े एक अन्य मामले में आयोग ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकारियों द्वारा सोलर मीटर की रीडिंग सिस्टम में गलत दर्ज किए जाने के कारण उपभोक्ता को हुई असुविधा और उत्पीड़न पर संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि मामले में आवश्यक राहत तो प्रदान कर दी गई थी, लेकिन निगम के अधिकारी द्वारा सोलर मीटर की रीडिंग दर्ज करते समय हुई गलती के कारण उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुनवाई के दौरान बताया गया कि यह प्रविष्टि संबंधित जूनियर इंजीनियर द्वारा की गई थी, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हालांकि यह गलती निगम की ओर से हुई थी, इसलिए आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत उपभोक्ता को 1,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

क्रमांक – 2026

सुमित चावला

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

 

अफवाहों से बचने की अपील, कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

चंडीगढ़, 13 मार्च — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रही युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण घरेलू एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित होने की जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और लगातार रूप से जारी है।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रदेश में ईंधन और गैस की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा गैस की आपूर्ति लगातार प्राप्त हो रही है।

उन्होंने बताया कि कामर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था की गई है। इसके अलावा तेल कंपनियां शेष आपूर्ति को भी पूरी तरह सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की चोरी, कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और अनावश्यक घबराहट या ईंधन तथा गैस का अतिरिक्त भंडारण करने से बचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और हर घर तक घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

क्रमांक-2026

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने पंचकूला में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का किया शुभारंभ

 

37 वर्षों में पहली बार वसंत उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है

 

वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव-मुख्यमंत्री

 

हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए कर रही है निरंतर कार्य

चंडीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का शुभारंभ किया। 37 वर्षों में पहली बार इस उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है। इसके साथ ही, रखरखाव के लिए साल भर से बंद एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी जनता के लिए खोला गया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम में पंहुचने पर परंपरागत पगड़ी बांध कर व ढोल नगाड़ो और वाद्ययंत्रों से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वसंत उत्सव में फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेस फ्लावर सैक्शन में फूलों की विभिन्न किस्मों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

इस आयोजन ने पंचकूला की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है

कार्यक्रम को मुख्यतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह उत्सव पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर है। यह नगर प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित विकास का अद्भुत उदाहरण है। यहां आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम दिखाई देता है और आज के इस आयोजन ने इस शहर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है।

वसंत उत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं से बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता विकसित होगी

उन्होंने कहा कि इस उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए पुष्प सज्जा, कट फ्लावर, रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला, पॉट पेंटिंग, फेस पेंटिंग और टैटू प्रतियोगिता, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इन सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी बधाई दी और कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा बल्कि बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता भी विकसित होगी।

वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का ऐसा देश है, जहां प्रकृति ने हमें अनेक ऋतुओं का वरदान दिया है। हर ऋतु अपने साथ एक नई अनुभूति और नई ऊर्जा लेकर आती है। हमारे देश की संस्कृति भी ऋतुओं के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। इसलिए हर ऋतु के आगमन पर कोई न कोई पर्व या उत्सव मनाया जाता है। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। यह उत्सव हमें सिखाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और सकारात्मक परिवर्तन ही प्रगति की ओर ले जाता है।

प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान

पर्यावरण से जुड़े विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल प्रकृति के संरक्षण से ही संभव है। हरियाणा सरकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान करके उनके अभिरक्षकों को 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि पेंशन के रूप में दी गई है। इनके अलावा 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है।

प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में ’ऑक्सीवन’ विकसित करने की पहल भी शुरू की है। अब तक प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं। इसके तहत 5 से 100 एकड़ भूमि पर पेड़ लगाए जाते हैं। पंचकूला के बीड़ घग्गर तथा करनाल में पुरानी बादशाही नहर पर ऑक्सीवन का कार्य प्रगति पर है। इसमें अनेक दुर्लभ और औषधीय गुणों वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।

हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से जोड़ रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से भी जोड़ रही है। इसी दिशा में गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह परियोजना न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधान

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्ष आवरण बढ़ाने और प्लाईवुड उद्योगों को और समर्थन देने के लिए हरियाणा राज्य एग्रो फोरेस्ट्री पॉलिसी लागू की जाएगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पंचायत भूमि और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधा रोपण अभियान चलाया जाएगा और पवित्र उपवन संरक्षण के लिए सभी पवित्र उपवन को अधिसूचित किया जाएगा। इसके अलावा गांव हसनपुर, करनाल में वन विभाग की 100 एकड़ भूमि में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक डियर पार्क बनाया जाएगा।

वसंत उत्सव आने वाले वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाएगा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने लोगों से आह्वान किया कि सब मिलकर इस उत्सव को जीवन के एक नए  दृष्टिकोण के रूप में अपनाएं और यह संकल्प लें कि हम अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचकूला का यह वसंत उत्सव आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य रूप लेगा और पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

वसंत उत्सव जैसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पों को मंच मिलता है और पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है- श्री के. मकरंद पांडुरंग

इससे पूर्व अपने स्वागतीय भाषण में पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग ने उपस्थित सभी को वसंत उत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह वसंत में पुरानी पत्तियां गिरती है और नए अंकुर फूटते है उसी तरह मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा आधुनिकता और प्रगति की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज का यह वातावरण हमें याद दिलाता है कि विकास तभी सार्थक है जब उसमें हमारी संस्कृति और आपसी भाईचारे के रंग घुले हो। ऐसे आयोजनों से जहां एक ओर हमारे स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पों को मंच मिलता है वहीं दूसरी ओर यह पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान जाने माने शहनाई वादक पंडित लोकश आनंद के निर्देशन में संगीतमयी प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा एक भारत श्रेष्ठ भारत थीम पर विभिन्न प्रदेशों के सांस्कृतिक नृत्यों के संगम का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। मुख्यमंत्री ने भी कलाकारों के साथ समूह चित्र देकर कलाकारों का हौंसला बढ़ाया।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश देवी नगर, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त श्रीमती सृष्टि गुप्ता, अन्य गणमान्य व्यक्ति सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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