Sunday, January 11, 2026
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केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और होगा प्रशस्तः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और होगा प्रशस्तः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बजट पूर्व बैठक हुई आयोजित

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी मांगों को शामिल करने की रखी डिमांड

 

सीएम ने रखी डिमांड: सेम से प्रभावित 6 लाख एकड़ जमीन के लिए दी जाए वित्तीय सहायता

 केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (विधायक मंडल सहित) के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक हुई। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को रखा। इसमें कृषि, ग्रामीण विकास, मेडिकल, उद्योगों आदि में बजट आवंटन व अन्य प्रमुख मांगों को रखा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और प्रशस्त होगा। हरियाणा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना पूरा योगदान देगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। हमने अपने स्तर पर काफी प्रयास किए हैं लेकिन परिणाम तक पहुंचने के लिए केंद्रीय सहायता की जरूरत है। चिकित्सा शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए हरियाणा हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। इसके लिए भी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मदद की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है व खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। इसे भारत का ब्रेड बास्केट भी कहा जाता है। यहां सेम से 6 लाख एकड़ जमीन प्रभावित है, अतः इस ज़मीन को और ज्यादा नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। वहीं कृषि के आधुनिकीकरण की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। डिजिटल एग्रीकल्चर, माइक्रो इरीगेशन, एग्री लॉजिस्टिक्स और वैल्यू-एडीशन पर फोकस किसान को सीधे बाजार से जोड़ा जा सकता है।एम.एस.एम.ई. के साथ एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर्स ग्रामीण समृद्धि का इंजन बन सकते हैं।

एनसीआर क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स हब के लिए केंद्रीय पूंजी निवेश की जरूरत

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे देश के सभी प्रमुख बाजारों से कनेक्टिविटी और माल की सप्लाई आसान व समयबद्ध हो जाएगी इसलिए हमें इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक केंद्रीय पूंजी निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को गति दिये बिना अर्थव्यवस्था को गति नहीं दी जा सकती। हरियाणा का स्टार्टअप्स में देश में चौथा स्थान है। हम स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ स्थापित करवाने जा रहे हैं। हम प्रदेश में 10 नये आई.एम.टी. विकसित करने जा रहे हैं। इससे समूचे प्रदेश में एम.एस.एम.ई. व स्टार्टअप्स को भारी प्रोत्साहन भी मिलेगा। इन आई.एम.टी. में भारी पूंजी निवेश भी होगा। हमें इन्हें विकसित करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 44 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रहे हैं। हरियाणा की इस मद में भी आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए।

ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की रखी डिमांड

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की डिमांड रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती बुनियादी ढांचे की जरूरतों और ग्रामीण विकास की गति को बनाए रखने के लिए आरआईडीएफ के तहत सामान्य आवंटन को अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये किया जाए। इसी तरह यूआईडीएफ के तहत अधिकतम परियोजना आकार पर 100 करोड़ रुपये की मौजूदा सीमा बड़ी परियोजनाओं के काम में बाधा बनी हुई है। इस सीमा को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये किया जाए। उन्होंने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना जारी रखने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण हरियाणा की विशेष जरूरतों को देखते हुए, हरियाणा के लिए अप्रतिबंधित आवंटन बढ़ाया जाए। साथ ही सहायता के उपयोग की शर्तों में भी उचित छूट दी जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुझाव देते हुए कहा कि सबसे पहला मानव पूंजी निवेश आज समय की मांग है। शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य विकसित राष्ट्र की रीढ़ है। भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए एआई, सैमी कंडक्टर्स, ग्रीन टेक व बायोटेक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास किया जाना जरूरी है।

जीडीपी में हरियाणा का 3.7 योगदान

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा भौगोलिक रूप से एक छोटा राज्य होने के बावजूद देश की जीडीपी में 3.7 प्रतिशत योगदान कर रहा है। कर संग्रह के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। वहीं प्रति व्यक्ति जीएसटी संग्रहण में देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर कुल जीएसटी संग्रह में हमारा योगदान 7.32 प्रतिशत है। दिसंबर, 2025 तक देश में 5वें स्थान पर रहे हैं। हरियाणा ने इस वित्त वर्ष में शुद्ध एसजीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 6 प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस आम बजट में हरियाणा से जुड़ी मांगों को विशेष स्थान दिया जाएगा ताकि प्रदेश और तेज गति से विकास कर सके।

