Thursday, January 8, 2026
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विकसित भारत-2047 का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा – मुख्यमंत्री

विकसित भारत-2047 का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा – मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में हरियाणा विजन-2047 के मद्देनजर बजट पूर्व कार्यशाला में रखे विचार

 

छः स्तम्भ पर फोकस रखते हुए नवाचार पद्धति से पारित होगा हरियाणा का वित्त बजट – नायब सिंह सैनी

 

चंडीगढ़, 6 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विकसित भारत-2047 का ग्रोथ इंजन साबित होगा। हरियाणा का योगदान देश हित में उपयोगी रहे, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। व्यापक परामर्श, गहन अध्ययन व विशेषज्ञों की सहभागिता से हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 बनाया है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हरियाणा विजन-2047 के मद्देनजर आयोजित बजट पूर्व कार्यशाला में अपने विचार रख रहे थे।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा विज़न 2047 रोडमैप के ध्येय के साथ वित्त वर्ष 2026- 27 के लिए इंडस्ट्री, हेल्थ, आईटी तथा एजुकेशन सेक्टर से संबंधित हितधारकों के साथ आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक (प्री बजट कंसल्टेशन) में हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उद्योग जगत एवं मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट के लिए अपने सुझाव रखे। बैठक में प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

विकासात्मक परिवर्तन अब नजर आ रहा – मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 11 साल में बड़ा विकासात्मक परिवर्तन नजर आया है। सकारात्मक बदलाव के साथ सर्वांगीण विकास की दिशा में सरकार कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर का गठन किया है जो उभरते हुए वैश्विक परिवर्तन में कारगर रहेगा। ज्ञान व दूरदृष्टि सोच के साथ इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

 

छः रणनीतिक थीमों पर आधारित विकास का तैयार हुआ रोडमैप

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय योजनाओं को स्पष्ट विजन से जोड़ना होगा और गतिविधियों से अधिक परिणाम पर ध्यान देना होगा। नागरिकों के जीवन में सार्थक सुधार लाना हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इसी सार्थक सोच के परिणामस्वरूप हरियाणा सरकार छः स्तम्भों पर केंद्रित हो विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में सहभागिता निभाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट–2047 को छः रणनीतिक थीम पर आधारित कर तैयार किया गया है। इनमें वित्त एवं सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता, स्वास्थ्य एवं पोषण, कृषि, खाद्य सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचा विकास तथा क्षेत्रीय विकास एवं स्थानीय स्वशासन पर आधारित परियोजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026–27 का बजट भी इन सभी थीमों के साथ पूरी तरह सामंजस्यपूर्ण रहेगा।

 

प्री-बजट मंथन में वरिष्ठ अधिकारियों ने दी थीम आधारित प्रेजेंटेशन

 

हरियाणा विज़न 2047 रोडमैप के अंतर्गत आयोजित प्री-बजट मंथन कार्यशाला में राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित, समावेशी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विभिन्न थीम स्पॉटलाइट्स पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित प्रस्तुति हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल द्वारा दी गई। शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार योग्यता विषय पर उच्चतर एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग ने अपने विचार रखे। इसके साथ ही क्षेत्रीय विकास एवं स्थानीय स्वशासन विषय पर ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह ने जानकारी दी। वहीं कृषि, सहायक क्षेत्र, खाद्य एवं पर्यावरण विषय पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने प्रस्तुति दी। वित्त एवं सुरक्षा विषय पर वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाइन ने प्रस्तुतिकरण देकर बारीकियों से अवगत कराया। अवसंरचना विकास विषय पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने राज्य के औद्योगिक एवं आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े पहलुओं को विस्तार से रखा। इसी क्रम में विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुति दी गई।

बजट पूर्व कार्यशाला में नीति आयोग के सदस्य श्री रमेश चंद्र, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ राज नेहरू, जीएमडीए के मुख्य सलाहकार डी.एस ढेसी, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ संजय कौशिक, उपायुक्त अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 के सम्बन्ध में हरियाणा ने किया कमेटी का गठन

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी होंगे समिति के अध्यक्ष

चंडीगढ़, 06 जनवरी-हरियाणा सरकार ने राज्य में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को अपनाने के संबंध में विचार-विमर्श एवं समीक्षा के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

यह समिति केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों तथा संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप गठित की गई है। पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन, नगर एवं ग्राम आयोजना तथा शहरी संपदा विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव, पर्यावरण विभाग के निदेशक तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के विशेष सचिव और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उप जिला न्यायवादी समिति के सदस्य होंगे। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री भूपेन्द्र रिणवा समिति के संयोजक होंगे।

यह समिति संशोधन अधिनियम को अपनाने से संबंधित सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी और अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी।

 

जींद-सोनीपत के बीच चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में

मुख्य सचिव ने की हाइड्रोजन प्लांट को निर्बाध बिजली आपूर्ति की समीक्षा

चंडीगढ़, 06 जनवरी-हरियाणा में जल्द ही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की सीटी बजने वाली है। उत्तर रेलवे द्वारा जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाने वाली इस ट्रेन को लेकर तैयारियांे को अन्तिम रूप दिया जा चुका है। इस ट्रेन को ईंधन आपूर्ति के लिए जींद में स्थापित किए गए हाइड्रोजन प्लांट को अंतिम कमीशनिंग एवं नियमित संचालन के दौरान स्थिर और निर्बाध 11 केवी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा आज इस सम्बन्ध में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के अधिकारियों के साथ हाइब्रिड मोड में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्लांट की वर्तमान विद्युत आपूर्ति स्थिति, बैक-अप व्यवस्थाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि महत्वाकांक्षी इस परियोजना के लिए भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए बिजली आपूर्ति प्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को भी सुदृढ़ रखा जाए।

बैठक में अवगत कराया गया कि इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के लिए जीन्द में 3000 किलोग्राम भंडारण क्षमता का देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है, जो अब कमीशनिंग के अंतिम चरण में है। चूंकि यह प्लांट 24×7 आधार पर संचालित होगा, इसलिए निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है।

डीएचबीवीएन के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि प्लांट को स्थिर विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त निगरानी एवं त्वरित रखरखाव की व्यवस्था भी की गई है। बैठक में बताया गया कि उत्तर रेलवे ने भी प्लांट को की जा रही विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता पर संतोष जताया है।

बैठक में डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम यादव वीडियो काॅन्फ्रेंस से जुड़े जबकि मुख्य अभियंता श्री राजेन्द्र सभ्रवाल भी मौजूद रहे।

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