महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हनुमंत धाम में भक्तों के स्वागत की व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंदिर कमेटी की महिलाओं ने पिछले दस दिनों से मेहनत कर लगभग 5000 रुद्राक्ष रक्षासूत्र तैयार किए हैं, जिन्हें महाशिवरात्रि पर आने वाले श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा।
कमेटी प्रधान नीना तिवारी ने बताया कि 15 फरवरी को जल अर्पित करने आने वाले प्रत्येक भक्त को मंत्रों से सिद्ध किया हुआ रक्षासूत्र और विशेष प्रसाद दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रसाद भक्तों के लिए पूरे वर्ष यादगार रहेगा और उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगा।
मंदिर परिसर में त्रि शिवलिंगेश्वर महादेव की स्थापना है, जहां तीन अलग-अलग मणियों से बने शिवलिंग मौजूद हैं—स्फटिक, मूंगा और जरकन। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन इन शिवलिंगों पर जल अर्पित करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
महाशिवरात्रि के दिन सुबह 5 बजे से शाम तक भक्तों के लिए आलू की सब्जी, दूध और फल का प्रसाद वितरित किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए विशेष लंगर और सेवा व्यवस्था भी की गई है।
कमेटी सदस्यों ने चंडीगढ़ के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करें और इस आध्यात्मिक पर्व का हिस्सा बनें। इस अवसर पर कई समाजसेवियों और महिला सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं को शिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।