गांव का स्नेह और बुजुर्गों का आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत

 

कहा, बच्चे देश का भविष्य, इन्हें खूब पढाएं, देश और तेजी से करेगा उन्नती

 

माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का पैतृक गांव पेटवाड़ में भव्य सम्मान समारोह आयोजित

 

गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनवाया जाएगा

 भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के पैतृक गांव पेटवाड़, हांसी में उनके सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पैतृक गांव में पहुंचने पर सीजेआई श्री सूर्यकांत का ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ उन्हें मुख्य मंच तक लाया गया, जहां ग्रामवासियों ने पगड़ी पहनाकर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने गांव, शिक्षकों, माता-पिता, बुजुर्गों और ग्राम वासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षकों की निष्ठा और बुजुर्गों के आशीर्वाद ने उन्हें आगे बढऩे की प्रेरणा दी।

 उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा निवेश है और प्रत्येक परिवार को बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों को सामूहिक सहयोग से उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया तथा इसके लिए स्वयं आर्थिक सहयोग देने की भी घोषणा की। मुख्य न्यायाधीश ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बच्चे भविष्य में हरियाणा और देश का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। उन्होंने युवाओं को सेना, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं का और अधिक विकास होगा। उन्होंने आयोजन समिति, ग्रामवासियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव का स्नेह और आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि इसी स्कूल में दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। स्कूल से हमेशा लगाव रहेगा। उन्होंने कहा कि बेशक उस समय स्कूलों में सुविधाएं अधिक नहीं होती थी, लेकिन अध्यापकों में पढ़ाने के प्रति समर्पण बहुत अधिक था। उन्होंने याद करते हुए कहा कि इस स्कूल के बड़े हॉल में धान की पराली बिछाकर पढते थे और रात को भी अध्यापक काफी देर तक पढ़ाते थे, ताकि उनके स्कूल का परिणाम क्षेत्र के अन्य स्कूलों की तुलना में बढिय़ा आए।

इस दौरान गांव के विकास को लेकर बस स्टैंड के पास एक एकड़ जमीन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, नए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पुराने भवन को कंडम करवाकर नया भवन बनवाने, डोबा वाले तालाब के पीछे हर्बल पार्क बनवाने, ई-पुस्तकालय स्थापित करवाने, डोबा तथा डोबी तालाब का सौंर्दयकरण करवाने, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सौलर पैनल लगवाने सहित कई मांगे रखी गई, जिन पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि कल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था कि गांव की जो भी मांगे रखी जाएंगी, उन सभी को पूरा करवाया जाएगा।

 शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने सीजेआई सूर्यकांत तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनाने की घोषणा की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया। इससे पूर्व सीजेआई सूर्यकांत ने गांव स्थित मंदिर में जाकर माथा टेका।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का स्वागत करते हुए कहा कि श्री सूर्यकांत से कई बार वार्तालाप हुआ है। उनकी बातों में गांव की खुशबू महसूस होती है। उन्होंने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत का जीवन प्रेरणा का स्त्रोत है, इसलिए बच्चे इनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े और मुकाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि मेहनत सफलता की कुंजी है। हमेशा लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत और जुनून का रास्ता चुने।

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि  मेहनत से हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। सीजेआई सूर्यकांत ने इस बात को साबित करके दिखाया है। आज मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत हर युवा के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह में गांव के विकास को लेकर जो मांगे रखी गई हैं, उन सभी मांगों को पूरा प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा।

