सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने की मुख्यमंत्री घोषणाओं और बजट घोषणाओं की समीक्षा
सहकारिता मंत्री ने पानीपत में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश
अनाज भंडारण क्षेत्र में उतरेंगी सहकारी समितियां, सीएम पैक्सों से होगी शुरुआत
चीनी मिलों के घाटे को कम करने के मकसद से बनेगी समन्वय समिति
चंडीगढ़, 07 जनवरी – केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की नई सहकारिता नीति को क्रियान्वित करने की दिशा में हरियाणा गंभीरता से काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि के संकल्प और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के संग चलें, संग बढ़ें के मूल मंत्र के साथ हरियाणा की सहकारी समितियां अब अनाज भंडारण क्षेत्र में उतरेंगी।
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इस दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए सीएम पैक्सों से शुरुआत करने तथा इच्छुक सहकारी समितियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं, प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उभारने के लिए भी शीघ्र ही समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहकारिता मंत्री हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित कमेटी कक्ष में सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार एवं सभी सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में अनाज भंडारण के लिए गोदाम निर्माण के उद्देश्य से हैफेड को नोडल एजेंसी बनाते हुए 10 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण के लिए अधिकृत किया गया है। इस दिशा में हैफेड द्वारा अब तक 3.35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण के लिए मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 1.38 लाख मीट्रिक टन के लिए प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति को भेज दिए गए हैं।
सहकारी समितियां आत्मनिर्भर भारत – विकसित भारत संकल्प में अपना अहम योगदान दे सकें, इसके लिए सीएम पैक्सों को भी अनाज भंडारण क्षेत्र में अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अब तक पंजीकृत सभी सीएम पैक्सों को इस संभावना के बारे में अवगत कराते हुए अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि उन्हें व्यवहारिक तौर पर लाभ मिल सके।
सहकारिता मंत्री ने सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उभारने के लिए सहकारी चीनी मिल संघ को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एक समन्वय समिति गठित की जाए, जो सभी चीनी मिलों का निरीक्षण करते हुए मिलों को घाटे से उबारने संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों के सामने आ रही श्रमिक समस्या के समाधान के लिए भी जल्द ही कृषि विभाग के साथ समन्वय करते हुए हार्वेस्टिंग मशीनों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही पानीपत में 200 करोड़ रुपये की लागत से एथेनॉल प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए तथा अन्य सहकारी चीनी मिलों में एथेनॉल प्लांट लगाने की संभावना पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विभाग से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं और बजट के दौरान की गई घोषणाओं की भी समीक्षा की।
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, हैफेड एमडी मुकुल कुमार, डेयरी फेडरेशन एमडी रोहित यादव, हरको बैंक एमडी डॉ. प्रफुल्ला रंजन, हरकोफेड एमडी नरेश गोयल, लेबर फेड एमडी वीरेंद्र दहिया तथा हाउसफेड एमडी योगेश शर्मा उपस्थित रहे।
लोक निर्माण विभाग स्वयं को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करे: रणबीर गंगवा
सड़क एवं बिल्डिंग के प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे करवाने के निर्देश
काम में देरी करने की लापरवाही बरतने वाली गुरुग्राम और थानेसर की एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के दिये निर्देश
चंडीगढ़, 7 जनवरी- हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में भवन और सड़कें वन-स्टैंडर्ड हों तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) स्वयं को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करे। इसके लिए विभाग के अधिकारी पूरी योजना के साथ काम करें। जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, और उनकी समस्याओं के तुरंत समाधान की दिशा में भी काम हो।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को हरियाणा निवास में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कई निर्देश दिए है। बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत सड़कों से संबंधित कार्यों, सफेद पट्टी (रोड मार्किंग), प्रस्तावित मॉडल रोड्स तथा भवन एवं सड़क से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
लेटलतीफी करने वालों पर एक्शन होगा: गंगवा
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि कुछ स्थानों पर एक ही ठेकेदार द्वारा कई-कई कार्य लेने के कारण परियोजना समय पर पूरा नहीं हो पा रही। इस पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने काम को 1 साल तक भी पूरा नहीं कर पाने वाली एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने थानेसर और गुरुग्राम क्षेत्र की ऐसी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार अधिक टेंडर कार्य लेना गलत नहीं है, लेकिन सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की लेटलतीफी का खामियाजा जनता को क्यों भुगतना पड़ता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि अगर कोई टेक्निकल दिक्कत नहीं तो समय पर प्रोजेक्ट पूरा हो।
