News Written By: Priyanka Thakur
हुसैनीवाला (फिरोजपुर), 23 मार्च 2026:
शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों को भारत रत्न देने की मांग को नजरअंदाज किया गया है, जो उनके योगदान के साथ अन्याय है।
राष्ट्रीय शहीद स्मारक, हुसैनीवाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो भारत की स्थिति आज बिल्कुल अलग होती। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद अगर देश की बागडोर युवाओं को सौंपी जाती, तो भारत आज विश्व में अग्रणी राष्ट्र होता।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने अपने नाम पर स्मारक बनवाए, लेकिन देश के सच्चे शहीदों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान बलिदानियों को केवल औपचारिक अवसरों पर याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके विचारों को अपनाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग यह दावा करते हैं कि भारत को वास्तविक आजादी 2014 में मिली, जो स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान है। मुख्यमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से ऐसे विचारों को खारिज करने की अपील की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘हुसैनीवाला विरासत परिसर’ का शिलान्यास भी किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत शहीदों के जीवन को दर्शाने वाली गैलरी, भित्ति चित्र, म्यूजिकल फाउंटेन, 3-डी मैपिंग शो, पार्कों का सौंदर्यीकरण और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से जोड़ने का माध्यम भी बनेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के मार्ग पर चलें और देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी ताकत वोट की है और सही नेतृत्व का चुनाव करके ही देश में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके आदर्शों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।