सम्मान समारोह के दौरान बच्चों ने अपने हाथों से बनाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पेंटिंग को भीड़ के बीच से अपने हाथों में उठाकर दिखाया। सीजेआई श्री सूर्यकांत की नजर जैसे ही बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने हाथ हिलाकर बच्चों को मंच पर बुलाया और दुलार करते हुए सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान सीजेआई श्री सूर्यकांत की धर्मपत्नी सविता वशिष्ठ को भी गांव की ओर से सम्मानित किया गया। गायक लोकेश शर्मा ने सीजेआई श्री सूर्यकांत के सम्मान में उनके जीवन पर आधारित गीत प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी,  कैबिनेट मंत्री श्री अरविंद शर्मा, सफीदों विधायक श्री रामकुमार गौतम, विधायक श्री रणधीर पनिहार व नारनौंद विधायक श्री जस्सी पेटवाड़, हिसार डिवीजन की प्रशासनिक न्यायाधीश अलका सरीन, हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, एडीजे निशांत शर्मा, सीजेएम अशोक कुमार, सीजेएम राजीव श्योकंद,जिला परिषद के चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा, पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, पूर्व विधायक शिव शंकर भारद्वाज, उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, एसडीएम विकास यादव, पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा, हांसी बार एसोसिएशन प्रधान पवन रापडिय़ा, हिसार बार एसोसिएशन प्रधान संदीप बुरा, मास्टर ऋषिकांत, मास्टर फुलकुमार, सरपंच प्रतिनिधि सतबीर सिंह तथा कई न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

*हांसी में शीघ्र स्थापित होगी सेशन डिवीजन : मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत*

 

*नारनौंद में उपमंडलीय न्यायालय का हुआ शुभारंभ, न्यायिक परिसर का किया शिलान्यास*

 

*नारनौंद में 21 करोड़ से अधिक की धनराशि से उपमंडलीय न्यायिक परिसर का होगा निर्माण*

 देश के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि हांसी में शीघ्र ही सेशन डिवीजन स्थापित की जाएगी। हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाने के बाद यहां हांसी वासियों के लिए एक और सुविधा होगी। आमजन को न्याय पहुंचाने की दिशा में यह डिवीजन महत्वपूर्ण साबित होगी।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत नारनौंद स्थित उपमंडल न्यायिक परिसर में नारनौंद उपमंडल न्यायालय के शुभारंभ तथा उपमंडल न्यायिक परिसर के शिलान्यास के उपरांत उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा गणमान्य नागरिकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि नारनौंद में उपमंडलीय न्यायालय की स्थापना होना हर्ष का विषय है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे न्याय को हर गरीब व्यक्ति के द्वार तक लेकर जाएंगे।  संविधान में सभी को एक समान रूप से न्याय प्राप्त करने का अधिकार दिया है। न्यायपालिका द्वारा गरीब लोगों तक सुलभ न्याय देने के लिए कार्य किया जा रहा है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को आह्वान करते हुए कहा कि न्याय के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत रखते हुए समय पर न्याय पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिवक्ता न्याय के सजग प्रहरी के तौर पर कार्य करते हुए बार के एथिक्स को याद रखें।

*विकास के साथ तकनीकी युग में अधिवक्ता स्वयं को तकनीकी ज्ञान से युक्त करें तथा न्यायपालिका में हो रहे विकास से स्वयं का अपडेट रखें*

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता सकारात्मक सोच के साथ लंबित मामलों को निपटाए।

गौरतलब है कि उपमंडलीय न्यायिक परिसर पर 21 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। इस न्यायिक न्यायालय परिसर का निर्माण 1.79 एकड़ में किया जाएगा। न्यायिक न्यायालय परिसर में भू-तल, प्रथम तल तथा द्वितीय तल पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। भू-तल पर न्यायालय कक्ष, साक्षी कक्ष व अन्य कक्ष, प्रथम तल पर फैमिली कोर्ट, मध्यस्था कक्ष आदि तथा द्वितीय तल पर ममटी एवं मशीन रूम का निर्माण होगा।

