मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच को मिली नई गति
एमडीएच के साथ हुआ करार, अब तंजानिया, केन्या सहित अफ्रीकी देशों में खेती और कारोबार कर सकेंगे हरियाणा के किसान
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 6 एफपीओ ने किए समझौते पर हस्ताक्षर
मोरनी में होगी अदरक, हल्दी और मिर्च सहित विभिन्न मसाला फसलों की खेती, किसान होगा मालामाल
शुरुवाती चरण में 4 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती प्रारंभ करने की बनाई योजना
चंडीगढ़, 3 जून – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे किसान आधुनिक कृषि तकनीकों, नए बाजारों और वैश्विक अवसरों से जुड़ सकें। इसी के तहत उन्होंने ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच को नई गति दी है। जिसके तहत अब हरियाणा के किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तंजानिया, केन्या सहित अन्य अफ्रीकी देशों में भी खेती और कृषि कारोबार के अवसरों का लाभ उठा सकेंगे।
पंचकूला के मोरनी में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में देश की प्रतिष्ठित मसाला कंपनी एमडीएच और हरियाणा के छ: किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के बीच महत्वपूर्ण करार हुआ। विदेश सहयोग विभाग और बागवानी विभाग द्वारा क्रियान्वित इस पहल का उद्देश्य किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना, उनकी आय बढ़ाना तथा कृषि क्षेत्र में नए अवसर सृजित करना है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि इस बार के बजट में मोरनी क्षेत्र को विकसित करने की घोषणा की गई थी, उसी के अनुरूप मोरनी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में आज यह एमओयू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को किसी भी प्रकार के घाटा होने की स्थिति में भरपाई की जाएगी। इसके अलावा प्राकृतिक खेती करने वालों किसानो को बाजार भाव से 10 प्रतिशत अधिक फसल मूल्य कंपनी द्वारा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि लगभग 4 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती प्रारंभरिक चरण में शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें कृषि उद्यमिता, मूल्य संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़कर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना चाहती है। इसी सोच के तहत किसानों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस समझौते के तहत पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र में अदरक, हल्दी, मिर्च सहित विभिन्न मसाला फसलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। एमडीएच किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, विपणन तथा खरीद संबंधी सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही हरियाणा में कीटनाशक-मुक्त और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करते हुए किसानों से सीधे खरीद व्यवस्था को भी मजबूत बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता हरियाणा के किसानों को वैश्विक कृषि व्यापार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत तंजानिया, केन्या तथा अन्य अफ्रीकी देशों में कृषि एवं व्यापार की संभावनाओं को विकसित किया जाएगा। भविष्य में यदि हरियाणा के एफपीओ इन देशों में भूमि लेकर अदरक, हल्दी, मिर्च एवं अन्य मसाला फसलों की खेती करते हैं, तो एमडीएच वहां उत्पादित फसलों की खरीद के लिए भी इच्छुक रहेगी। इससे हरियाणा के किसान पहली बार देश की सीमाओं से बाहर जाकर अफ्रीकी देशों में खेती और कृषि कारोबार से जुड़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हरियाणा के किसानों को स्थानीय बाजारों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का हिस्सा बनाना है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देने और हरियाणा को वैश्विक कृषि व्यापार के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की:
एमडीएच के मालिक श्री राजीव गुलाटी ने हरियाणा सरकार की इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह दीर्घकालिक उद्देश्य केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मजबूत एग्रीकल्चरल इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें सरकार, किसान और उद्योग साझेदार के रूप में मिलकर कार्य करें। हरियाणा सरकार की प्रगतिशील नीतियों तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा ऑर्गेनिक फार्मिंग को दिए जा रहे निरंतर प्रोत्साहन के माध्यम से एमडीएच एक ऐसी प्रोक्योरमेंट प्रणाली विकसित करने का अवसर देखता है, जिसमें पेस्टिसाइड-फ्री और प्रीमियम क्वालिटी कृषि उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हरियाणा ऑर्गेनिक और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा, एमडीएच स्थानीय किसानों को समर्थन देने तथा एश्योर्ड प्रोक्योरमेंट के माध्यम से उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इससे हरियाणा स्पाइस वैल्यू चेन में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। इससे वैश्विक मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निरंतर प्रयासों से हरियाणा ग्लोबल स्पाइस इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।
विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विभाग द्वारा किसानों और एफपीओ को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमडीएच के साथ हुआ यह समझौता हरियाणा के किसानों को तंजानिया, केन्या सहित अन्य अफ्रीकी देशों में कृषि एवं व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, हॉर्टिकल्चर विभागाध्यक्ष डॉ अर्जुन सैनी सहित प्रशासनिक अधिकारी और एफपीओ से जुड़े किसान भी मौजूद थे।
क्रमांक-2026
हरियाणा में 24 साल बाद मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण, 15 जून से शुरू होगा घर-घर सत्यापन अभियान
22 सितंबर को होगा अंतिम प्रकाशन, पहली बार मंडलायुक्त निभाएंगे रोल ऑब्जर्बर की भूमिका
मतदाता सूची में 18% तार्किक त्रुटियां, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत व पंचकूला में मैपिंग की धीमी प्रगति पर सीईओ ने जताई चिंता
चंडीगढ़, 3 जून – हरियाणा में लगभग 24 वर्ष बाद मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान शुरू होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह व्यापक अभियान 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा, जिसके तहत बूथ स्तर पर घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) श्री ए. श्रीनिवास ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और निर्देश दिए कि ईआरओ,एईआरओ, बीएलओ तथा सुपरवाइजर्स को समयबद्ध प्रशिक्षण देकर अभियान को सफल बनाया जाए।
बैठक में सीईओ ने राज्य में मतदाता सूचियों की मैपिंग की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अब तक केवल 64.26 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा हुआ है, जबकि फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और पंचकूला जैसे जिलों में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि संबंधित जिलों में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर जनसहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वयं अगले सप्ताह इन जिलों का दौरा करने की घोषणा भी की।
श्री श्रीनिवास ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए ‘गणना फॉर्म’ हिंदी भाषा में उपलब्ध कराए जाएंगे और 5 जून 2026 से इन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिन घरों से गणना फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, वहां बीएलओ पड़ोसियों से जानकारी लेकर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लिकेट मतदाताओं की पहचान करेंगे। प्रत्येक ऐसे घर का कम से कम तीन बार दौरा करना बीएलओ के लिए अनिवार्य होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी घर में मतदाता उपस्थित नहीं है तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर कर उसे बीएलओ को सौंप सकता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने वाले मतदाताओं के मामलों में भी बीएलओ घर जाकर सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होंगे, उनकी बूथवार सूची पंचायत भवनों, शहरी निकाय कार्यालयों और बीडीपीओ कार्यालयों के नोटिस बोर्डों पर प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी सार्वजनिक किए जाएंगे। ऐसी सूचियां सीईओ तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध रहेंगी।
राजनीतिक दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करवाएं। इसके अतिरिक्त स्वयंसेवकों का सहयोग भी लिया जाएगा।
सीईओ ने कहा कि हरियाणा में अंतिम बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में कराया गया था। उन्होंने खुलासा किया कि अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा के चुनावी डेटा में लगभग 18 प्रतिशत तार्किक त्रुटियां पाई गई हैं, जिनमें गलत नाम और वर्तनी संबंधी त्रुटियां प्रमुख हैं। 21 मई 2026 तक राज्य में कुल 2 करोड़ 6 लाख 52 हजार 760 पंजीकृत मतदाता तथा 20 हजार 629 मतदान केंद्र हैं। फतेहाबाद जिला 87.44 प्रतिशत मैपिंग के साथ राज्य में सबसे आगे है।
श्री श्रीनिवास ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों तथा विधानसभा क्षेत्रों में हेल्पलाइन नंबर 1950 आधारित विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसआईआर कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी तथा सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों के पद रिक्त न रहें।
बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पहली बार निर्वाचन आयोग ने मंडलायुक्तों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान रोल ऑब्जर्बर की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता और अधिक मजबूत होगी।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रितु, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अपूर्व, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री राज कुमार लोहान तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026


