News Written By: Priyanka Thakur
खटकर कलां, 23 मार्च 2026:
शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारियों की याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से शहीदों के आदर्शों को अपनाने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो भारत की दिशा बिल्कुल अलग होती। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद अगर युवाओं को नेतृत्व दिया जाता, तो देश आज दुनिया में नंबर एक होता।
इस दौरान सीएम मान ने खटकड़ कलां और हुसैनीवाला में श्रद्धांजलि देने के बाद बंगा में जनसभा को संबोधित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ‘हुसैनीवाला विरासत’ परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान से जोड़ने का कार्य करेगी।
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े सुधार किए हैं और अब तक 65,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने लोगों से 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य के लोगों को इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों को अपने वोट के महत्व को समझने और लोकतांत्रिक अधिकारों का सही उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि जो राष्ट्र अपने शहीदों को भूल जाते हैं, वे अपनी पहचान खो देते हैं। पंजाब ने हमेशा देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिए हैं और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को विकास और खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।


