पंजाब सरकार ने प्रदेश के व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए तीन-स्तरीय तंत्र को और अधिक मजबूत करने का फैसला किया है। पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में पंजाब राज्य व्यापारी आयोग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापारिक समुदाय और प्रशासन के बीच सीधा और मजबूत संवाद स्थापित करना है, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि तीन-स्तरीय व्यवस्था के माध्यम से पंजाब के हर व्यापारी तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
मंत्री ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से संवाद करें और जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी लें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि व्यापारियों की शिकायतों के समाधान के लिए 10 और 11 फरवरी को पूरे प्रदेश में विशेष जिला स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर समस्याओं का तुरंत निपटारा किया जाएगा।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जो व्यापारिक मुद्दे जिला स्तर पर हल नहीं हो पाते हैं, उन्हें दस्तावेजीकरण कर पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाएगा, ताकि उनका शीघ्र और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।
बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष अनिल ठाकुर, वित्त आयुक्त कर अजित बालाजी जोशी और कर आयुक्त जितेंद्र जोरवाल भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जीएसटी फाइलिंग और कर अनुपालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की गई, ताकि जिला व्यापार समितियों की तकनीकी क्षमता को मजबूत किया जा सके।
मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार एक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यापारी-हितैषी वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।


