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पंजाब निकाय चुनाव 2026: हाईकोर्ट ने EVM पर सभी याचिकाएं खारिज कीं, बैलेट पेपर से ही होंगे चुनाव

पंजाब निकाय चुनाव 2026: हाईकोर्ट ने EVM पर सभी याचिकाएं खारिज कीं, बैलेट पेपर से ही होंगे चुनाव

चंडीगढ़: पंजाब में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने ईवीएम (EVM) के इस्तेमाल की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 26 मई 2026 को होने वाले नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से ही कराए जाएंगे।

राज्य में कुल 105 स्थानीय निकायों के लिए मतदान होना है। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद बैलेट पेपर के फैसले को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल की गई थीं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिए करवाए जाने चाहिए, क्योंकि देशभर में लंबे समय से EVM का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिकाएं?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मतदान में अब केवल चार दिन का समय बचा है और चुनाव आयोग की ओर से सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया में इस स्तर पर बदलाव करना संभव नहीं है। अदालत ने माना कि इस समय किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

कोर्ट ने कहा कि चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैलेट पेपर के जरिए ही कराए जाएंगे। इसी के साथ EVM के उपयोग की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

क्या थी याचिकाकर्ताओं की दलील?

मोहाली निवासी रुचिता गर्ग द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही कई मामलों में स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव प्रक्रिया को दोबारा बैलेट पेपर प्रणाली में ले जाना व्यावहारिक नहीं है।

याचिका में यह भी कहा गया कि पंजाब कानून की धारा 64 के अनुसार जहां बैलेट बॉक्स या बैलेट पेपर का उल्लेख है, वहां EVM को भी शामिल माना जा सकता है। इसके अलावा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 61-ए का हवाला देते हुए दलील दी गई कि वर्ष 2002 से EVM को कानूनी मान्यता प्राप्त है और अदालतें लगातार इसके उपयोग को सही ठहराती रही हैं।

याचिकाकर्ता पक्ष का कहना था कि EVM के इस्तेमाल से मतदान प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सुरक्षित होती है।

ECI और पंजाब चुनाव आयोग आमने-सामने

सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) और पंजाब राज्य चुनाव आयोग के बीच भी मतभेद देखने को मिले। पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि EVM के उपयोग के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने में कम से कम 15 दिन लगेंगे।

हालांकि, भारतीय निर्वाचन आयोग ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि EVM संचालन की ट्रेनिंग के लिए 15 मिनट भी पर्याप्त हैं।

पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने अदालत में दलील दी कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप बेहद सीमित होता है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

26 मई को होगा मतदान

पंजाब में 26 मई को नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए मतदान होगा। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि राज्य के सभी निकाय चुनाव पारंपरिक बैलेट पेपर प्रणाली के तहत ही संपन्न कराए जाएंगे।

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