नारनौंद बार एसोसिएशन की ओर से मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू व हरियाणा के जनस्वास्थ्य मंत्री श्री रणबीर गंगवा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी, हिसार डिवीजन की प्रशासनिक न्यायाधीश अलका सरीन, हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, सफीदों विधायक रामकुमार गौतम, स्थानीय विधायक जस्सी पेटवाड़, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल चंद्रशेखर, हांसी के उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, एसडीएम विकास यादव, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल, सीजेएम अशोक कुमार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश, उपाध्यक्ष सुशील शर्मा, सचिव सुनिल पनिहार, संयुक्त सचिव जितेंद्र खरब, लाइब्रेरियन अमन ढांडा सहित हांसी व नारनौंद बार एसोसिएशन के अधिवक्ता व संबंधित न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

*उच्च गुणवत्ता आलू बीज उत्पादन में हरियाणा अग्रणी कृषि राज्य : कृषि मंत्री*

 

*चौथा आलू एक्सपो के समापन समारोह में श्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल*

 

*उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 किसानों को आलू रत्न व आलू सम्मान से किया पुरस्कृत*

हरियाणा के बागवानी विभाग द्वारा करनाल में आयोजित “चौथा  आलू एक्सपो” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय कार्यक्रम हरियाणा के साथ अन्य राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, बीज उत्पादकों, वैज्ञानिकों, खरीदारों, विक्रेताओं और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों के उत्साहपूर्ण भागीदारी में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आलू उत्पादन में नवीन तकनीकों का प्रदर्शन, उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ना है। एक्सपो के द्वितीय दिवस एवं समापन समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

 समारोह के दौरान कृषि मंत्री ने सर्वप्रथम संस्थान में स्थापित अत्याधुनिक टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, जिसमें रोग-मुक्त एवं गुणवत्तायुक्त बीज आलू उत्पादन की प्रक्रिया को समझाया गया। इसके उपरांत उन्होंने एयरोपोनिक्स यूनिट का अवलोकन किया, जहां बिना मिट्टी के उन्नत तकनीक से पैदा किये गए आलू की प्रक्रिया को दिखाया गया था।

कृषि मंत्री ने विभिन्न आलू किस्मों के प्रदर्शन प्रक्षेत्र (ट्रायल्स) का भी निरीक्षण किया, जिसमें कुल 16 विभिन्न किस्मों की उपज क्षमता, रोग प्रतिरोधकता और बाजार उपयोगिता पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त उन्होंने नेट हाउस का अवलोकन कर संरक्षित खेती के माध्यम से बीज आलू उत्पादन की संभावनाओं पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में मंत्री ने एक्सपो परिसर में स्थापित विभिन्न फर्मों के स्टॉल का भ्रमण किया, जहाँ सार्वजनिक और निजी कंपनियों द्वारा बीज, मशीनरी, तकनीकी सामग्री और अन्य कृषि उपकरण प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने स्टॉल संचालकों से संवाद कर तकनीकों की जानकारी ली और किसानों के हित में नवाचारों की सराहना की।

 इसके उपरांत मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने उपस्थित किसानों, खरीदारों और विक्रेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक्सपो  हरियाणा में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले आलू के बीज को देश के किसानों से जोडऩे का एक सशक्त माध्यम है और आलू बीज उत्पादन में हरियाणा एक उभरता अग्रणी कृषि राज्य बन रहा है। नई तकनीकों के माध्यम से हरियाणा ने बीज आलू उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे किसानों की लागत कम हुई है और आमदनी  में वृद्धि हुई है। यह मंच किसानों और खरीदारों को सीधे जोडक़र बेहतर बाजार और उचित मूल्य सुनिश्चित करेगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ा है और कृषि क्षेत्र व किसानों को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब साकार होगा जब हर क्षेत्र में विकास होगा। भारत सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 24 फसलों को  एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। इसके अलावा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए भावांतर भरपाई योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। हरियाणा देश में मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा शहद का मूल्य 120 रुपये निर्धारित किया गया। उन्होंने आह्वान किया कि हर नागरिक स्वदेशी को अपनाए ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।

