Monday, February 2, 2026
Homepunjabरेलवे बजट में हिसार-अग्रोहा-फतेहाबाद-सिरसा रेल लाइन की अनदेखी: सैलजा

रेलवे बजट में हिसार-अग्रोहा-फतेहाबाद-सिरसा रेल लाइन की अनदेखी: सैलजा

रेलवे बजट में हिसार-अग्रोहा-फतेहाबाद-सिरसा रेल लाइन की अनदेखी: सैलजा

-क्षेत्र की भावनाओं से खिलवाड़, लोगों में निराशा और रोष

-यह रेल लाइन यातायात के साथ ही धार्मिक पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाती

चंडीगढ़/दिल्ली, 2 फरवरी।

सिरसा की सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने रेलवे बजट 2026-27 में हिसार-अग्रोहा-फतेहाबाद-सिरसा नई रेल लाइन परियोजना के लिए किसी प्रकार का बजटीय प्रावधान न किए जाने पर गहरी निराशा और रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले अनेक वर्षों से वे संसद और मंत्रालय स्तर पर इस रेल लाइन की निरंतर मांग उठाती रही हैं। यह केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र विशेषकर अग्रवाल समाज, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों की लंबे समय से जुड़ी जीवन रेखा की मांग है। इस रेल मार्ग से हिसार, अग्रोहा, फतेहाबाद और सिरसा के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होता, जिससे क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलती।

कुमारी सैलजा ने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने इस परियोजना के नाम पर सर्वे की घोषणा कर लगभग 410 करोड़ की बात कहकर क्षेत्र की जनता को उम्मीद दी थी। लेकिन इस वर्ष के रेलवे बजट में इस परियोजना का कहीं उल्लेख तक न होना यह दर्शाता है कि सरकार ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय केवल सर्वे का झुनझुना थमाया था। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्षों से उठाई जा रही जनभावनाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को दरकिनार कर दिया गया। यह रेल लाइन न केवल यातायात की सुविधा देती, बल्कि व्यापार, कृषि उपज की ढुलाई, धार्मिक पर्यटन (अग्रोहा धाम) और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाती।

कुमारी सैलजा ने मांग की है कि रेल मंत्रालय तुरंत इस परियोजना को स्वीकृति दे, इसे रेलवे की पिंक बुक में शामिल करे और शीघ्र बजटीय प्रावधान कर कार्य प्रारंभ करे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस जनहित की मांग पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया, तो वे क्षेत्र की जनता और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होंगी। यह केवल रेल लाइन की मांग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सम्मान और अधिकार की मांग है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments