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प्रियंका ठाकुर
पंजाब की ‘खेल क्रांति’ से बदली तस्वीर, अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा राज्य
चंडीगढ़, 24 मार्च — पंजाब में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा शुरू की गई ‘खेल क्रांति’ अब असर दिखाने लगी है। राज्य को पहली बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है, जो खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने ‘शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के दौरान खेल विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर में मोहाली और जालंधर में आयोजित किया जाएगा। इसमें भारत सहित छह देशों की टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे पंजाब को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान मिलेगी।
सरकार ने खेलों के विकास के लिए बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करते हुए इसे 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1791 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके साथ ही कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2458 कर दी गई है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। ओलंपिक की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 3100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, 3000 जिम स्थापित किए जा रहे हैं और 17 हजार खेल किट वितरित की जा रही हैं। ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ के तहत खिलाड़ियों की संख्या डेढ़ लाख से बढ़कर पांच लाख तक पहुंच चुकी है, जो खेलों के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 40 वर्षों बाद पंजाब को राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप (अंडर-13) की मेजबानी मिली है। इससे राज्य में खेलों के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का खेलों से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है और राज्य ने देश को कई महान खिलाड़ी दिए हैं। आधुनिक खेलों में भी पंजाब के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है।
सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक और एशियाई खेलों में पदक जीतने वालों को एक-एक करोड़ रुपये का इनाम देने की भी व्यवस्था की है। साथ ही, खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं और सरकार युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में पंजाब को खेलों के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए और भी बड़े कदम उठाए जाएंगे।


