चंडीगढ़, 6 दिसंबर — पंचकूला सेक्टर-5 में आज से चार दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल की शुरुआत हुई। समारोह के पहले दिन छात्रों और विज्ञान प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने अपने अंतरिक्ष मिशन के प्रेरणादायक अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से भारत को देखना एक अविस्मरणीय क्षण था। उनका कहना है कि अंतरिक्ष से भारत “सारे जहाँ से अच्छा” दिखाई देता है। शुक्ला ने कहा कि लगभग 20 दिन तक अंतरिक्ष में रहकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए, जो गगनयान मिशन को नई दिशा देंगे। भारत-केंद्रित भोजन, वैज्ञानिक तकनीकों और मानव शरीर पर सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों पर किए गए परीक्षण इस मिशन की बड़ी उपलब्धियाँ हैं।
शुक्ला ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी पूरा होगा जब युवा विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में आगे आएंगे। उन्होंने बच्चों से जिज्ञासा बनाए रखने और कठिन परिस्थितियों में भी अपने प्रयास जारी रखने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा मानव अंतरिक्ष मिशन की घोषणा सुनकर उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने का संकल्प लिया था।
एक छात्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि नया फ्रेमवर्क तैयार हो रहा है, जिसमें एयर फोर्स के अलावा अन्य क्षेत्रों के लोग भी एस्ट्रोनॉट बन सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और अधिक भारतीय अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे।
— News Written by: Priyanka Thakur


