News Written By: Priyanka Thakur
चंडीगढ़, 23 मार्च 2026:
पंजाब सरकार ने नंगल और आसपास के इलाकों के हजारों परिवारों को बड़ी राहत देते हुए 800 एकड़ से अधिक सरप्लस जमीन का मालिकाना हक देने का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह जमीन पंजाब के लोगों की है, न कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, जिससे दशकों से जमीन पर रह रहे लोगों को कानूनी अधिकार मिलेगा। जल संसाधन विभाग ने इस संबंध में बीबीएमबी के साथ औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है और नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया गया है कि यह जमीन राज्य की संपत्ति है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने देश के विकास के लिए अपनी जमीनें दी थीं और परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दिया था, लेकिन पिछले कई वर्षों से उन्हें अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। अब सरकार ने इस लंबे समय से लंबित मुद्दे को सुलझाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीबीएमबी के पास इन जमीनों के लिए लीज नीति बनाने का कोई अधिकार नहीं है। परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, इसलिए अतिरिक्त जमीन उन लोगों को वापस दी जानी चाहिए जो पीढ़ियों से वहां रह रहे हैं।
सरकार एक व्यापक नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत दुकानदारों, निवासियों और अन्य पात्र लोगों को मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें केवल स्टांप ड्यूटी के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा करना होगा, जिसके बाद उन्हें कानूनी सुरक्षा मिल जाएगी।
इसके साथ ही नंगल में नए न्यायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण की भी घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय लोगों को न्यायिक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह फैसला केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अन्याय को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार उन परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है, जिन्होंने देश के लिए अपनी जमीनें कुर्बान की थीं।