मंत्री श्री गंगवा ने निर्देश दिए कि किसी भी कार्य के पूर्ण होने के तीन माह के भीतर वित्तीय क्लोजिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी एजेंसी को भुगतान को लेकर परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में देरी स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हेडक्वार्टर से समय-समय पर टीमें भेजकर कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। अधिक माइंस वाले टेंडरों पर विशेष नजर रखने, खराब हालत की सड़कों की नई सड़क बनने तक मरम्मत सुनिश्चित करने तथा पिछली डीएलपी अवधि की सड़कों की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में 30403 किलोमीटर लंबी सड़क है। इनमें से 16435 किलोमीटर सड़क डीएलपी के दायरे में है। वहीं 6019 किलोमीटर डीएलपी से बाहर है। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनमें से जो सड़क खस्ता हाल है, जब तक वह नई नहीं बन जाती, तब तक उसे हर हालत में सुचारू रखने यानि अगर पैचवर्क की जरूरत है तो वह किया जाए और अगर गड्ढे है तो उन्हें भरा जाए। उन्होंने कहा कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों को प्रतिदिन देखने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं ऐप की निगरानी करें और शिकायतों का जवाब तय समय में दें।
बैठक में फील्ड कर्मचारियों, विशेषकर बेलदारों की फील्ड में उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रत्येक कार्य की प्रगति प्रतिशत के अनुसार रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया।
28 नए रोड रोलर मिलेंगे
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश में जल्द ही आधुनिक उपकरणों से युक्त पैच वैन शुरू की जाएगी, जिस पर विभाग की मैकेनिकल विंग कार्य कर रही है। वर्तमान में 28 नए रोड रोलर विभाग को प्राप्त हो चुके हैं, जबकि शेष 28 की डिलीवरी शीघ्र होगी। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल एवं हॉर्टिकल्चर विंग की गतिविधियों की रिपोर्ट भी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई।
बैठक में प्रत्येक जिले में बनाए जाने वाले मॉडल रोड्स को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 11 मॉडल रोड्स की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई, जबकि अगले वर्ष प्रदेश में 23 और मॉडल रोड्स विकसित करने के लिए सड़कों की पहचान कर ली गई है। इन सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था, लाइटिंग और ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाएगा। साथ ही हेडक्वार्टर की टीमें सभी चल रहे प्रोजेक्ट्स पर लगातार नजर रखेंगी और अधिकारी समय-समय पर मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।
बैठक के दौरान विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री हितेश कुमार मीणा, इआईसी श्री राजीव यादव, श्री अनिल दहिया मौजूद थे।
क्रमांक 2026
पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर उठाए जा रहे आरोप निराधार : हरियाणा लोक सेवा आयोग
चंडीगढ़,07 जनवरी – हरियाणा लोक सेवा आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि हाल के दिनों में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर एक झूठा और भ्रामक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत किया गया है तथा आयोग को राज्य सेवाओं में नियुक्तियों हेतु परीक्षाएं आयोजित करने का संवैधानिक दायित्व सौंपा गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि आयोग द्वारा की गई भर्तियां न्यायिक जांच की कसौटी पर खरी उतरी हैं, जो आयोग द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता का प्रमाण है। आयोग को प्राप्त होने वाले सभी अभ्यावेदन, शिकायतों एवं सुझावों पर विधिवत विचार किया जाता है तथा आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, चयन प्रक्रिया से संबंधित समस्त जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षण की गुणवत्ता को लेकर आयोग के माननीय अध्यक्ष से संबंधित जो टिप्पणियां प्रसारित की जा रही हैं, वे पूर्णतः असत्य, निराधार एवं भ्रामक हैं। यह कुछ निहित स्वार्थों द्वारा आयोग की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग शैक्षणिक जगत (अकादमिक समुदाय) को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है तथा उनके सक्रिय सहयोग के बिना इतनी व्यापक और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संभव नहीं होती।
प्रवक्ता ने दोहराया कि आयोग द्वारा की गई सभी भर्तियां पूर्णतः मेरिट के आधार पर की गई हैं। यदि किसी भी व्यक्ति को आयोग से संबंधित किसी भी विषय पर कोई शंका या आपत्ति है, तो वे आयोग के सचिव के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि उनकी शिकायतों का समाधान किया जा सके। इससे उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी भी प्राप्त होगी और वे चयन प्रक्रिया को बाधित करने वाले झूठे नैरेटिव से भ्रमित नहीं होंगे।
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