Sunday, January 25, 2026
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मुख्यमंत्री ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर गौ माता की सेवा के पवित्र संकल्प को साकार करने की दिशा में उठाया एक और अहम कदम

मुख्यमंत्री ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर गौ माता की सेवा के पवित्र संकल्प को साकार करने की दिशा में उठाया एक और अहम कदम

 

जिला की 14 गौशालाओं के लिए 1 करोड़ 22 लाख 46 हजार रुपये की चारा अनुदान राशि के चैक किए वितरित

 

मुख्यमंत्री ने धर्मपत्नी सहित माता मनसा देवी गौधाम में की गौ सेवाचारा और गुड़ खिलाकर गौ माता का लिया  आशीर्वाद

 

हरियाणा गौसेवा आयोग के 2014-15 में 2 करोड़ रुपये के बजट को बढ़ाकर चालू वित वर्ष में किया 595 करोड़ रुपये -मुख्यमंत्री

 

श्री नायब सिंह सैनी ने सकेतड़ी की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के कच्चे रास्ते के सुदृढ़ीकरण व नवीनीकरण के लिए 20 लाख रुपये देने की करी घोषणा

चंडीगढ़, 25 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज अपने जन्म दिवस के अवसर पर गौ माता की सेवा के पवित्र संकल्प को साकार करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए माता मनसा देवी गौधाम में आयोजित कार्यक्रम में जिला की 14 गौशालाओं के लिए 1 करोड़ 22 लाख 46 हजार रुपये की चारा अनुदान राशि के चैक वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने सकेतड़ी की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के कच्चे रास्ते के सुदृढ़ीकरण व नवीनीकरण के लिए 20 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की।

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी सहित माता मनसा देवी गौधाम में गौ सेवा की और चारा और गुड़ खिलाकर गौ माता का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने गौ पूजन भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे देश में गाय आदिकाल से ही पूजनीय रही है और गाय को माता का दर्जा दिया गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, गाय में सभी देवी-देवता निवास करते हैं।  गाय के इसी महत्व को देखते हुए धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा गौशालाओं की स्थापना पर बल दिया गया है। वर्तमान सरकार नेे भी गौशालाओं के विकास, गौवंश संरक्षण और प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों मे पंजीकृत गौशालाओं को चारे के लिए 270 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में हरियाणा गौसेवा आयोग के लिए केवल 2 करोड़ रुपये का बजट था। हमने जनसेवा का दायित्व संभालते ही बजट को बढाना शुरू किया और चालु वित्त वर्ष में कुल बजट 595 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक हरियाणा में 215 पंजीकृत गौशालाओं में केवल 1 लाख 75 हजार गौवंश था जबकि वर्तमान में राज्य में 686 पंजीकृत गौशालाएं हैं, जिनमें लगभग 4 लाख बेसहारा गौवंश का पालन-पोषण हो रहा है। 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं और शेष बची गौशालाओं में भी सोलर प्लांट लगाने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके अलावा गौशालाओं में 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। पहले गौशालाओं से जमीन की रजिस्ट्री पर 1 प्रतिशत शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब नई गौशालाओं को जमीन की रजिस्ट्री पर कोई भी स्टाम्प डयूटी नहीं देनी पड़ती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशालाओं में गौवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए पशु चिकित्सों की सुव्यवस्था न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वर्तमान सरकार ने इस समस्या का भी निदान किया है। उन्होंने गत वर्ष 5 अगस्त, 2024 को घोषणा की थी कि तीन हजार से अधिक गौवंश वाली गौशालाओं में सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक ड्यूटी करेगा। तीन हजार से कम गायों वाली गौशालाओं में सप्ताह में एक दिन वी.एल.डी.ए. ड्यूटी करेगा। इस घोषणा को लागू कर दिया गया है। साथ ही मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए गांव नैन, जिला पानीपत में और गांव ढंदुर, जिला हिसार में दो गौ अभ्यारण्यों की स्थापना की गई है। इनमें शैड, पानी, चारे की व्यवस्था भी की गई है। इनके लिए 8 करोड़ रुपये की राशि पहले जारी की जा चुकी है। इसमें लगभग 5 हजार बेसहारा गौवंश को आश्रय दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसहारा गौवंश के पुनर्वास के लिए 200 गौशालाओं को शैड बनाने के लिए 10 लाख रुपये प्रति गौशाला अनुदान देने की उनकी घोषणा के अनुरूप 51 गौशालाओं में शैड बनाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ माता को पहले जैसा सम्मान दिलाने के लिए देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी कारगर कदम उठाने होंगे। इस दिशा में कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ’राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ लागू किया है। देशी नस्ल की हरियाणा, साहीवाल व बेलाही गायों के गौपालकों को दूध उत्पादन की क्षमता के अनुसार 5 हजार से 20 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके साथ ही गौशालाओं में आश्रित गौवंश की नस्ल सुधार के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किये जा रहे हैं।  गौशालाएं गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, फॉस्फेट से भरपूर जैविक खाद, गोबर के बर्तन, गोबर से    प्राकृतिक पेंट, गमला, दीया, धूप, साबुन और अन्य उत्पाद बना रही हैं। पंचगव्य आधारित उत्पादों पर अनुसंधान और विकास के लिए हरियाणा गौवंश अनुसंधान केंद्र सुखदर्शनपुर, पंचकूला की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौमाता की सुरक्षा के लिए एक सख्त कानून ’हरियाणा गौ-वंश संरक्षण व गौसंवर्धन’ अधिनियम-2015 लागू किया गया है। इस कानून में गौ हत्या करने वाले व्यक्ति को 10 वर्ष तक का कारावास का प्रावधान किया गया है।

इस अवसर पर हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्रवण कुमार गर्ग, कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डाॅ. साकेत कुमार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग,  मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बीबी भारती, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण अत्रे, माता मनसा देवी गौधाम के ट्रस्टी श्री दीपक बंसल, गौशालाओं के प्रतिनिधि और गौ भक्त उपस्थित रहे।

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