 कार्यक्रम में अपने संबोधन के उपरांत कृषि मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया, जिसमें 5 प्रगतिशील किसानों को आलू रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया, प्रत्येक को 11,000 की नकद राशि दी गई, और 11 किसानों को आलू सम्मान से सम्मानित किया गया, प्रत्येक को 5,100 नकद राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर यह भी अवगत कराया गया कि टिशू कल्चर प्रयोगशाला को 1 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा विधिवत निरीक्षण के उपरांत मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर श्री श्याम सिंह राणा ने बागवानी विभाग एवं वैज्ञानिकों को बधाई दी और इसे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बताया। यह मान्यता प्रयोगशाला की तकनीकी क्षमता, गुणवत्ता मानकों और अनुसंधान सुविधाओं की पुष्टि करती है। साथ ही, वर्ष 2024 में राज्य सरकार द्वारा “हर-आलू लोगो” का ट्रेडमार्क पंजीकरण कराया गया है, जो बीज आलू की उच्च गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ब्रांड हरियाणा के बीज आलू को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक होगा।

इस अवसर पर डॉ. अर्जुन सिंह सैनी (हेड ऑफ द डिपार्टमेंट, स्पेशल) , निदेशक डॉ. रणबीर सिंह समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

*सिरसा में अवैध दवाओं के खिलाफ एफ़डीए की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं जब्त*

 

*दुकान को किया सील*

हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार के निर्देशानुसार सिरसा जिले में अवैध दवाओं के भंडारण एवं बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य औषधि नियंत्रक श्री ललित कुमार गोयल ने बताया कि जिला औषधि नियंत्रक (DCO) श्री सुनील कुमार ने पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से मंडी डबवाली, जिला सिरसा स्थित जीटी रोड पर देवीलाल पार्क के सामने स्थित मैसर्ज सुधीर मेडिकोज़ पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान फर्म के मालिक के पास से बिना किसी वैध खरीद-बिक्री रिकॉर्ड के कई प्रकार की दवाएं बरामद की गईं। इनमें छापेमारी के दौरान दुकान से टैपेंटाडोल टैबलेट  200, प्रेगाबालिन कैप्सूल 64, जोपिक्लोन टैबलेट 45 बरामद हुईं हैं। निरीक्षण के समय मालिक द्वारा दवाओं से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

उन्होंने बताया कि इसके बाद आगे की जांच के तहत फर्म के मालिक के आवास मकान नंबर 15, वार्ड नंबर 2, मंडी डबवाली पर भी छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं। आवासीय परिसर से कुल 14 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं मिलीं, जिनमें प्रमुख रूप से टैपेंटाडोल टैबलेट  10,950 , प्रेगाबालिन कैप्सूल 22,870 , जोपिक्लोन टैबलेट  70,770  , गैबापेंटिन कैप्सूल IP 300 mg  780 , प्रेगाबालिन 75 mg + मिथाइलकोबालामिन कैप्सूल 120 शामिल हैं।

राज्य औषधि नियंत्रक ने आगे बताया कि बरामद की गई सभी 14 प्रकार की दवाओं को फॉर्म-16 के तहत जब्त कर लिया गया है। साथ ही अपराध की आगे निरंतरता को रोकने के उद्देश्य से दुकान परिसर को सील कर दिया गया है।

श्री ललित कुमार गोयल ने स्पष्ट किया कि एफडीए अवैध, अनधिकृत और बिना रिकॉर्ड के दवाओं के भंडारण व बिक्री के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है। आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

 

*बजट निर्माण की प्रक्रिया में हर वर्ग की सहभागिता का प्रयास : आरती सिंह राव*

 *फरीदाबाद में किया गया प्री-बजट परामर्श बैठक का आयोजन*

 हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि जनभागीदारी के बिना समावेशी विकास संभव नहीं है और इसी सोच के तहत सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में हर वर्ग की सहभागिता हो। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी हितधारकों के सुझावों से हरियाणा का स्वास्थ्य क्षेत्र और अधिक मजबूत, आधुनिक तथा जनहितैषी बनेगा।

