Saturday, March 21, 2026
Homeपंजाबराज्यसभा में गूंजा निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा, संत सीचेवाल ने...

राज्यसभा में गूंजा निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा, संत सीचेवाल ने उठाई आवाजराज्यसभा में गूंजा निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा,

By Priyanka Thakur

चंडीगढ़/सुल्तानपुर लोधी: देश में शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण को लेकर राज्यसभा में गंभीर बहस देखने को मिली। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सवाल उठाते हुए इस मुद्दे को जोरदार तरीके से सदन में रखा।

उन्होंने कहा कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी स्कूल से ही खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे आम परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने इसे शिक्षा के नाम पर “व्यवसाय” करार दिया और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।

प्रश्न संख्या 2920 के तहत उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि इस तरह की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई है और पिछले पांच वर्षों में कितनी शिकायतें सामने आई हैं।

इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि शिक्षा एक समवर्ती विषय है, इसलिए इस पर कार्रवाई का अधिकार राज्यों के पास है। उन्होंने ‘बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’ का हवाला देते हुए बताया कि निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है।

उन्होंने यह भी बताया कि सीबीएसई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

इसके बावजूद यह मुद्दा बना हुआ है कि क्या केवल निर्देश पर्याप्त हैं।

संत सीचेवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सेवा होना चाहिए, न कि मुनाफा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस पर नियंत्रण नहीं हुआ तो शिक्षा आम लोगों की पहुंच से दूर होती जाएगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments