पंजाब पुलिस का 72 घंटे का ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू, डीजीपी की दो टूक चेतावनी – गैंगस्टर नहीं बचेंगे
पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया गया है। पंजाब पुलिस ने 72 घंटे का विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य राज्य में सक्रिय और विदेशों में बैठे गैंगस्टरों की कमर तोड़ना है। इस अभियान की जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अब किसी भी गैंगस्टर या उसके मददगार को बख्शा नहीं जाएगा।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार की शुरुआत 20 जनवरी की सुबह की गई है। इस अभियान में पंजाब पुलिस की 2000 से अधिक टीमें और करीब 12 हजार पुलिस अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। यह ऑपरेशन लगातार 72 घंटे तक चलेगा, जिसके दौरान गैंगस्टरों, उनके नेटवर्क और उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि चाहे गैंगस्टर पंजाब में हों या राज्य से बाहर, सभी के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब से बाहर या विदेशों में बैठे अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए पंजाब पुलिस ने एक नया विशेष सेल ‘आफ्टेक’ (AFTEK) भी गठित किया है। यह सेल विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को भारत वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सहारा लेगा।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि वर्तमान में करीब 60 गैंगस्टर विदेशों में बैठे हुए हैं, जिनमें से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया जा चुका है। आने वाले समय में अन्य गैंगस्टरों के खिलाफ भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तेज की जाएगी।
जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9394-693-946 भी शुरू किया है। डीजीपी ने अपील की कि कोई भी व्यक्ति गैंगस्टरों या उनके गुर्गों से जुड़ी जानकारी इस नंबर पर साझा कर सकता है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
डीजीपी ने बताया कि राज्य में नशे के खिलाफ भी पुलिस का अभियान लगातार जारी है। अब तक 31,527 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 42,251 गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ गैंगस्टरों के खिलाफ नहीं, बल्कि अपराध के पूरे इकोसिस्टम के खिलाफ जंग है।
उन्होंने गैंगस्टरों को शरण देने वालों, उन्हें आर्थिक मदद करने वालों और फर्जी दस्तावेज बनवाने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी। डीजीपी ने कहा कि अवैध रूप से पासपोर्ट बनाने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, ‘ऑपरेशन प्रहार’ को पंजाब में अपराध के खिलाफ निर्णायक लड़ाई माना जा रहा है। पुलिस का साफ संदेश है—अब कानून से ऊपर कोई नहीं है।


