Thursday, February 19, 2026
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हरियाणा कैबिनेट ने 2002 में नियुक्त 347 कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों को ओपीएस और अन्य लाभ किए प्रदान

हरियाणा कैबिनेट ने 2002 में नियुक्त 347 कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों को ओपीएस और अन्य लाभ किए प्रदान

चंडीगढ़, 1 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य परिवहन विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त 347 ड्राइवरों को क्वालिफाइंग सर्विस और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ देने का फैसला किया है।

इस फैसले का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करना और समान पद वाले कर्मचारियों के बीच समानता सुनिश्चित करना है। इन ड्राइवरों को वर्ष 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था और बाद में वर्ष 2006 में हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप-C) हरियाणा रोडवेज सेवा नियम, 1995 (समय-समय पर संशोधित), के तहत रेगुलर किया गया था। हालांकि, जनवरी 2014 में सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुए आपसी समझौते में केवल 1 जनवरी, 2003 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को ही शामिल किया गया था, इसलिए वर्ष 2002 में नियुक्त ड्राइवरों को यह लाभ नहीं मिल पाए थे, जिससे जूनियर ड्राइवरों को अपने सीनियर्स की तुलना में ज़्यादा सैलरी और पेंशन लाभ मिल रहे थे।

इस फैसले से, वर्ष 2002 में भर्ती हुए ड्राइवरों को उनकी शुरुआती नियुक्ति की तारीख से रेगुलर माना जाएगा। शुरुआती नियुक्ति की तारीख से सेवा की गणना करके एसीपी इत्यादि, पुरानी पेंशन योजना और पारिवारिक पेंशन योजना, 1964 का लाभ प्रदान करने, जनरल प्रोविडेंट फंड खाते खोलने जैसे विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे। ये सभी लाभ 31 अगस्त, 2024 तक सैद्धांतिक रूप से दिए जाएंगे तथा वास्तविक वित्तीय लाभ 1 सितंबर, 2024 से या सरकार द्वारा तय की गई किसी अन्य कट-ऑफ तारीख से मिलेंगे।

क्रमांक- 2026

चंडीगढ़, 1 जनवरी— मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम पंचायत रत्तेवाली, ब्लॉक बरवाला, जिला पंचकूला की 4 एकड़ 01 कनाल 17 मरला भूमि को 570 पशुओं की गौशाला की स्थापना के लिए कामधेनु गौ सेवा समिति, सकेतड़ी, पंचकूला को 20 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर देने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

क्रमांक- 2026

महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में महत्वपूर्ण संशोधनों को कैबिनेट ने दी मंजूरी

चंडीगढ़, 1 जनवरी —  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण को मजबूत करने और दीर्घकालिक बचत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLY), 2025  का विस्तार करते हुए महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विजन रखा है, इसके लिए उन्होंने ह्यूमन कैपिटल (Human Capital) पर अभी से कार्य करने की दिशा में प्रतिबद्धता जताई है।   इस विजन को लागू करते हुए आज की बैठक में ह्यूमन कैपिटल को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है।   राज्य सरकार द्वारा बहनों -बेटियों के लिए शुरू की गई दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार किया गया है। अब इस योजना को सामाजिक विकास के साथ जोड़ा जाएगा और इसके लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में कुछ नई श्रेणियों को जोड़ा गया है।  इसके तहत, वर्तमान में जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है, उन परिवारों की महिलाओं को 2100 रुपए का लाभ दिया जा रहा है। अब यह लाभ 1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी मिलेगा, बशर्ते कि उन माताओं ने विकसित भारत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बच्चों की शिक्षा और विकास पर ध्यान दिया है।

संशोधन के तहत जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे जो सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे है, वे 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आते है, ऐसी माताओं को भी अब दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ दिया जाएगा।   इसके अलावा, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान देने के उद्देश्य से भी भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी प्राप्त करते हैं, ऐसी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।  साथ ही, बच्चों में कुपोषण या एनीमिया को रोकने के लिए भी पहल की गई है। इसके तहत, पोषण ट्रैकर में कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया ग्रस्त था, वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो ऐसी माताओं को भी 2100 रुपए का लाभ प्रदान किया जाएगा। हालांकि, उपरोक्त सभी श्रेणियों के तहत यह लाभ केवल 3 बच्चों तक ही मिलेगा। साथ ही, इन श्रेणियों के तहत पात्र महिलाओं को लाभ तीन साल तक दिया जाएगा।

इसके साथ ही, महिलाओं व उनके परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भी एक नई पहल शुरू की गई है। वर्तमान में जो 2100 रुपए की राशि बहन – बेटियों के खातों में जा रही है, अब इस राशि में से 1100 रुपए सीधे महिलाओं को मिलेंगे और 1000 रुपए सरकार रेकरिंग डिपॉजिट/फिक्स्ड डिपॉजिट करवाएगी। इस डिपॉजिट का पैसा ब्याज सहित लाभार्थी को मिलेगा। इसका एक SMS भी प्रत्येक महिला को हर माह जाएगा। लाभार्थी की असामयिक मृत्यु पर उसके नॉमिनी को यह राशि तुरंत प्रदान की जाएगी, यह भी पर प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लाभार्थियों की सूची ग्राम सभाओं में जारी की जाएगी। यदि कोई आपत्ति दर्ज करवाई जाती है तो संबंधित का नाम काट दिया जाएगा।   दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 10 लाख 255 महिलाओं ने आवेदन किया है। इसमें से 8 लाख महिलाएं को सहायता राशि प्रदान की जा रही हैं। अभी तक सरकार ने दो किस्तों में लगभग 250 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

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