आरती सिंह राव ने बताया कि कल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह एवं अन्य मंत्रियों तथा अधिकारियों ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बजट सुझावों को लेकर फरीदाबाद में जो “प्री-बजट परामर्श बैठक” का आयोजन किया , उसके प्रदेश हित में सकारात्मक एवं दूरगामी परिणाम होंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में चिकित्सा, दंत चिकित्सा और आयुष क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सकों, स्वास्थ्य उपकरण निर्माताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा पैरामेडिकल प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने खुले मंच पर उपस्थित सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि जो प्रतिभागी बैठक में अपने विचार व्यक्त नहीं कर सके, वे विशेष रूप से तैयार किए गए ऐप और वेबसाइट के माध्यम से अपने सुझाव प्री-बजट परामर्श प्रक्रिया के तहत भेज सकते हैं।

 आरती सिंह राव ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बहुमूल्य सुझाव राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार जनभागीदारी की सरकार है और बजट तैयार करते समय सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान हरियाणा सरकार सभी हितधारकों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा भाजपा सरकार पहली बार इस स्तर पर आम जनता और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर बजट तैयार कर रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों में ऐसी परंपरा नहीं रही।

 

 

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बरवाला में किया नई अदालत का शुभारंभकोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी आधारशिला

 भारत के मुख्य न्यायाधीश  न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सभी व्यक्तियों को जल्द न्याय मिले, इसके लिए उनके नजदीक अदालतें स्थापित की जा रही हैं, अदालतें जितनी नजदीक होगी उतना ही व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्याय की लड़ाई लड़ सकता है।

 मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत बरवाला में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बरवाला में बनी अदालत का शुभारंभ किया और उसके साथ ही बनने वाले नए कोर्ट कॉम्पलेक्स की आधारशिला रखी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अलका सरीन, न्यायाधीश एच. एस . सेठी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ईशा खत्री व सौरव खत्री, एसीजेएम अनुराधा, बार एसोसिएशन के प्रधान दिनेश सैनी भी मौजूद थे।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि नई अदालतों की स्थापना का मूल उद्देश्य एक्सेस टू जस्टिस यानी आम नागरिक तक न्याय को सरल, सुलभ और सस्ता बनाना है। उन्होंने हरियाणा सरकार को बधाई देते हुए कहा कि बरवाला और नारनौंद में सोमवार से न्यायिक कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने प्रत्येक राज्य में हाईकोर्ट की व्यवस्था इसी सोच के साथ की थी कि नागरिकों को अपने मौलिक, नागरिक व मानवाधिकारों के लिए दिल्ली तक न जाना पड़े, बल्कि वे अपने ही राज्य में न्याय प्राप्त कर सकें।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हरियाणा सरकार का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने न्यायिक अवसंरचना के विकास में सदैव सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान वे हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन भी रहे और हरियाणा में कई न्यायिक परिसरों के निर्माण में सरकार से समय पर आर्थिक सहायता मिली। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में न्यायिक अधिकारी आम आदमी के कष्टों को समझते हुए न्याय प्रदान करेंगे और गुणवत्ता पूर्ण न्याय देने में प्रदेश देश में अग्रणी बनेगा। ‘न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा पर चलते हुए आमजन के पास न्यायिक परिसरों का निर्माण किया जा रहा है जोकि गरीब व्यक्तियों के लिए न्याय प्राप्त करने में काफी कारगर साबित हो रहे है। जहां निरंतर आधारभूत संरचना का विकास हो रहा है वहीं आमजन को गुणवत्तापूर्वक न्याय भी मिलना चाहिए।

कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का अपनी पैतृक धरती पर आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन हिसार जिला के लिए गौरव का दिन है। अपनी न्यायिक सूझबूझ से न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हरियाणा के साथ-साथ देश का मान बढ़ाया है। आज वे न्यायिक प्रक्रिया में सर्वोच्च शिखर पर पहुंचे है जोकि युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। प्रदेश सरकार न्याय ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। न्याय की चौखट आम जन तक पहुंच रही है, अब लोगों को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

कार्यक्रम में बार प्रधान दिनेश सैनी ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधायक रणधीर पनिहार, उपायुक्त महेन्द्र पाल, एसपी शशांक आनंद, पूर्व सांसद डी.पी. वत्स, पूर्व मंत्री अनूप धानक, एसडीएम वेद प्रकाश, एडवोकेट मनोज, एडवोकेट नवदीप चहल सहित अन्य अधिवक्ता गण मौजूद रहे।

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