चंडीगढ़, 27 अप्रैल 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बाढ़ रोकथाम और राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उन्नत एम्फीबियस मशीनों की खरीद को मंजूरी दे दी है।
उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मशीनें पानी और जमीन दोनों में काम करने में सक्षम हैं और नहरों, नालों तथा अन्य जल स्रोतों की गहराई तक सफाई कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा पूरे राज्य में ड्रेनों की सफाई, डिसिल्टिंग और नहरों की मजबूती का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि मशीनों की खरीद के लिए विस्तृत योजना जल्द तैयार की जाए।
उन्होंने अपने हालिया फिनलैंड दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां इन मशीनों का प्रभावी उपयोग देखा गया है और पंजाब में भी इनका उपयोग बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ जल स्रोतों के रखरखाव के लिए किया जाएगा।
पानी प्रबंधन पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 26 अप्रैल को 1594 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 1680 फीट है। उन्होंने आगामी धान की बिजाई और मानसून को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन की उचित योजना बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नए खालों के निर्माण और पुराने खालों की मरम्मत का कार्य 31 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
संवेदनशील क्षेत्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रोपड़ जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों में विशेष उपाय किए जा रहे हैं। यहां स्टड और स्पर जैसी संरचनाएं बनाकर बाढ़ के प्रभाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही स्वां नदी के चैनलाइजेशन की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, बरिंदर कुमार गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


