Tuesday, January 20, 2026
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लाडो लक्ष्मी योजना में बार-बार बदलाव महिलाओं के साथ धोखा: कुमारी सैलजा

लाडो लक्ष्मी योजना में बार-बार बदलाव महिलाओं के साथ धोखा: कुमारी सैलजा

 

-बार-बार नियम बदलना यह साबित करता है कि सरकार की नीयत महिलाओं को सशक्त करने की नहीं

 

-चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने प्रदेश की सभी महिलाओं को 2100 प्रतिमाह देने का वादा किया था

 

चंडीगढ़, 18 जनवरी।

 

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सिरसा की सांसद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार द्वारा लाडो लक्ष्मी योजना में बार-बार किए जा रहे बदलावों को महिलाओं के साथ खुला धोखा बताया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने प्रदेश की सभी महिलाओं को 2100 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के लगभग एक वर्ष बाद भी सरकार अपने वादे से लगातार पीछे हटती जा रही है। पहले यह शर्त लगाई गई कि जिन महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके बाद तीन-तीन महीने की किस्तों में राशि डालने की व्यवस्था की गई।

 

उन्होंने कहा कि इसके पश्चात सरकार ने योजना में फिर बदलाव करते हुए यह प्रावधान कर दिया कि केवल बीपीएल परिवारों से संबंधित महिलाओं को ही लाभ मिलेगा और वह भी तब, जब उनके बच्चे 10वीं व 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाएंगे। इस स्थिति में 1100 नकद और 1000 की एफडी कराने की बात कही गई। अब तीसरी बार योजना में परिवर्तन करते हुए सरकार ने सभी महिलाओं को मात्र 1100 देने और शेष 1000 की दीर्घकालीन एफडी करने की घोषणा कर दी है। कुमारी सैलजा ने कहा कि बार-बार नियम बदलना यह साबित करता है कि सरकार की नीयत महिलाओं को सशक्त करने की नहीं, बल्कि उन्हें भ्रमित करने की है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करना और बाद में शर्तों में उलझाकर लाभ से वंचित करना महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा सरकार बिना किसी शर्त के अपने मूल वादे को पूरा करे और प्रदेश की सभी महिलाओं को प्रतिमाह 2100 की राशि देना तुरंत शुरू करे। कांग्रेस पार्टी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए इस मुद्दे पर संघर्ष करती रहेगी।

 

 

 

बिजली दरें बढ़ाकर जनता पर डाला बोझ

सांसद सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर नई दरें लागू करना जनविरोधी कदम है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब महंगाई पहले से ही आम आदमी की कमर तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुपचाप 1 अप्रैल 2025 से नई दरें लागू कर दीं, जिससे मध्यम वर्ग, गरीब परिवार, बुजुर्ग, किसान और छोटे दुकानदार सबसे अधिक प्रभावित होंगे। घरेलू श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के उपभोक्ताओं पर फिक्स्ड चार्ज और प्रति यूनिट दरों में की गई बढ़ोतरी पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनावों के समय सस्ती बिजली और राहत के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने जनता से किए अपने वादे भुला दिए। बिजली जैसी बुनियादी जरूरत को महंगा करना सीधे-सीधे जनता के साथ विश्वासघात है। कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि हरियाणा में पहले ही बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। ऐसे में बिजली बिल बढ़ाकर सरकार ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है। सरकार को चाहिए था कि वह बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली सुधारे, लाइन लॉस कम करे और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाए, न कि उसकी कीमत जनता से वसूले। उन्होंने मांग की कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ाई गई बिजली दरें तुरंत वापस ली जाएं। फिक्स्ड चार्ज समाप्त किया जाए। गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सब्सिडी बढ़ाई जाए।

 

 

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