चंडीगढ़:
राज्य में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को सलेरन बांध इको-टूरिज्म परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों का योजनाबद्ध विकास कर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सलेरन बांध परियोजना न केवल राज्य में पर्यावरण पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी टक्कर देगी। उन्होंने बताया कि अमृतसर, पटियाला और चिमराउद झील जैसे स्थलों पर फिल्म शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग के माध्यम से भी रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.80 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट से प्रतिवर्ष 18 लाख रुपये से अधिक राजस्व की उम्मीद है। इसमें चार इको हट, 80 लोगों की क्षमता वाला कैफेटेरिया, बच्चों के लिए 16,000 वर्ग फुट का खेल मैदान और एक विशाल एम्फीथिएटर शामिल है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने अब तक 75 परित्यक्त विश्राम गृहों का जीर्णोद्धार कर उन्हें राजस्व अर्जन के केंद्र में बदला है, जिससे प्रति माह लगभग 1 करोड़ रुपये की आय हो रही है। उन्होंने पूर्व सरकारों पर सरकारी संपत्तियों की उपेक्षा और दुरुपयोग का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडी क्षेत्र में अपार पर्यटन संभावनाएं हैं और सरकार इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से यह क्षेत्र जल्द ही पंजाब के प्रमुख पर्यटन हब के रूप में उभरेगा।


