Thursday, February 5, 2026
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पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया सीमावर्ती जिलों में 4 दिवसीय ‘नशा विरोधी पदयात्रा’ का करेंगे नेतृत्व

पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया सीमावर्ती जिलों में 4 दिवसीय ‘नशा विरोधी पदयात्रा’ का करेंगे नेतृत्व

9 से 12 फरवरी तक तरनतारन, फिरोज़पुर, फाज़िल्का व अबोहर में ‘वॉक अगेंस्ट ड्रग्स’

पुनर्वास और रोजगार आधारित दृष्टिकोण से पंजाब को नशा-मुक्त बनाने का आह्वान

चंडीगढ़, 3 फरवरीः पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज पंजाब लोक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राज्य में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता को सुदृढ़ करने हेतु एक व्यापक अभियान की जानकारी साझा की। इस अभियान के अंतर्गत सीमावर्ती जिलों तरनतारन, फिरोजपुर और फाज़िल्का में चार दिवसीय जागरूकता पदयात्रा आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जन-भागीदारी को सशक्त बनाना है।

राज्यपाल ने बताया कि पंजाब रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से आयोजित इस पदयात्रा का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने पुनर्वास और रोजगार सृजन को नशे के विरुद्ध संघर्ष के प्रमुख स्तंभ बताते हुए कहा कि कड़े कानून-प्रवर्तन और सतत जन-जागरूकता के साथ-साथ प्रभावित व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की।

पदयात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार हैः

9 फरवरी, 2026 (सुबह 11ः30 बजे) – तरनतारन

श्री गुरु अर्जन देव स्कूल से पुलिस लाइन्स तक वाया पुलिस गार्ड्स

10 फरवरी, 2026 (सुबह 11ः30 बजे) – फिरोजपुर

सारागढ़ी मेमोरियल से गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एमिनेंस, फिरोजपुर सिटी तक

11 फरवरी, 2026 (दोपहर 12ः00 बजे) – फाज़िल्का

संजीव सिनेमा, फाजिल्का से क्लॉक टॉवर, फाजिल्का तक

12 फरवरी, 2026 (सुबह 11ः30 बजे) – अबोहर (फाज़िल्का)

नगर निगम कार्यालय, अबोहर से डी.ए.वी. कॉलेज, अबोहर तक

मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नशा केवल स्थानीय या राज्य स्तर की समस्या नहीं, बल्कि एक वैश्विक चुनौती है, जिसका सामना सामूहिक और निरंतर प्रयासों से ही किया जा सकता है।

उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा अन्य संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अभियान का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एकजुट कर पंजाब को नशा-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

राज्यपाल ने दोहराया कि सार्थक परिवर्तन सतत प्रयास, सामुदायिक सहभागिता तथा पुनर्वास पर विशेष ध्यान देकर ही संभव है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को गरिमा के साथ रोजगार के अवसर मिलें और वे समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित हो सकें।

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