सांसद संत सीचेवाल ने राज्यसभा में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल ढांचे को मजबूत करने का मुद्दा उठाया*
*सबसे अधिक ओलंपियन देने वाले पंजाब और हरियाणा के साथ फंड में भेदभाव का आरोप*
*खिलाड़ियों के लिए 100% मुफ्त रेल यात्रा की वकालत*
*देशभर में खेल नर्सरी स्थापित करने की मांग**
*नई दिल्ली / चंडीगढ़ / सुल्तानपुर लोधी, 25 मार्च:*
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने शून्यकाल के दौरान देश के ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश को लगभग 50 ओलंपियन देने वाले पंजाब के साथ खेल फंड के वितरण में न्याय नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि पेरिस ओलंपिक में भारत के कुल 100 खिलाड़ियों में से 45 खिलाड़ी पंजाब और हरियाणा से थे, लेकिन फंड के वितरण के समय इन राज्यों के साथ स्पष्ट रूप से भेदभाव किया गया।
खेलो इंडिया के पिछले वर्ष के बजट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि गुजरात को 426.13 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश को 438.27 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि सबसे अधिक खिलाड़ी देने वाले पंजाब को केवल 78.02 करोड़ रुपये और हरियाणा को 66.59 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए। उन्होंने इसे न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।
उन्होंने देश को अंतरराष्ट्रीय खेलों में अग्रणी बनाने के लिए पूरे देश में खेल नर्सरी स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की मांग है।
संत सीचेवाल ने यह भी बताया कि कोविड-19 के दौरान खिलाड़ियों को रेलवे में मिलने वाली रियायतें बंद कर दी गई थीं। उन्होंने मांग की कि खिलाड़ियों को पुनः 100 प्रतिशत मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा दी जाए, क्योंकि वे अपने निजी लाभ के लिए नहीं बल्कि देश के लिए खेलते हैं।
उन्होंने सदन में यह भी मांग रखी कि देश के प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम पांच एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि खेल मैदानों की कमी के कारण ही 140 करोड़ की आबादी वाला देश ओलंपिक में स्वर्ण पदकों के लिए संघर्ष करता है, जबकि छोटे देश आगे निकल जाते हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब पानी की धरती होने के बावजूद जल खेलों को पर्याप्त बढ़ावा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर लोधी में कायकिंग, कैनोइंग और ड्रैगन बोट प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। यदि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो पंजाब के खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत सकते हैं।
—


