मनीमाजरा — मनसा देवी रोड स्थित अन्नपूर्णा संतोषी माता मंदिर में अन्नपूर्णा माता जयंती धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह मंदिर क्षेत्र के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है, जिसकी आयु लगभग 400 वर्ष मानी जाती है। इस अवसर पर भक्तों ने हवन, भजन-कीर्तन और भंडारे में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जयंती उत्सव की शुरुआत हवन से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर माता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद माता की इच्छा तक भंडारा चलता रहा, जिसमें भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महंत रामेश्वर गिरी ने बताया कि अन्नपूर्णा जयंती से पूर्व मंदिर परिवार और भक्तों ने 21 दिन का निर्जल व्रत रखा। व्रत पूर्ण होने पर सभी ने माता के चरणों में हवन कर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि माता के आशीर्वाद से भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
मंदिर के इतिहास के अनुसार, जो भी भक्त लगातार 40 दिन दर्शन करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। भक्तों का विश्वास है कि अन्नपूर्णा माता के व्रत से घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं रहती।
महंतों ने जानकारी दी कि वर्ष 1980 में संतोषी माता की मूर्त स्थापना के बाद यह मंदिर संतोषी माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया। साथ ही मंदिर परिसर में खाटू श्याम मंदिर और विशाल लंगर हॉल का निर्माण भी तेजी से जारी है।
इस पावन उत्सव में गणमान्य लोगों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे दिन उपस्थित रहे और क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो उठा।
— News Written by: Priyanka Thakur


