Tuesday, January 20, 2026
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सिरसा में विकास कार्य ठप, सरकार के नए अधिनियम से 601 निर्माण अटके: कुमारी सैलजा

सिरसा में विकास कार्य ठप, सरकार के नए अधिनियम से 601 निर्माण अटके: कुमारी सैलजा

 

-28 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के कारण सिरसा में विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है

 

-वर्ष 2009 में इसी प्रकार की परिस्थिति उत्पन्न होने पर सरकार ने एक विशेष अधिसूचना जारी कर निर्धारित शुल्क लेकर निर्माण की अनुमति दी थी

 

चंडीगढ़, 20 जनवरी।

 

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव, पूर्व मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री हरियाणा को पत्र लिखकर सिरसा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 से जुड़े क्षेत्रों में लागू किए गए नए अधिनियम पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि 28 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के कारण सिरसा में विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और आम नागरिकों, व्यापारियों तथा निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 

कुमारी सैलजा ने पत्र में उल्लेख किया है कि इस अधिनियम को लागू करने से पहले सरकार द्वारा न तो नागरिकों को कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही कोई समकालीन व्यवस्था की गई। इसके परिणामस्वरूप सिरसा जिले में लगभग 601 निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं। कई लोगों ने करोड़ों रुपये का निवेश कर रखा है, लेकिन अब न तो निर्माण कार्य आगे बढ़ पा रहा है और न ही निवेश सुरक्षित महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य रुकने से न केवल शहरी विकास बाधित हुआ है, बल्कि रोजगार के अवसरों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और आमजन के बीच अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है। सांसद ने यह भी स्मरण कराया कि वर्ष 2009 में इसी प्रकार की परिस्थिति उत्पन्न होने पर सरकार ने एक विशेष अधिसूचना जारी कर निर्धारित शुल्क लेकर निर्माण की अनुमति दी थी, जिससे नागरिकों को राहत मिली थी और सरकार को राजस्व भी प्राप्त हुआ था।

 

कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 2009 की तर्ज पर एक नई अधिसूचना जारी की जाए, जिसके अंतर्गत 28 मार्च 2025 से पूर्व किए गए सभी निर्माणों को निर्धारित शुल्क लेकर वैध किया जाए तथा तब तक सभी दंडात्मक कार्रवाइयों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि इससे सिरसा में रुके विकास कार्यों को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य सरकार को भी राजस्व का लाभ होगा।

 

 

 

श्रीगंगानगर-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के पुन: संचालन की उठी मांग

 

सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर श्रीगंगानगर-हावड़ा/सियालदह सुपरफास्ट एक्सप्रेस (13007/13008) के शीघ्र पुन: संचालन की मांग की है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि कोविड-19 के बाद यह ट्रेन स्थायी रूप से बंद है, जिससे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के अनेक जिलों के यात्रियों को पूर्वी भारत की यात्रा में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सीधी रेल सेवा के अभाव में यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है, जिससे यात्रा 45 से 50 घंटे तक लंबी, महंगी और असुविधाजनक हो जाती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि यह ट्रेन व्यावसायिक, शैक्षणिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी थी, क्योंकि यह श्रीगंगानगर, अबोहर, बठिंडा, रोहतक जैसे महत्वपूर्ण शहरों को पूर्वी भारत के प्रमुख केंद्रों से जोड़ती थी। कुमारी सैलजा ने सुझाव दिया कि यदि इस ट्रेन का समय हावड़ा/सियालदह से प्रात: तथा श्रीगंगानगर से रात्रिकाल निर्धारित किया जाए, तो सीमित रेक संसाधनों में भी इसका संचालन संभव है और रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है। उन्होंने जनहित और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के पुन: संचालन के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है

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