चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने शिक्षा प्रणाली की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लुधियाना के एक फर्जी स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। यह कदम तब उठाया गया जब जांच में पाया गया कि स्कूल में प्रैक्टिकल परीक्षा की बुनियादी सुविधाएं मौजूद नहीं थीं, फिर भी 12वीं कक्षा के छात्रों को परीक्षाओं के लिए पंजीकृत किया गया था।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसमेश पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महिदूदां, लुधियाना के खिलाफ मान्यता रद्द करने और फर्जी दस्तावेज जमा करने के मामले में आपराधिक शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने इस स्कूल से जुड़े 27 छात्रों के रोल नंबर भी रद्द कर दिए हैं।
जांच के दौरान सामने आया कि स्कूल का वास्तविक अस्तित्व नहीं था। इमारत किराए पर दी गई थी और वहां नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थीं। मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगी और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वाली संस्थाओं पर सख्ती जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि चार अन्य स्कूलों की भी जांच जारी है और टीमों को जांच प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य योग्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है, इसलिए प्रभावित विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में समायोजित कर उचित मार्गदर्शन दिया जाएगा।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार मानक शिक्षा सुनिश्चित करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा फर्जी संस्थानों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


