चंडीगढ़, 24 जनवरी —
पंजाब विधानसभा के स्पीकर सरदार कुलतार सिंह संधवां ने उत्तर प्रदेश के पावन नगर वाराणसी पहुंचकर विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धा के साथ मत्था टेका। यह मंदिर न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता के संगम का भी प्रतीक है।
स्पीकर संधवां ने वाराणसी स्थित गुरु का बाग गुरुद्वारा साहिब में भी नतमस्तक होकर मत्था टेका। यह गुरुद्वारा साहिब प्रथम गुरु साहिब श्री गुरु नानक देव जी के चरणों की छाया से पावन माना जाता है। उन्होंने यहां समस्त पंजाबवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए विशेष अरदास की।
वाराणसी की पवित्र भूमि पर अपने अनुभव साझा करते हुए स्पीकर संधवां ने कहा कि इस ऐतिहासिक नगर में आकर उन्हें गहन शांति और आत्मिक सुकून की अनुभूति हुई। उन्होंने बताया कि यही वह भूमि है जहां साहिब श्री गुरु नानक देव जी अपनी पहली उदासी के दौरान पधारे थे और पंडित चतुर दास के साथ संवाद के माध्यम से ‘ओंकार’ बाणी द्वारा सत्य और मानवता का संदेश दिया था।

इस अवसर पर स्पीकर ने संत शिरोमणि भक्त गुरु रविदास जी के पवित्र जन्म स्थल सीर गोवर्धनपुर में भी मत्था टेका। उन्होंने ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा को याद करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी का सपना ऐसे समाज का था, जहां कोई दुख, भेदभाव और अन्याय न हो। उन्होंने सभी से गुरु रविदास जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने और जाति-पाति से ऊपर उठकर भाईचारे व समानता को मजबूत करने का आह्वान किया।


