अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) परिसर में एक युवक द्वारा संदिग्ध और आपत्तिजनक गतिविधियों को अंजाम देने का मामला सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब प्रदेश में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सतर्कता बढ़ाई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी युवक स्वर्ण मंदिर परिसर में सामान्य श्रद्धालु की तरह प्रवेश करता नजर आया। उसने पहले परिक्रमा स्थल के पास कुछ समय बिताया और बाद में पवित्र सरोवर के किनारे जाकर धार्मिक मर्यादाओं के विपरीत व्यवहार किया। युवक की गतिविधियां वहां मौजूद संगत को संदिग्ध लगीं, जिसके बाद इसकी सूचना तुरंत सेवादारों और पुलिस को दी गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मंदिर परिसर में तैनात पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को परिसर से बाहर ले जाकर पूछताछ शुरू की, ताकि उसके इरादों और पृष्ठभूमि का पता लगाया जा सके।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी संगठित साजिश का हिस्सा तो नहीं था।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुद को अकेला बताया है, लेकिन उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू पर भी ध्यान दे रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे किसी तरह की उकसावे वाली सोच या बाहरी प्रभाव तो नहीं है।
इस घटना के बाद स्वर्ण मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि स्वर्ण मंदिर सभी धर्मों और समुदायों के लिए शांति और श्रद्धा का प्रतीक है। किसी भी प्रकार की असामाजिक या अपमानजनक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसजीपीसी ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार धार्मिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को कानून सख्ती से रोकेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


