Monday, January 26, 2026
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विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 5.2 लाख रुपये रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल रंगे हाथों काबू

विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 5.2 लाख रुपये रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल रंगे हाथों काबू

चंडीगढ़,
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के दौरान सी.आई.ए. खन्ना में तैनात हेड कांस्टेबल रमेश कुमार को 5 लाख 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।

इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को मास्टर कॉलोनी, खन्ना, जिला लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता संपत्ति की खरीद-फरोख्त के कारोबार से जुड़ा हुआ है और उसने शिकायत की कि आरोपी हेड कांस्टेबल रमेश कुमार उससे मिला और उस पर जुए की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। आरोपी कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता को बताया कि खन्ना के सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह ने उसे बुलाया है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह की ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है, फिर भी उसे सीआईए इंचार्ज से संपर्क करने के लिए मजबूर किया गया था।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता कार्यालय गया और सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह से मिला, जिसने शिकायतकर्ता पर सट्टेबाजी और गैर-कानूनी लॉटरी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया और हेड कांस्टेबल रमेश कुमार के माध्यम से 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। उसने शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठा केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की धमकी भी दी।

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने मजबूरी में 2,20,000 रुपये की व्यवस्था की और खन्ना में अपने परिचित दिनेश कुमार के घर रमेश कुमार को देने का प्रयास किया, लेकिन यह कहते हुए पैसे वापस कर दिए गए कि पूरी 5 लाख रुपये की राशि दी जाए।

इसके बाद हेड कांस्टेबल रमेश कुमार से बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख 20 हजार रुपये कर दी गई। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, जिस कारण उसने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट, होशियारपुर से संपर्क किया। इसके बाद खन्ना के सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह और हेड कांस्टेबल रमेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 5.2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

विजिलेंस ब्यूरो ने अलग-अलग टीमें गठित कर खन्ना के सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।

इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है तथा मामले की आगे की जांच जारी है।

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