चंडीगढ़, 13 जनवरी 2026।
हरियाणा लोक भवन में मंगलवार को पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ लोहड़ी का पर्व मनाया गया। इस आयोजन ने फसल उत्सव से जुड़ी समृद्ध विरासत, सामाजिक एकजुटता और आपसी सौहार्द की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। पूरे परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहां लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की झलक साफ नजर आई।
इस अवसर पर हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने प्रदेशवासियों को लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लोहड़ी केवल एक फसल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, गर्मजोशी और सामूहिक एकता का प्रतीक है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व हमें परिश्रम, समृद्धि और साझा खुशियों के महत्व का अहसास कराता है।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में ऐसे त्योहारों का विशेष स्थान है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। लोहड़ी जैसे पर्व विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सामाजिक बंधनों को और सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष, राज्यपाल के सचिव श्री डी.के. बेहेरा, एडीसी स्क्वाड्रन लीडर मोहन कृष्ण पी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक उत्सव का आनंद लिया।
समारोह का वातावरण उल्लास, सौहार्द और भविष्य के प्रति आशावाद से भरा रहा, जो लोहड़ी के मूल संदेश—कृतज्ञता, एकता और समृद्धि—को दर्शाता है।


