चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर ढिल्लों को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया है। चीमा ने कहा कि पंजाब में नशा बेचने वाले लोग बाबा गुरिंदर ढिल्लों के रिश्तेदार हैं। उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने यह बयान उस समय दिया जब पत्रकारों ने उनसे डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर ढिल्लों द्वारा शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात और उनके समर्थन में दिए गए बयान को लेकर सवाल पूछा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि बाबा गुरिंदर ढिल्लों एक बहुत बड़ी धार्मिक संस्था का संचालन करते हैं और समाज में उनका प्रभाव भी काफी है।
हरपाल चीमा ने आगे कहा कि बिक्रम मजीठिया, जिस पर पंजाब में नशा तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं, बाबा जी का रिश्तेदार है। इसी पारिवारिक संबंध के चलते बाबा गुरिंदर ढिल्लों उनसे मिलने गए थे। चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या के पीछे ऐसे ही लोग जिम्मेदार रहे हैं।
वहीं, बिक्रम मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने को लेकर भी वित्त मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ज़मानत मिलने का मतलब यह नहीं होता कि कोई व्यक्ति दोषमुक्त हो गया है। ज़मानत में कई शर्तें होती हैं और अब बिक्रम मजीठिया को अदालत में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा।
हरपाल चीमा ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर ढिल्लों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा बेचने वाले लोग बाबा जी के रिश्तेदार हैं। बिक्रम मजीठिया से बाबा गुरिंदर ढिल्लों की मुलाकात और समर्थन पर चीमा ने सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज़मानत मिलने का मतलब दोषमुक्त होना नहीं होता और मजीठिया को अब ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


