एयर इंडिया को वायु सेना से अनुमति मिली; मार्च 2026 के पहले सप्ताह से उड़ानें शुरू होंगी
चंडीगढ़, 31 जनवरी 2026:
कई वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद हलवारा हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू होने जा रही हैं और देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी 2026 को टर्मिनल भवन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूर्व राज्यसभा सदस्य और वर्तमान पंजाब कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने इस मामले की लगातार पैरवी की।
हवाई अड्डे का संचालन शुरू होना क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने तथा पंजाब के औद्योगिक और आर्थिक विकास, विशेषकर लुधियाना और आसपास के जिलों के लिए श्री संजीव अरोड़ा की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस संबंध में किए गए प्रमुख प्रयास और उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:
22 नवंबर 2022: हवाई अड्डे की रुकी हुई प्रगति को पुनः शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप।
11 दिसंबर 2022: निर्माण कार्य पुनः आरंभ करने हेतु 50 करोड़ रुपये जारी किए गए।
17 जनवरी 2023: सांसद संजीव अरोड़ा ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से दिल्ली–लुधियाना उड़ानें पुनः शुरू करने की अपील की।
14 अप्रैल 2023: सांसद अरोड़ा ने हलवारा से उड़ानें शुरू करने के लिए सभी एयरलाइनों को पत्र लिखा।
7 मई 2023: सांसद अरोड़ा ने हलवारा हवाई अड्डे का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की वकालत की।
22 अगस्त 2023: नागरिक उड्डयन सचिव श्री राजीव बंसल से अनुमति मिलने के बाद एयरलाइनों को हलवारा से दिल्ली और मुंबई के लिए उड़ानें शुरू करने की स्वीकृति मिली।
26 अगस्त 2023: सांसद अरोड़ा ने विकास प्रगति की समीक्षा हेतु हलवारा हवाई अड्डे का दौरा किया।
9 जनवरी 2024: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने निर्माण प्रगति पर अद्यतन जानकारी दी।
31 जनवरी 2024: लुधियाना के पास हलवारा में अंतरिम टर्मिनल भवन के उद्घाटन का अनुरोध किया गया।
19 जुलाई 2024: सांसद अरोड़ा ने एएआई, पीडब्ल्यूडी और भारतीय वायु सेना के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्य की समीक्षा की।
13 अगस्त 2024: सांसद अरोड़ा ने टाटा संस के अध्यक्ष श्री एन. चंद्रशेखरन से उड़ान संचालन पर चर्चा की।
29 अगस्त 2024: सांसद अरोड़ा ने गुरुग्राम में एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की; उड़ानें जल्द शुरू करने का भरोसा मिला।
3 सितंबर 2024: सांसद अरोड़ा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर निर्माण कार्य तेज करने की मांग की।
21 दिसंबर 2024: हवाई अड्डे के कोड और संचालन तिथि पर एएआई अध्यक्ष श्री विपिन कुमार के साथ बैठक हुई।
8 जनवरी 2025: एयर इंडिया ने सूचित किया कि कमीशनिंग और अनुमोदन प्रक्रिया के बाद उड़ानें शुरू होंगी।
10 जनवरी 2025: एयर इंडिया ने हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानें संचालित करने पर सहमति दी।
4 फरवरी 2025: हलवारा हवाई अड्डे को एच डब्ल्यू आर हवाई कोड प्राप्त हुआ।
19 फरवरी 2025: सांसद अरोड़ा और डिप्टी कमिश्नर श्री जतिंदर जोरवाल ने अंतिम चरण के कार्यों की समीक्षा की।
23 मई 2025: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने सिविल एविएशन मंत्रालय से टर्मिनल को चालू करने और उड़ानें साहनेवाल से हलवारा स्थानांतरित करने का अनुरोध किया।
जून 2025: ढांचागत कार्य पूरे हुए; 2,000 वर्ग मीटर टर्मिनल भवन का आंतरिक कार्य एवं ग्लास फेकेड का कार्य पूरा हुआ।
27 जुलाई 2025: तकनीकी कारणों से माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तावित वर्चुअल उद्घाटन स्थगित किया गया।
2 दिसंबर 2025: राज्यसभा में सांसद श्री राजिंदर गुप्ता ने प्रतिदिन 2,500 यात्रियों की क्षमता का उल्लेख करते हुए संचालन तेज करने की अपील की।
29 दिसंबर 2025: एयर इंडिया ने सप्ताह में पांच दिन उड़ानों की अनुमति प्राप्त की और अतिरिक्त स्लॉट की मांग की।
15 जनवरी 2026: अंतिम सुरक्षा ऑडिट पूरा; बीसीएएस ने संचालन की अनुमति दी।
28 जनवरी 2026: डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और एसएसपी (देहात) श्री अंकुर गुप्ता द्वारा अंतिम निरीक्षण किया गया।
29 जनवरी 2026: प्रधानमंत्री कार्यालय से 1 फरवरी उद्घाटन की आधिकारिक पुष्टि मिली; एयर इंडिया ने सप्ताह में सात दिन उड़ानों का अनुरोध किया।
1 फरवरी 2026: माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शाम लगभग 3:45 बजे टर्मिनल भवन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।
हलवारा हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा, उद्योग और यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी तथा पंजाब के औद्योगिक, निर्यात और निवेश वातावरण को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से उत्तर भारत के प्रमुख विनिर्माण केंद्र लुधियाना को इसका बड़ा लाभ होगा।
आप के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में श्री संजीव अरोड़ा द्वारा निरंतर फॉलो-अप, नीतिगत भागीदारी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एयरलाइन ऑपरेटरों तथा पंजाब सरकार के बीच समन्वय ने इस लंबे समय से लंबित परियोजना को सफल बनाया।


