Saturday, March 7, 2026
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मोदी सरकार ने देश के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखा: कुमारी सैलजा

मोदी सरकार ने देश के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखा: कुमारी सैलजा

 

-भारत की ऊर्जा जरूरतों और रणनीतिक फैसलों का निर्णय वॉशिंगटन में नहीं बल्कि नई दिल्ली में होना चाहिए

 

-सरकार की विदेश नीति से देश की गरिमा और स्वायत्तता कमजोर होती दिखाई दे रही है

 

चंडीगढ़, 7 मार्च।

 

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव, सिरसा से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में सामने आई खबरें बेहद चिंताजनक हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका से 30 दिनों की अनुमति मिली है। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका कौन होता है भारत को अनुमति देने वाला। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है और उसके आर्थिक तथा विदेश नीति से जुड़े निर्णय देश के राष्ट्रीय हितों के आधार पर होने चाहिए, किसी दूसरे देश की मंजूरी पर नहीं।

 

कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की विदेश नीति से देश की गरिमा और स्वायत्तता कमजोर होती दिखाई दे रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने देश के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रख दिया है। भारत की ऊर्जा जरूरतों और रणनीतिक फैसलों का निर्णय वॉशिंगटन में नहीं बल्कि नई दिल्ली में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर उन्हें ऐसा क्या डर है कि वे हर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर अमेरिका की बात मानने को तैयार दिखाई देते हैं। भारत की विदेश नीति हमेशा स्वतंत्र और संतुलित रही है, लेकिन वर्तमान सरकार के रवैये से यह धारणा बन रही है कि देश की नीतियों पर बाहरी दबाव हावी हो रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हमेशा से मानना रहा है कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र, संतुलित और पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित होनी चाहिए। देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हित किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव से ऊपर होने चाहिए।

 

सरकार ने फिर जनता की जेब पर डाला बोझ

 

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर आम जनता की जेब पर सीधा प्रहार किया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाकर और कमर्शियल सिलेंडर पर 115 रुपये की वृद्धि कर मध्यम वर्ग तथा आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में लगभग 307 रुपये की बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। पहले ही बढ़ती कीमतों, बच्चों की स्कूल फीस, बिजली-पानी के बिल और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की महंगाई से जूझ रहे परिवार अब रसोई गैस के इस नए झटके से और अधिक परेशान होंगे। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियाँ लगातार आम नागरिक की रसोई और रोजगार दोनों पर भारी पड़ रही हैं। महंगाई के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए और आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

 

 

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