भगवंत मान सरकार के ‘रोजगार मिशन’ के तहत अब तक 63,943 सरकारी नौकरियां बिना रिश्वतखोरी या पक्षपात के प्रदान की गई हैं ।
*पिछली सरकारों ने रिश्वत और पक्षपात के जरिए नौकरियां दीं, लेकिन आम आदमी सरकार पूरी तरह से योग्यता के आधार पर नौकरियां दे रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*जब लोगों ने ‘झाड़ू’ बटन दबाया, तो सभी को उनका हक मिलना शुरू हो गया, जो उन्हें पिछली सरकारों के शासनकाल में कभी नहीं मिला था: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*पंजाब सरकार प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का नि:शुल्क मुफ्त इलाज मुहैया करा रही है , ताकि पैसों की कमी स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में बाधा न बने: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, *विपक्ष केवल कमियों को ही देखता है; वह मुफ्त बिजली, उत्कृष्ट स्कूलों, 17 टोल प्लाजाों को बंद करने और कई अन्य जन कल्याणकारी कार्यों को देखने में विफल रहता है।*
एसएएस नगर, 30 जनवरी 2026:
बुधवार को मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवा पुरुषों और महिलाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह अभियान ‘मिशन रोजगार’ के तहत रिश्वतखोरी या पक्षपात के बिना सरकारी नौकरियां देने के लिए आम आदमी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि 63,943 युवाओं को विशुद्ध योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। उन्होंने इसकी तुलना पिछली सरकारों से की, जहां नौकरियां योग्यता के बजाय सिफारिश और रिश्वत के आधार पर तय की जाती थीं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने X पर इस कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए कहा: “आज मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवा पुरुषों और महिलाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। उन्हें पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ पंजाब और यहाँ की जनता की सेवा करने के लिए शुभकामनाएं दी गईं। अब तक 63,943 युवाओं को बिना रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। आने वाले दिनों में भी ‘मिशन रोजगार’ के तहत युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहेगी।”
विकास भवन में नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दशकों से राज्य के युवा पुरुषों और महिलाओं के हक के अवसरों को सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों ने छीन लिया, जिससे योग्यता हाशिए पर चली गई और आकांक्षाएं कुचल दी गईं। उन्होंने कहा, “पहले पंजाब के युवाओं के अधिकार सत्ता में बैठे लोगों के करीबी लोगों ने छीन लिए थे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह और अन्य जैसे महान शहीदों को यह जानकर गहरा दुख हुआ होगा कि आजादी के 70 से अधिक वर्षों बाद भी उनके सपने पूरे नहीं हुए। यह हम सभी के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी है।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सत्ता संभालने के बाद से ही उनकी सरकार देश के महान राष्ट्रीय नायकों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने शिक्षा और यहां तक कि रोजगार के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग किया। हमारी सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार खोल दिए हैं।” उन्होंने आगे बताया कि पिछले चार वर्षों में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नव नियुक्त उम्मीदवारों के लिए इस दिन को एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा, “आज का दिन उन युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जिन्हें विभिन्न विभागों में नौकरियां मिली हैं। पंजाब सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का आंकड़ा पार कर लिया है।” इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी योजनाएं पेश कर रही है जिनमें ऐसी शर्तें हैं जो आम आदमी के लिए नगण्य हैं।
राज्य की कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने ‘मुखमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। उन्होंने कहा, “अब हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी , जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। समाज के हर वर्ग के कल्याण के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे आम जनता की जेब से प्रतिदिन 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जुलाई 2022 से 90 प्रतिशत घरों में मुफ्त बिजली मिल रही है, फिर भी विपक्ष इस काम को स्वीकार करने के बजाय खामियां निकालने में व्यस्त है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को महान खिलाड़ियों, सेनापतियों, परोपकारियों और उन अन्य लोगों की समृद्ध विरासत मिली है जिन्होंने अपना खून-पसीना बहाकर देश की सेवा की है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार जनहितैषी और विकासोन्मुखी उपायों के माध्यम से समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है, और इसीलिए हम इसे खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”
पारदर्शी भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि सभी रिक्त पदों को त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से तुरंत भरा जाता है। उन्होंने कहा, “इन लगभग 64,000 पदों में से एक भी नियुक्ति को किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है। पंजाब सरकार के लिए यह गर्व का क्षण है कि ये सभी पद पूरी तरह से योग्यता के आधार पर दिए गए हैं।”
इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नव नियुक्त युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने मात्र चार वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में 63,000 से अधिक नौकरियां दी हैं। सभी नियुक्तियां योग्यता के आधार पर की गई हैं, भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के बिना। हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और पंजाब को एक प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, बुनियादी ढांचा और कानून व्यवस्था उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम राज्य और यहां की जनता के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित कर रहे हैं। मैं युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और जनता की सेवा में अपनी कलम का बुद्धिमानी से उपयोग करें।”
इसी बीच, रूपनगर से नवनियुक्त डॉ. पूजा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा बनना उनके लिए एक शानदार अवसर है। मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर ने भर्ती अभियान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं को अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए वास्तविक अवसर प्रदान किए हैं।
अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का पूरा श्रेय राज्य सरकार को जाता है। उन्होंने कहा, “पहली बार जनता से किए गए वादे पूरे हुए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से योग्यता के आधार पर हुई, जिससे योग्य युवाओं को उचित अवसर मिला।”
मोगा के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि सरकार पशुपालन विभाग और किसानों के बीच की खाई को पाटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “मुझे यह नौकरी पूरी तरह से योग्यता के आधार पर और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मिली है। मेरी मेहनत रंग लाई है।” सहकारिता निरीक्षक जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्होंने बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के अपनी दूसरी सरकारी नौकरी हासिल की है और उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने का वादा किया।
डॉ. मुकेश ने कहा कि यह उनकी तीसरी सरकारी नौकरी है और उन्होंने प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि परीक्षा के बाद उन्होंने अपना ईमेल भी नहीं देखा। उन्होंने कहा, “मेरी मां का निधन उचित इलाज न मिलने के कारण हुआ। मैं यह नौकरी उन्हें और पंजाब की जनता की सेवा को समर्पित करता हूं।” अमृतसर की स्टाफ नर्स तमन्ना ने कहा कि यह नियुक्ति उनके और उनके परिवार के लिए एक सपने के सच होने जैसा है और उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए सरकार की प्रशंसा की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुदियान और अन्य उपस्थित थे।


